बेमेतरा_03 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले को पूर्ण साक्षर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कलेक्टोरेट के दिशा सभाकक्ष में ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ, एडीएम और समस्त विभाग प्रमुखों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के उन व्यक्तियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जो किन्हीं कारणों से औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री चतुर्वेदी और नोडल अधिकारी खोमलाल साहू ने कार्यक्रम की अब तक की प्रगति और पंजीकृत शिक्षार्थियों की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।बैठक के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई कि आगामी 22 मार्च को जिले भर में एक ‘महापरीक्षा’ (FLNAT – प्रारंभिक साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आकलन परीक्षा) का आयोजन किया जाएगा।
इस परीक्षा के माध्यम से पंजीकृत असाक्षर भाई-बहनों के मूलभूत पढ़ने, लिखने और गणना करने के कौशल का आकलन किया जाएगा। कार्यक्रम का व्यापक विजन केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए बुनियादी शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, व्यावसायिक कौशल और महत्वपूर्ण जीवन रक्षक कौशलों को बढ़ावा देकर शिक्षार्थियों को समाज में एक सम्मानजनक स्थान दिलाना है।
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि 22 मार्च को होने वाली परीक्षा में सभी पंजीकृत शिक्षार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिले के सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सक्रिय भूमिका निभाने कहा ताकि बेमेतरा जिला जल्द से जल्द पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल कर सके। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को जिले को साक्षर बनाने की शपथ भी दिलाई गई।
इस अवसर पर जिला जेल अधीक्षक, सभी जनपद सीईओ, शिक्षा विभाग के अधिकारी और डाइट (DIET) बेमेतरा के प्राचार्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जनहित में उठाए जाने वाले प्रमुख कदम (Key Steps for Public Welfare)
15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को बुनियादी पढ़ना-लिखना और गणितीय गणना सिखाना, ताकि वे दैनिक कार्यों में आत्मनिर्भर बन सके। साक्षरता के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता, वित्तीय जागरूकता (जैसे बैंकिंग कार्य) और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना। शिक्षा के माध्यम से समाज के वंचित वर्ग को सामाजिक सहभागिता के लिए प्रेरित करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करना।
महापरीक्षा का आयोजन: 22 मार्च को आयोजित होने वाली परीक्षा के माध्यम से शिक्षार्थियों की दक्षता का मूल्यांकन करना और उन्हें आगे की शिक्षा या कौशल विकास के लिए प्रोत्साहित करना साथ ही सभी सरकारी विभागों को एक साथ जोड़कर यह सुनिश्चित करना कि कोई भी पात्र व्यक्ति शिक्षा के इस लाभ से वंचित न रहे।


