ठगी के शिकार युवाओं को पैसे मिलेंगे या नहीं.?जब्ती खबरों में नकदी या संपत्ति जब्त होने का स्पष्ट उल्लेख नहीं,जांच जारी है।
रायपुर, 21 फरवरी 2026
राजधानी रायपुर के विधानसभा इलाके में फर्जी ऑफिस चला कर सरकारी नौकरी व MBBS डिग्री का झांसा देने वाले गिरोह का सिविल लाइन पुलिस ने भंडाफोड़ किया। मास्टरमाइंड नरेश मनहर—खुद दसवीं पास—ने 52 लोगों से 2 करोड़ 34 लाख रुपये ठगे।
गिरोह का फर्जी दस्तावेज जब्त
आरोपी फर्जी नियुक्ति पत्र स्पीड पोस्ट से भेजता, दिल्ली पोस्ट ऑफिस डायरेक्टर बन पोस्टमास्टर-पोस्टमैन नौकरी का लालच देता। MBBS डिग्री (‘डॉ. डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी’) प्रति 50 लाख में बेचता। पुलिस ने छापे में लैपटॉप, फर्जी सील व नोट गिनती मशीन बरामद की।छत्तीसगढ़ पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनसे ठगी में प्रयोग में लाए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए हैं।
केस में चार आरोपी गिरफ्तार
नरेश मनहर, भुनेश्वर बंजारे, हीरा दिवाकर व राकेश रात्रे को भारतीय न्याय संहिता के तहत गिरफ्तार किया गया। जांच जारी, अन्य सदस्यों की तलाश।भुनेश्वर का काम आवेदकों से पैसे वसूलना और फर्जी कॉल करना था, जबकि हीरा और राकेश दस्तावेजों की छंटाई और बैंक खातों के संचालन में मदद करते थे।
जनता से पुलिस की अपील
युवा सतर्क रहें—सरकारी नौकरी या डिग्री के नाम पर बिना सत्यापन पैसे न दें। संदिग्ध जानकारी तुरंत पुलिस को सूचित करें।


