नई दिल्ली: 18 नवंबर 2025
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में शराब को टेट्रा पैक में बेचने की प्रथा पर सख्त टिप्पणी करते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की पैकेजिंग आम लोगों और खासकर बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक और भ्रमित करने वाली हो सकती है।
🚨 सुप्रीम कोर्ट की मुख्य टिप्पणियां:
जूस जैसा दिखना :_ कोर्ट ने टेट्रा पैक में रखी व्हिस्की को देखकर आश्चर्य व्यक्त किया और टिप्पणी की, “यह क्या है, जूस का पैकेट?” जजों ने कहा कि पैकेजिंग देखने में बिल्कुल भी शराब जैसी नहीं लगती, बल्कि जूस या अन्य पेय पदार्थों के पैकेट जैसी दिखती है।
👉 बच्चों तक आसान पहुँच का खतरा: माननीय पीठ ने चिंता जताई कि इस भ्रामक पैकेजिंग के कारण स्कूली बच्चे इसे आसानी से अपने बैग में ले जा सकते हैं, और माता-पिता भी इसका पता नहीं लगा पाएंगे।
राजस्व बनाम जन स्वास्थ्य: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि वे जन स्वास्थ्य के बजाय राजस्व (Revenue) को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि सरकारें लोगों के स्वास्थ्य के साथ व्यापार कर रही हैं।
चेतावनी का अभाव: पीठ ने यह भी नोट किया कि टेट्रा पैक पर शराब से संबंधित वैधानिक (Statutory) चेतावनियां भी नहीं हैं।
यह टिप्पणी दो शराब कंपनियों के बीच ट्रेडमार्क विवाद की सुनवाई के दौरान की गई, जब कोर्ट के सामने व्हिस्की के टेट्रा पैक प्रदर्शित किए गए।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इस मुद्दे को ‘बहुत गंभीर’ सार्वजनिक हित का मामला बताया और पक्षों से आग्रह किया कि वे जनहित में टेट्रा पैक के मुद्दे पर विचार करें।


