भारत–बांग्लादेश संबंध अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार के साथ भारत का यह प्रयोग आवाम-आधारित विदेश नीति—यदि सफल रहा, तो यह दक्षिण एशिया में भारत की कूटनीति के लिए एक नया मॉडल बन सकता है। हालांकि, पूर्व के अनुभव यह भी बताते हैं कि इस रिश्ते में सतर्कता, संवाद और संतुलन ही दीर्घकालिक स्थिरता की कुंजी होंगे।
नई दिल्ली/ढाका/18/02/2026
बांग्लादेश में के नेतृत्व में लोकतांत्रिक सरकार के गठन के बाद भारत ने अपने इस अहम पड़ोसी के साथ संबंधों को लेकर रणनीतिक पुनर्संतुलन की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। पूर्व के अनुभवों को देखते हुए भारत के सामने अब चुनौती है कि वह बांग्लादेश के साथ “ना बहुत दूर, ना बहुत पास” की व्यावहारिक और संतुलित नीति अपनाकर आगे बढ़े, क्योंकि बीते वर्षों का अनुभव अत्यधिक सामंजस्यपूर्ण नहीं रहा है।
अब तक भारत की बांग्लादेश नीति का केंद्र मुख्यतः पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी रही है। इस दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग, सीमा प्रबंधन और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर प्रगति जरूर हुई, लेकिन जनस्तर पर विश्वास और व्यापक राजनीतिक सहमति की कमी भी महसूस की गई।
नीति में बदलाव का संकेत
तारिक रहमान सरकार के गठन के बाद भारत ने संकेत दिया है कि वह अब बांग्लादेश को केवल किसी एक दल या नेतृत्व के नजरिए से नहीं, बल्कि बांग्लादेश की आवाम और लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से देखेगा। भारत के विदेश सचिव के हालिया ढाका दौरे ने इस बदले हुए दृष्टिकोण को स्पष्ट कर दिया। उनके संदेश का सार यह रहा कि भारत, बांग्लादेश की चुनी हुई सरकार के साथ-साथ वहां की जनता की अपेक्षाओं और संवेदनशीलताओं को भी प्राथमिकता देगा।
‘ना दूरी, ना नजदीकी’ की कूटनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए बांग्लादेश के साथ संबंधों में अत्यधिक नजदीकी या खुली दूरी—दोनों ही विकल्प जोखिम भरे हो सकते हैं।
अत्यधिक नजदीकी से बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में भारत समर्थक–विरोधी विमर्श तेज हो सकता है।
अत्यधिक दूरी से चीन जैसे बाहरी प्रभावों के लिए जगह बन सकती है, जो भारत के रणनीतिक हितों के विपरीत होगा।
ऐसे में भारत की नई नीति का आधार व्यावहारिक सहयोग, आपसी सम्मान और गैर-हस्तक्षेप होना तय माना जा रहा है—जहां व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग जारी रहे, लेकिन राजनीतिक संतुलन और जनभावनाओं का भी ध्यान रखा जाए।


