दण्डकारण्य क्षेत्र के 200 से अधिक माओवादी करेंगे आत्मसमर्पण
रायपुर/छत्तीसगढ़, 17 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन के इतिहास में आज का दिन एक बड़ी सफलता के रूप में दर्ज होने जा रहा है। राज्य शासन की व्यापक और मानवीय नक्सल-उन्मूलन नीति के परिणामस्वरूप दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 200 माओवादी कैडर, जिनमें कई वरिष्ठतम हार्डकोर सदस्य भी शामिल हैं, ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री (गृहमंत्री) विजय शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
इन सभी आत्मसमर्पित माओवादियों के औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह का आयोजन आज शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को सुबह 11:00 बजे जगदलपुर के रिज़र्व पुलिस लाइन परिसर में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, “बस्तर की वास्तविक शक्ति उसके लोगों की आत्मनिर्भरता, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सम्मान में निहित है। इन्हीं मूल्यों पर आधारित शासन की नीति ने अब दण्डकारण्य के भीतरी इलाकों तक नई उम्मीद और परिवर्तन का संदेश पहुँचाया है।”
उन्होंने इस घटना को शांति, संवाद और विकास पर आधारित शासन नीति का ठोस परिणाम बताया और इसे “बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में निर्णायक मोड़” करार दिया।
राज्य सरकार ने बीते महीनों में सुरक्षा मोर्चे पर जहाँ सशक्त रणनीतिक कदम उठाए हैं, वहीं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से स्थायी शांति की आधारभूमि भी तैयार की है।
सूत्रों के अनुसार,जनवरी 2024 में भाजपा सरकार बनने के बाद अब तक 2100 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया,1785 गिरफ्तार हुए हैं तथा 477 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए हैं।
यह सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों की रणनीतिक मुहिम,स्थानीय प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों और समाज की रचनात्मक भागीदारी का संयुक्त परिणाम है।


