रायपुर/बेमेतरा | जनचौपाल36
पद्मश्री से सम्मानित छत्तीसगढ़ी हास्य कवि स्व. सुरेंद्र दुबे का हार्ट अटैक से निधन हो गया। रायपुर स्थित ACI अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश और विदेश में बसे उनके लाखों प्रशंसकों को गहरा आघात पहुंचा है।
बेमेतरा निवासी सुरेंद्र दुबे न केवल छत्तीसगढ़ी साहित्य के स्तंभ थे, बल्कि उन्होंने अपनी अनूठी हास्य-व्यंग्य शैली से अंतरराष्ट्रीय पहचान भी बनाई। 11 देशों में कविता पाठ कर चुके दुबे जी का अंदाज दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देता था। छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना हो या आम जनजीवन की बारीकियां—वे सबकुछ अपनी चुटीली भाषा में कहने का हुनर रखते थे।
वो आयुर्वेदाचार्य, लेखक, और मंत्रालय में ओएसडी जैसे पदों पर भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। लेकिन उनकी असली पहचान बनी—एक जनकवि की, जो माटी की महक को देश-विदेश तक पहुंचाने वाला था।
उनके निधन पर शोक व्यक्त करने वालों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री ओपी चौधरी, राजेश मूणत, कवि डॉ. कुमार विश्वास, तथा अनेक वरिष्ठ राजनेता, साहित्यकार और नागरिक शामिल हैं।
जनचौपाल 36 परिवार की ओर से स्वर्गीय सुरेंद्र दुबे जी को सादर श्रद्धांजलि एवं नमन।
अंतिम संस्कार कल किया जाएगा।


