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Saturday, March 7, 2026

डीआरआई ने भोपाल में अवैध दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग कारखाने का भंडाफोड़ किया,

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92 करोड़ रुपये कीमत की 61.2 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त; सात गिरफ्तार

Janchoupal 36
(18 AUG 2025 by PIB Delhi)

एक महत्त्वपूर्ण खुफिया सूचना के आधार पर, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने भोपाल में एक गुप्त मेफेड्रोन मैन्युफैक्चरिंग_कार_खाने का, एक सुनियोजित और समन्वित ऑपरेशन, जिसका कोड 
नाम “ऑपरेशनक्रिस्टलब्रेक” था, सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया। 

इस ऑपरेशन के दौरान सूरत और मुंबई पुलिस ने भी डीआरआई का  सहयोग किया,डीआरआई ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापे मारे और इस गिरोह के सात प्रमुख लोगों को गिरफ्तार  किया।

16.08.2025 को, ग्राम-जगदीशपुर (इस्लामनगर), हुजूर-तहसील,  जिला भोपाल, मध्य प्रदेश स्थित अवैध  निर्माण इकाई की तलाशी में  61.20 किग्रा मेफेड्रोन(तरल रूप में) बरामद और जब्त किया गया,  जिसकी अवैध बाजार में ₹92 करोड़ कीमत आंकी गई।

 इसके अतिरिक्त, 541.53 किलोग्रामकच्चामाल, जिसमें मेथिलीन डाइक्लोराइड, एसीटोन, मोनोमेथिलमाइन (एमएमए), हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एचसीएल), और 2-ब्रोमो शामिल हैं, के साथ-साथ प्रसंस्करण  उपकरणों का एक पूरा सेट भी जब्त किया गया।

एकांत परिसर में जानबूझकर चारों ओर से ढके हुए कारखाने पर डीआरआई अधिकारियों ने चतुराई से छापा मारा। मेफेड्रोन बनाने वाले  केमिस्ट  समेत दो लोग को अवैध उत्पादन प्रक्रिया में लिप्त पाया गया।

तत्परतापूर्वक की गई कार्रवाई में, ड्रग कार्टेल के एक प्रमुख शख्स को _बस्ती, उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार किया गया, जिसे भिवंडी (मुंबई) से _ भोपाल तक कच्चे माल की आपूर्ति की देख_रेख का काम सौंपा गया था।

 अवैध रूप से रसायन/ कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले दो आपूर्तिकर्ताओं को भी मुंबई में गिरफ्तार किया गया, साथ ही मुंबई से,भोपाल तक रसायनों/ कच्चे माल के परिवहन के लिए जिम्मेदार शख्स को भी 
गिरफ्तार किया गया।

शुरुआती जांच से यह भी पता चला है कि सूरत और मुंबई से हवाला के जरिए भोपाल में पैसा भेजा जा रहा था। पैसे के लेन देन के लिए  जिम्मेदार कार्टेल के एक करीबी सहयोगी को भी सूरत में गिरफ्तार किया गया,गिरफ्तार किए गए सभी सात लोगों ने भारत में मेफेड्रोन नेटवर्क के एक विदेशी संचालक और सरगना के निर्देश पर मेफेड्रोन के गुप्त निर्माण में अपनी-अपनी भूमिका को स्वीकार किया।

मेफेड्रोन,एक मनोविकार नाशक पदार्थ है जो स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के अंतर्गत सूचीबद्ध है। 

यह समाज के लिए एक गंभीर खतरा है क्योंकि इसमें मनो_सक्रिय गुण होते हैं और माना जाता है कि यह कोकीन और एम्फैटेमिन के सेवन  जैसा असर पैदा करता है।

यह पिछले एक साल में डीआरआई की ओर से बर्बाद की गई छठा गुप्त मेफेड्रोन कारखाना है,डीआरआई मादक दवाओं का निर्माण करने वाली अवैध फैक्ट्रियों को ध्वस्त करने और उनके मास्टरमाइंडों तथा इसमें शामिल अंतरराष्ट्रीय गिरोहों की तलाश में लगातार सक्रिय है।

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