“छत्तीसगढ़” में सम्मेलन होना राज्य का ऐतिहासिक,राष्ट्रीय रणनीति एवं राजनीतिक महत्व को दर्शाता है”
रायपुर /छत्तीसगढ़_01/12/2025
नवा रायपुर स्थित IIM में आयोजित 60वां अखिल भारतीय DGP–IG सम्मेलन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के साथ संपन्न हुआ। तीन दिवसीय इस सम्मेलन की थीम “विकसित भारत: सुरक्षा आयाम” रही, जिसमें देशभर के पुलिस महानिदेशक, महानिरीक्षक, केंद्रीय एजेंसियों और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
सम्मेलन के समापन सत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य की भारतीय पुलिस व्यवस्था तकनीक और जनता के भरोसे पर आधारित होगी। उन्होंने सभी राज्यों की पुलिस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, फॉरेंसिक-लीड इन्वेस्टिगेशन, साइबर मॉनिटरिंग और NATGRID जैसी डिजिटल प्रणालियों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
पीएम ने कहा कि बदलते अपराध तंत्र और तकनीक के दौर में पुलिस को स्मार्ट, प्रोफेशनल, संवेदनशील और जवाबदेह बनना होगा।उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बनाने को “तत्काल आवश्यकता” बताते हुए कहा कि सेवा-उन्मुख पुलिसिंग ही विकसित भारत की सुरक्षा व्यवस्था की नींव बनेगी।
नक्सलवाद एवं उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए नई रणनीतियाँ साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा
महिला-बाल सुरक्षा,ड्रग-ट्रैफिकिंग रोकथाम,आपदा एवं आपात प्रबंधन सहित नई आपराधिक न्याय प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
पहली बार यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ में आयोजित हुआ, जो लंबे समय तक नक्सलवाद प्रभावित रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और आधुनिक पुलिसिंग पर देशभर के शीर्ष अधिकारियों की रणनीति-निर्माण का केंद्र बनने के कारण इस आयोजन को “ऐतिहासिक” माना जा रहा है।


