चेन्नई/रायपुर | 29 दिसंबर
सोमवार को चेन्नई में आयोजित संसद की एस्टीमेट कमेटी की बैठक में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में रायपुर सांसद एवं कमेटी के वरिष्ठ सदस्य श्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ को विशेष प्राथमिकता देते हुए नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ठोस और व्यावहारिक सुझाव रखे।
बैठक में ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ NTPC, NHPC, PFC, REC, SECI और IREDA के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि थर्मल एनर्जी की तुलना में सौर ऊर्जा की प्रति यूनिट लागत कम है, ऐसे में देशभर में विशेषकर छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि भूमि अधिग्रहण की जटिलताओं को कम करने के लिए सरकारी भूमि को 30 वर्षीय लीज़ पर उपलब्ध कराने जैसे विकल्प अपनाए जाएं, जिससे बड़े सौर प्रोजेक्ट्स को गति मिल सके।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा पावर उत्पादक राज्य है, लेकिन नवीकरणीय ऊर्जा में इसकी हिस्सेदारी अभी अपेक्षाकृत कम है। श्री अग्रवाल ने NTPC सहित सभी संबंधित एजेंसियों से राज्य में ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं का अनुपात बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि छत्तीसगढ़ भारत के नेट ज़ीरो और ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों में अग्रणी भूमिका निभा सके।
बैठक में PFC और REC की बेहतर हुई वित्तीय स्थिति पर भी चर्चा हुई। श्री अग्रवाल ने कहा कि NPA में आई कमी से इन संस्थानों की मजबूती बढ़ी है, जिसका उपयोग छत्तीसगढ़ समेत देशभर में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को सस्ती वित्तीय सहायता देने में किया जाना चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभरेगा, जिससे निवेश, रोजगार और सतत विकास को नई गति मिलेगी।


