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11 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सौंपा ज्ञापन, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

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पंडरिया।5 सितम्बर 2025
भारतीय मजदूर संघ (BMS) की पंडरिया इकाई ने गुरुवार को स्थानीय कारखाना प्रबंधन को 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। संघ ने आरोप लगाया कि विगत कई महीनों से श्रमिकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है और पूर्व में हुए समझौतों का पालन नहीं किया गया है। यदि सात दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।
संघ के अनुसार, लंबे समय से कार्यरत ठेका श्रमिकों को काम से बाहर कर दिया गया है, जबकि उनकी वरीयता के आधार पर उन्हें वापस लिए जाने की मांग की जा रही है।

विशेष बात जून 2025 से श्रमिकों के वेतन भुगतान में भेदभाव का आरोप लगाया गया है। संघ ने कहा कि यदि जुलाई माह से सभी कर्मचारियों का वेतन एक साथ नहीं दिया गया तो बिना सूचना के “टूल डाउन” आंदोलन किया जाएगा।

हड़ताल का वेतन और वेतन वृद्धि प्रमुख मुद्दे
संघ ने अक्टूबर 2024 की हड़ताल का हवाला देते हुए बताया कि प्रशासनिक समझौते के बावजूद हड़ताल अवधि का वेतन अब तक नहीं दिया गया है। साथ ही, अनुभव और योग्यता के अनुसार जिन कर्मचारियों की वेतनवृद्धि होनी थी, उन्हें भी अनदेखा किया जा रहा है।

अन्य मांगें भी शामिल
पेराई सत्र 2024-25 में साप्ताहिक अवकाश का रोका गया भुगतान शीघ्र किया जाए।
‘ओम इंटरप्राइजेस’ एजेंसी को तत्काल हटाया जाए, जिससे कारखाना को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

ओम एजेंसी के सभी कर्मचारियों का रिकॉर्ड और अवकाश की जांच कराई जाए।
मार्च एवं अप्रैल 2025 में कार्यरत क्षेत्र सहायकों का लंबित वेतन भुगतान किया जाए।
टाइम ऑफिस प्रभारी द्वारा हो रहे भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त किया जाए।
श्रमिकों को अपने रोजगार संबंधी जानकारी पूछने की स्वतंत्रता दी जाए।

गन्ना विकास अधिकारी को हटाने की मांग
संघ ने गन्ना विकास अधिकारी श्री मेघराज को हटाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उनके द्वारा खराब गन्ना बीज की आपूर्ति के कारण किसानों और कारखाने को भारी नुकसान हुआ है। आरोप है कि पूर्व में 500–600 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन देने वाली फसल अब घटकर 200–250 क्विंटल रह गई है।
संघ का कहना है कि वर्तमान में कारखाने में मेंटनेंस कार्य जोरों से चल रहा है, लेकिन विभाग प्रमुखों की भूमिका सीमित होती जा रही है और उन्हें गैर-ज़रूरी बैठकों में उलझाकर विकास कार्य प्रभावित किया जा रहा है।

आंदोलन की चेतावनी
भारतीय मजदूर संघ ने साफ किया है कि यदि सात दिन के भीतर मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण ज़िम्मेदारी कारखाना प्रबंधन की होगी।
रिपोर्ट: संवाददाता, पंडरिया

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