डिजिटल बीट पुलिसिंग की ताकत देखिए कि फोटो पोस्ट होने के महज 15 से 20 मिनट के भीतर ग्राम ओटेबंध के ग्रामीणों ने बच्चे को पहचान लिया।
छत्तीसगढ़/ बेमेतरा | 18 दिसंबर, 2025
बेमेतरा पुलिस की ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ और तकनीकी सूझबूझ ने एक बार फिर मानवता की रक्षा की मिसाल पेश की है। पुलिस महानिरीक्षक (IG) दुर्ग रेंज, श्री रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में शुरू किए गए ‘सायबर प्रहरी अभियान’ ने एक मासूम बच्चे को उसके परिजनों से मिला कर यह साबित कर दिया है कि तकनीक और तत्परता का संगम किसी भी चुनौती को हरा सकता है।
महज 20 मिनट में सुलझी गुत्थी।
मामला सिटी कोतवाली बेमेतरा क्षेत्र का है, जहाँ ग्राम खिलोरा के कोटवार घासीदास ने एक लावारिस बच्चे को थाने पहुँचाया। बच्चा घबराया हुआ था और अपना नाम-पता बताने में असमर्थ था। थाना प्रभारी मयंक मिश्रा ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन और अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह व श्रीमती कौशिल्या साहू (SDOP) के मार्गदर्शन में बच्चे की तस्वीर ‘सायबर प्रहरी’ व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा की गई।
बीमारी और अनहोनी के बीच ‘देवदूत’ बनी पुलिस
परिजनों ने बताया कि बालक मिर्गी का मरीज है और सुबह बिना बताए कहीं निकल गया था। परिजनों की स्थिति बेहद नाजुक थी, वे अनहोनी की आशंका से डरे हुए थे। जैसे ही पुलिस ने बच्चे को उनके सुपुर्द किया, माता-पिता की आँखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने बेमेतरा पुलिस की त्वरित कार्यवाही के लिए एसएसपी रामकृष्ण साहू और पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया।
क्या है ‘सायबर प्रहरी’ अभियान?
यह अभियान दुर्ग रेंज में सायबर अपराधों के नियंत्रण और त्वरित सूचना तंत्र विकसित करने के लिए चलाया जा रहा है। इसके तहत बीट स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जो पुलिस और जनता के बीच ‘रियल-टाइम’ सूचना के आदान-प्रदान का माध्यम बन रहे हैं।


