शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने इस पर विरोध जताते हुए इस वर्ष होली न मनाने का ऐलान किया है।
रायपुर_02/03/2026
राजधानी रायपुर के तूता इलाके में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी परियोजना इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। जहाँ एक ओर सरकार इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि मान रही है, वहीं दूसरी ओर पेड़ों की कटाई ने इसे एक राजनीतिक और सामाजिक विवाद में बदल दिया है।
मुख्य विवाद: पेड़ों की कटाई और राजनीतिक विरोध
फिल्म सिटी के लिए तय की गई जमीन पर पेड़ों की कटाई शुरू होते ही कांग्रेस और स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने अपना पक्ष रखा है जिसमें शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री कुमार मेनन ने पेड़ों की कटाई के विरोध में इस वर्ष होली न मनाने का ऐलान किया है। कांग्रेस का दावा है कि लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में हरियाली को नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
भाजपा ने पलटवार किया है ,भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कांग्रेस के इस विरोध को राजनीति से प्रेरित बताते हुए इसकी निंदा की है। सरकार का तर्क है कि इस प्रोजेक्ट से राज्य में रोजगार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।
फिल्म जगत का नजरिया: मोना सेन का समर्थन
छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत की जानी-मानी हस्ती सुश्री मोना सेन ने इस परियोजना का पुरजोर समर्थन किया है। उनका मानना है कि:
इससे स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय मंच प्राप्त होगा। फिल्म सिटी से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म मिलेगा।साथ ही रोजगार और प्रशिक्षण का लाभ के साथ अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस फिल्म सिटी में युवाओं को न केवल काम मिलेगा, बल्कि तकनीकी दक्षता का प्रशिक्षण भी प्राप्त होगा।
आर्थिक विकास की दिशा में यह परियोजना छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को एक नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।
टूरिज्म बोर्ड की सफाई: ‘हरित विकास’ का दावा
बढ़ते विवाद को देखते हुए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने स्थिति स्पष्ट की है। बोर्ड के अनुसार, यह परियोजना केवल कंक्रीट का ढांचा नहीं है, बल्कि एक ‘ग्रीन डेवलपमेंट मॉडल’ पर आधारित है।
“हम पर्यावरण संरक्षण और संतुलित वृक्षारोपण को प्राथमिकता दे रहे हैं। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना हमारी प्रतिबद्धता है।” – छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड
बोर्ड ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि संवाद और सहभागिता के माध्यम से ही इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा।
खबर निष्कर्ष विकास के नाम पर हरियाली को हटाना क्या सही है।रायपुर की यह फिल्म सिटी परियोजना जहाँ छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान का सपना दिखाती है, वहीं पर्यावरण के प्रति उठते सवाल इसकी राह में बड़ी चुनौती हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार विकास और प्रकृति के बीच का यह संतुलन कैसे साधती है।


