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Tuesday, July 21, 2026

माओवादी उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता: सुरक्षाबलों ने ध्वस्त किए 4 अवैध नक्सली स्मारक

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यह बस्तर में माओवादी उन्मूलन अभियान का हिस्सा है, जहां हाल ही में कई स्मारक ध्वस्त हो चुके हैं। नक्सल मुक्त भारत की समय सीमा 31 मार्च 2026।

बीजापुर, 21 फरवरी 2026

पूरे देश के 80 प्रतिशत नक्सली साया छत्तीसगढ़ को माना जाता है। जहां माओवाद समाप्त कर राज्य को विकास की दिशा में ले जाना केंद्र सरकार और राज्य सरकार का संयुक्त मुहिम बना हुआ है।बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए 20 फरवरी को दोपहर बाद थाना फरसेगढ़ और थाना तर्रेम क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई की। इस दौरान कुल चार अवैध माओवादी स्मारकों को ध्वस्त कर दिया गया, जो नक्सल हिंसा के प्रतीक थे।

फरसेगढ़ में 15 फीट ऊंचा स्मारक ढहाया
थाना फरसेगढ़ के अंतर्गत FOB पील्लूर और केरिपु 214वीं वाहिनी के जवानों ने नीलमड़गु के जंगलों में निर्मित लगभग 15 फीट ऊंचे अवैध माओवादी स्मारक को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में सघन सर्चिंग भी की गई, जिससे कोई नक्सली घटना नहीं हुई।

जंगलों के बीच तीन स्मारकों का सफाया
इसी क्रम में थाना तर्रेम क्षेत्र के पेद्दागेलुर और कोत्तागुड़ा जंगलों में केरिपु 153वीं वाहिनी के सुरक्षाबलों ने तीन अन्य अवैध स्मारकों को गिरा दिया। ये स्मारक नक्सली अपने मृत साथियों की स्मृति में बनाते थे, जो भय का माहौल बनाए रखने का माध्यम थे।

बस्तर से माओवाद मुक्त संकल्प: अभियान जारी
सुरक्षा बलों का स्पष्ट कहना है कि माओवाद के पूर्ण उन्मूलन, क्षेत्र में शांति-सुरक्षा तथा विकास की स्थापना के लिए ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी। बस्तर अंचल में बढ़ती सक्रियता से नक्सली गतिविधियां कमजोर पड़ रही हैं, और स्थानीय ग्रामीणों में विश्वास बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में और सशक्त अभियान की योजना है।


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