रायपुर, 20 मार्च 2026
बस्तर की वादियों में 22 मार्च को एक अनोखा और प्रेरणादायक आयोजन होने जा रहा है। बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 शांति, विश्वास और विकास का संदेश लेकर आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर के धावकों के साथ-साथ पुनर्वासित माओवादी कैडर भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।
मैराथन की शुरुआत लाल बाग मैदान, जगदलपुर से होगी और समापन एशिया के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात पर होगा। प्रतियोगिता में 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की विभिन्न श्रेणियां रखी गई हैं, ताकि हर वर्ग के धावक इसमें भाग ले सकें। प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की गई है।
इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि बस्तर संभाग के सातों जिलों—सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर और कोंडागांव—से 200 से अधिक पुनर्वासित माओवादी युवा इसमें हिस्सा ले रहे हैं। यह भागीदारी बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव और मुख्यधारा में लौट रहे युवाओं की नई सोच को दर्शाती है।
लोन वर्राटू अभियान और पूना मारगेम जैसे पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से कई युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में नई पहचान बनाई है। अब वही युवा खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाने को तैयार हैं, जो बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक मजबूत संकेत है।
मैराथन न केवल खेल प्रतियोगिता है, बल्कि यह बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति और बदलते सामाजिक परिदृश्य का प्रतीक बनकर उभर रही है। साल के घने जंगलों और सुरम्य मार्गों से गुजरते हुए धावक बस्तर की विरासत और प्रकृति का अनूठा अनुभव करेंगे।
यह आयोजन इस बात का संदेश देता है कि बस्तर अब हिंसा की छाया से निकलकर खेल, साहस और सकारात्मक बदलाव की नई पहचान गढ़ रहा है।


