नेता प्रतिपक्ष ने लगाए सवालों की झड़ी, उपमुख्यमंत्री ने कहा _“वर्तमान सरकार में सुशासन भी है और सुदर्शन भी”
रायपुर, 16 जुलाई 2025 | छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र – तीसरा दिन
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को भी तीखी नोकझोंक और तगड़ा राजनीतिक मंथन देखने को मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा भुगतान को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया, लेकिन उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तथ्यों और तीखे जवाबों से विपक्ष की घेराबंदी को पलटवार में तब्दील कर दिया।
सवाल नंबर 1: पीएम आवास योजना – पूर्णता का मापदंड क्या है?
डॉ. महंत ने सवाल उठाया — “क्या प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में आवास तभी पूर्ण माना जाता है जब शौचालय और मनरेगा कार्य जुड़ते हैं, या इनके बिना भी उसे पूर्ण घोषित कर दिया जाता है?”
जवाब में डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने स्पष्ट किया:
“आवास निर्माण की प्रक्रिया तीन किस्तों में होती है। अंतिम किस्त तभी जारी की जाती है जब निरीक्षण के बाद निर्माण कार्य संतोषजनक पाया जाता है। लेंटर लेवल के बाद भुगतान होता है और आवास को पूर्ण माना जाता है।”
सवाल नंबर 2: कबीरधाम में बैगा जनजाति से वसूली पर क्या कार्रवाई होगी?
महंत ने गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा — “क्या कबीरधाम जिले में बैगा जनजाति से आवास निर्माण में अवैध वसूली की शिकायतों पर कलेक्टर को निलंबित किया जाएगा?”
विजय शर्मा ने जवाब दिया:
“शिकायतें मिली हैं, जांच कराई जाएगी। पिछली सरकार के कार्यकाल में इन योजनाओं की बर्बादी हुई। अब विष्णुदेव साय सरकार में पारदर्शिता और जवाबदेही है।”
सवाल नंबर 3: दिव्यांग और अल्पसंख्यकों को कितना आवास मिला?
महंत ने आंकड़ों की मांग करते हुए पूछा — “आपकी सरकार ने दिव्यांगों और अल्पसंख्यकों को कितने आवास दिए?”
डिप्टी सीएम का जवाब:
“अब तक 5 दिव्यांगों और 14 अल्पसंख्यकों को आवास दिए गए हैं। हम पात्रता के आधार पर आगे भी आवंटन करेंगे।”
सवाल नंबर 4: मनरेगा भुगतान में देरी – जशपुर और बीजापुर का क्या होगा?
विपक्ष ने आरोप लगाया कि बीजापुर में केवल 38% भुगतान हुआ और जशपुर जैसे जिलों में मजदूरी रुकी हुई है।
विजय शर्मा ने जवाब में कहा:
“30 जून तक लेबर पेमेंट जारी कर दिया गया है। फिर भी जहां समस्याएं हैं, उनकी पुनः जांच की जाएगी।”
सियासी गर्मी: “लेटलतीफी आपकी सरकार की थी” – विजय शर्मा का पलटवार
नेता प्रतिपक्ष महंत ने अपनी बात रखते हुए कहा — “मेरे पास दस्तावेज़ और फोटो हैं, जिन्हें सदन के पटल पर रखने की अनुमति दी जाए।”
इस पर डिप्टी सीएम ने तल्ख टिप्पणी की —
“मुझे दुख हुआ कि नेताप्रतिपक्ष ने मुझे ‘घुमाने वाला’ कहा। जबकि इन्हीं की सरकार ने आवास योजना की कई फाइलों को लौटा दिया था, जिसके प्रमाण मेरे पास हैं। आज हम उन्हीं योजनाओं को जमीन पर ला चुके हैं जिन्हें कांग्रेस ने धूल खाने के लिए छोड़ दिया था।”
उपमुख्यमंत्री का संदेश: “यह सरकार सुशासन और सुदर्शन दोनों देती है”
विजय शर्मा ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा —
“वर्तमान सरकार किसी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में सुशासन भी है और सुदर्शन भी। यदि किसी के पास प्रमाण हैं तो सामने लाएं, निष्पक्ष जांच होगी।”
हंगामे के बीच सत्र स्थगित
विजय शर्मा के करारे जवाबों से कांग्रेस विधायक आक्रोशित हो गए। सदन में शोर-शराबा, नारेबाजी और टकराव के बाद अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
विश्लेषण: सवाल अपनी जगह, लेकिन जवाबों में आत्मविश्वास
विधानसभा की यह बहस बताती है कि विपक्ष योजनाओं की ज़मीनी स्थिति पर सवाल उठाने की भूमिका में है, जबकि सत्ता पक्ष तथ्यों के साथ जवाब देने में पीछे नहीं हट रहा।


