1 नवंबर छत्तीसगढ़ राज्योत्सव ‘अमृत रजत महोत्सव’ में पीएम मोदी को न्यौता,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में प्रधानमंत्री से की मुलाकात, राज्य की विकास योजनाओं की दी जानकारी
JANCHOUPAL36 NEWS | 05 अगस्त 2025
(Source: PIB Raipur)
नई दिल्ली में संसद भवन में हुई सौजन्य भेंट के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को 1 नवंबर 2025 को रायपुर में आयोजित होने वाले छत्तीसगढ़ राज्योत्सव – ‘अमृत रजत महोत्सव’ में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया।
यह अवसर राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ का होगा, जिसे भव्य स्तर पर मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार की भावी योजनाओं, विकास की प्राथमिकताओं और जनकल्याणकारी पहलों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है और राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में मजबूत पहचान बना रहा है।
राज्य के विकास की बड़ी झलकियां – ‘अंजोर विज़न @2047’
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ‘अंजोर विज़न @2047’ दस्तावेज तैयार किया है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार और पर्यावरण पर विशेष फोकस है।
जन विश्वास विधेयक 2025 से न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और नागरिकों की आसान पहुंच सुनिश्चित हुई।
SCRDA के माध्यम से नवा रायपुर को आधुनिक और स्मार्ट शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
औद्योगिक निवेश और रोज़गार
नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत सिंगल विंडो सिस्टम लागू होने से निवेशकों की रुचि बढ़ी है। नवंबर 2024 से जुलाई 2025 तक 84 कंपनियों से ₹6.65 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू।
टेक्सटाइल, फार्मा, रेडीमेड गारमेंट और आईटी सेवाओं को प्राथमिकता, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति
ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों के जरिये गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार।
रायपुर में मेडिसिटी और एडु सिटी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं, जिससे राज्य को मेडिकल हब के रूप में पहचान मिलेगी।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव
मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित इलाकों में पुनर्वास और विश्वास बहाली के प्रयासों का उल्लेख किया। बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन में लौटे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।


