गृह मंत्री ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाने और मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
बस्तर /छत्तीसगढ़/04/10/2025
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित ऐतिहासिक बस्तर दशहरा महोत्सव में आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संबोधित करते हुए क्षेत्र के सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक पहलुओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने माँ दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ बस्तर की समृद्ध परंपराओं का अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
नक्सलवाद पर सख्त रुख
अमित शाह ने कहा कि ‘‘31 मार्च 2026 के बाद नक्सलवाद बस्तर के विकास और यहाँ के लोगों के अधिकारों को रोक नहीं पाएगा।’’ उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी हथियार उठाकर शांति भंग करने की कोशिश करेगा, उसे सशस्त्र बल, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस मिलकर कठोर जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रम फैलाते रहे कि नक्सलवाद विकास की लड़ाई है, लेकिन वास्तव में उसी नक्सलवाद ने बस्तर को विकास से वंचित रखा।
संस्कृति और परंपरा का गौरव
श्री शाह ने बस्तर दशहरा की 1874 से चली आ रही मुरिया दरबार प्रणाली, न्यायिक परंपरा और जनसंवाद की संस्कृति को ‘‘वैश्विक धरोहर’’ करार दिया। उन्होंने कहा कि 14वीं शताब्दी से शुरू हुई माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा ने बस्तर को सांस्कृतिक चेतना से जोड़ा और आज बस्तर दशहरा, यहाँ की वेशभूषा, भोजन, कला और वाद्य यंत्र पूरी दुनिया में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं।
विकास और आत्मनिर्भर भारत का संदेश
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दस वर्षों में छत्तीसगढ़ को 4.40 लाख करोड़ रुपए की सहायता दी है। ‘‘देश के हर गाँव तक बिजली, जल, सड़क, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त अनाज की सुविधा पहुँची है, परंतु बस्तर अब भी विकास की दौड़ में पीछे है’’—इसे आगे लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूर्णतः समर्पित हैं।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी संकल्प भारत को विश्व की सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बना सकता है। ‘‘जब 140 करोड़ भारतीय स्वदेश निर्मित वस्तुएँ अपनाएँगे, तो हमें कोई नहीं रोक सकता।’’
स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का आह्वान
श्री शाह ने स्वदेशी जागरण मंच की पहल को सराहते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लंबे समय से स्वदेशी पर बल दे रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों और नागरिकों से आग्रह किया कि ‘‘हर घर और हर दुकान में विदेशी वस्तुओं की जगह स्वदेशी उत्पादों को अपनाएँ।’’
आदिवासी सम्मान और सामाजिक समरसता
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने आदिवासी समाज के सम्मान में अनेक योजनाएँ आरंभ की हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘‘एक आदिवासी महिला का देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचना हमारे लिए गर्व का विषय है, जो प्रधानमंत्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है।’’
जनजीवन से जुड़ी राहत और आर्थिक सुधार
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि हाल ही में सरकार ने 395 वस्तुओं पर जीएसटी में राहत दी है। ‘‘खाने-पीने की वस्तुएँ कर-मुक्त हैं और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं पर मात्र पाँच प्रतिशत कर रखा गया है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘जिससे माताओं-बहनों को बड़ी राहत मिली है।’’
गृह मंत्री अमित शाह का जगदलपुर से संदेश स्पष्ट था—बस्तर केवल परंपरा और संस्कृति का प्रतीक नहीं, बल्कि नए भारत के आत्मनिर्भर और नक्सलमुक्त भविष्य की दिशा में अग्रसर क्षेत्र है।


