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Saturday, March 7, 2026

क्या दीवाली अमावस्या पर विजय प्राप्त करेगी?

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यह अपने आप में गहरा प्रतीकात्मक प्रश्न है, जो केवल रोशनी और अंधकार की बात नहीं करता, बल्कि समाज, चेतना और आत्मिक विकास की ओर भी इशारा करता है।

दीवाली विशेष/जनचौपाल 36 _20/10/2025

जब पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा होता है, तब गाँव की सीमा पर ग्राम-देवता जागते हैं। और जब पूरा देश सुकून की नींद में होता है, तब सरहद पर तैनात सिपाही अपनी नींद त्यागकर जागते हैं — ताकि बाकी सब चैन से सो सकें।बाहर की यह जागृति हमारी सुरक्षा का प्रतीक है। लेकिन सवाल यह है — क्या हम अंदर से भी जागे हैं?
हम हर साल दीवाली पर दीये जलाते हैं — घरों को सजाते हैं, मिठाइयाँ बाँटते हैं, पटाखे जलाते हैं। पर क्या यह रोशनी उस अंधकार को मिटा पाती है जो भीतर पसरा है?

अमावस्या केवल चंद्रमा की अनुपस्थिति नहीं है, यह चेतना के सूर्य के डूबने का प्रतीक भी है।इस अमावस्या की रात जब अधिकांश लोग अज्ञान की नींद में डूबे होते हैं, तब योगी जागते हैं।वे शरीर को त्यागकर आत्मा के तल में उतरते हैं। वे इस रात्रि को एक साधना के रूप में देखते हैं, जब बाहरी अंधकार भीतर की रोशनी को उकसाता है।

योगी इस अमावस्या पर जागते हैं — ताकि वे भीतर की अमावस्या को दीपावली में बदल सकें।
उनके लिए यह रात एक तप है, एक यज्ञ है — जहां अहंकार की आहुति दी जाती है और आत्मबोध की अग्नि प्रज्वलित होती है।पर आम जन क्या करते हैं?हम बस बाहर दीये जलाकर संतुष्ट हो जाते हैं। भीतर जहां भय, लोभ, नफरत, क्रोध और अज्ञान का अंधेरा है — वहाँ कोई दीप नहीं जलता।

समाज का अंधेरा अब केवल रातों का अंधकार नहीं रहा —
यह अंधकार है नैतिक पतन का, विचारहीनता का, संवेदना की मृत्यु का।
यह अंधकार है हिंसा का, अतिक्रमण का, प्रकृति के शोषण और मनुष्यता के पतन का तो क्या दीवाली इस अमावस्या पर विजय पा सकेगी?
यह प्रश्न केवल पर्व का नहीं है — यह आत्मपरीक्षण है।अगर हम हर साल सिर्फ परंपरा निभाकर लौट आते हैं,अगर हमारे दीये सिर्फ दीवारों पर जलते हैं, आत्मा में नहीं —तो दीवाली, अमावस्या पर कभी विजय नहीं पाएगी।

विजय तभी होगी, जब हम भीतर दीप जलाएँ।जब हम स्वयं उस रोशनी के वाहक बनें, जो केवल तेल और बाती से नहीं — तप, सेवा, साधना और आत्म-ज्ञान से जलती है।इस बार दीवाली मनाएँ —लेकिन सिर्फ बाहर नहीं, भीतर भी।क्योंकि दीप वही सच्चा है, जो अंधकार को केवल दूर नहीं करता — बल्कि उसे रूपांतरित करता है।

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