छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष ने कहा भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा रही हैं
रायपुर, 25 अगस्त 2025।(छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा रही हैं। भारत ने प्राचीन काल से ही लोकतंत्र की भावना को आत्मसात किया है। विधानसभाएं लोकतंत्र को मजबूत करने का अहम माध्यम हैं, क्योंकि इन्हीं के जरिए जनता की आकांक्षाएं शासन की नीतियों में बदलती हैं।
डॉ.सिंह नई दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस में ‘भारत लोकतंत्र की जननी’ विषय पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जड़ों में ग्राम पंचायतों की परंपरा रही है, जहाँ सामूहिक निर्णय और चर्चा से विवादों का समाधान होता था। यही परंपरा आज भी लोकतंत्र की रीढ़ बनी हुई है।
डॉ सिंह ने संविधान सभा का उल्लेख करते हुए कहा कि 1946 में गठित यह सभा भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं की सर्वोच्च मिसाल रही है।
गौरतलब है कि यह सम्मेलन वीर विठ्ठल भाई पटेल, जो देश के प्रथम निर्वाचित भारतीय स्पीकर थे, की जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय इस सम्मेलन का शुभारंभ केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने किया।
इस अवसर पर देशभर से विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन में भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत करने तथा उसकी भूमिका को व्यापक बनाने पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
सीएम साय जापान दौरा
बस्तर के गौरव अविनाश तिवारी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ में निवेश पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बस्तर के होनहार अविनाश तिवारी से टोक्यो में मिले।छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापना को लेकर हुई सकारात्मक चर्चा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो में BOYES & MOORES INTERNATIONAL COMPANY, जापान के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर एवं बस्तर के गौरव श्री अविनाश तिवारी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश और उद्योग स्थापना की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे और निवेशकों को मिलने वाले सहयोग की जानकारी साझा की।
उल्लेखनीय है कि श्री अविनाश तिवारी, जो मूलतः बस्तर जिले के तोकापाल क्षेत्र के निवासी हैं और नवोदय विद्यालय, बारसूर (दंतेवाड़ा) के पूर्व छात्र रहे हैं, वर्तमान में जापान की प्रतिष्ठित कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिता डॉ. सुरेश तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भरोसा जताया कि श्री तिवारी जैसे युवा, जिन्होंने बस्तर की धरती से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, की सहभागिता से प्रदेश में उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि बस्तर की धरती से निकलकर वैश्विक मंच पर पहचान बनाने वाले प्रतिभाशाली युवा अब छत्तीसगढ़ के विकास में भी योगदान दे रहे हैं।


