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Saturday, March 7, 2026

जनजागरूकता :_ ‘मोबाइल गेम से आज़ादी’ मुहिम — पंचायत का अनोखा कदम

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मोबाइल गेम खेलने से कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं, आंखों पर असर, नींद में खलल, सामाजिक अलगाव, और आक्रामकता जैसी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हैं?

14 अगस्त 2025
राजनांदगांव/छत्तीसगढ़
JANCHOUPAL 36_

बच्चों में मोबाइल गेम की लत से बढ़ते मानसिक और शैक्षणिक नुकसान को देखते हुए, छुरिया ब्लॉक की गहिराभेड़ी ग्राम पंचायत ने एक साहसिक और अनूठा फैसला लिया है।

पंचायत ने तय किया है कि यदि गांव में कोई बच्चा PUBG या Free Fire जैसे ऑनलाइन गेम खेलते हुए पकड़ा गया, तो उसके पालकों से 5,000 रुपये का अर्थदंड वसूला जाएगा।

सूचना देने वाले को इनाम

पंचायत ने जागरूकता बढ़ाने के लिए सूचना देने वालों के लिए भी प्रोत्साहन रखा है। किसी बच्चे को इन गेम्स में लिप्त पाकर जानकारी देने वाले को 1,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसके लिए गांव के कोतवाल द्वारा बाकायदा मुनादी कराई गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, महीने में तीन बार इस नियम की घोषणा की जाती है। हालांकि अब तक एक भी अर्थदंड नहीं वसूला गया है, लेकिन मुनादी का असर साफ दिखने लगा है—गांव के बच्चों में गेमिंग का शौक कम हो रहा है।

बच्चों को पढ़ाई और खेलकूद की राह पर

ग्राम पंचायत का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई और पारंपरिक खेलकूद में वापस लाना है। सरपंच बेदबाई पोर्ते ने कहा,

“यह बच्चों को मोबाइल गेम की बुरी लत से दूर रखने का छोटा सा प्रयास है, जिसमें हमें काफी हद तक सफलता मिल रही है। आगे शराबबंदी को लेकर भी सख्ती की जाएगी।”

इस पहल को ग्रामीण एक प्रकार की “मोबाइल गेम से आज़ादी” मुहिम मान रहे हैं—जहां बच्चों को डिजिटल लत से मुक्त कर वास्तविक जीवन के खेल और शिक्षा की ओर लौटाया जा रहा है।





 

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