छत्तीसगढ़ में ‘गाय’ को मिलेगा ‘राज्य माता’ का दर्जा।
रायपुर |छत्तीसगढ़ 13 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ में गाय को अब ‘राज्य माता’ का दर्जा दिया जाएगा। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसका औपचारिक ऐलान बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा के समापन अवसर पर किया।
राजधानी रायपुर में आयोजित हनुमत कथा महोत्सव के अंतिम दिन मुख्यमंत्री अपनी पत्नी कौशिल्या साय और कई मंत्रियों के साथ पहुंचे थे।
इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से मांग की थी कि गौ माता को छत्तीसगढ़ में ‘राज्य माता’ का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद जरूरी है, जिससे राज्य में गौ-संरक्षण को नया आयाम मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पं.धीरेंद्र शास्त्री की इस मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की कि राज्य सरकार गाय को ‘राज्य माता’ का दर्जा देगी। उन्होंने कहा:
“गाय हमारी संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ में गौ-सेवा और संरक्षण की भावना को और मजबूती देने के लिए इसे राज्य माता का दर्जा देना हमारा कर्तव्य है।”
राजनीतिक और धार्मिक हलचल
मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
हिन्दू संगठनों और संत समाज ने इस फैसले का स्वागत किया है।
वहीं, विपक्षी दलों ने इसे धार्मिक भावनाओं को भुनाने की कोशिश बताया है।
कांग्रेस का कहना है कि इससे असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।
क्या होगा असर?
‘राज्य माता’ का दर्जा मिलने के बाद गौ-संरक्षण के लिए खास योजनाएं बनाई जा सकती हैं।
चारे, आश्रय और देखभाल के लिए बजट बढ़ाया जा सकता है।
गोशालाओं को भी सरकारी सहायता मिलने की संभावना है।
सरकार जल्द ही इसे कैबिनेट में पेश कर अधिसूचना जारी कर सकती है।
नोट:
यह एक developing story है।
सरकारी अधिसूचना जारी होने तक और जानकारी का इंतजार है।


