“छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को युवा प्रतिभाओं ने दी नई उड़ान :
रायपुर/छत्तीसगढ़ :_5 अक्टूबर 2025
प्रभु श्रीराम के ननिहाल तथा माता शबरी की पावन भूमि पर हुए इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती सदा से साहित्य, संस्कृति और कला की पावन धरा रही है।
उन्होंने महाकवि कालिदास, गजानन माधव मुक्तिबोध और पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जैसे महान साहित्यकारों का स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में रचनात्मक प्रतिभाओं को निरंतर आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने रायगढ़ के संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं से चयनित विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह मंच युवा कवियों को देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों से सीधा मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर देगा, जिससे उनकी रचनात्मकता को नई दिशा मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति गीत, नृत्य और भावनाओं का जीवंत संगम है। खेतों की बुआई के समय गूंजने वाली ददरिया की मधुर ध्वनि और विविध लोककलाओं की परंपरा यहाँ की पहचान है।
उन्होंने युवा कवियों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
सम्मेलन में शशिकांत यादव, दिनेश बावरा, नीलोत्पल मृणाल, कविता तिवारी और मनु वैशाली जैसे प्रसिद्ध कवियों ने अपनी ओजपूर्ण और भावनात्मक कविताओं से सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंजता रहा।
प्रतियोगिता में बिलासपुर की निधि तिवारी ने प्रथम, मीरा मृदु ने द्वितीय और कोरिया की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू सहित जनप्रतिनिधि, साहित्यकार और बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।


