रायपुर/छत्तीसगढ़:_प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “संकल्प से सिद्धि” अभियान का आयोजन किया गया था। मंगलवार को राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सीएम ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।शुभारंभ अवसर पर बातचीत के दौरान सीएम ने कही बड़ी बात इससे तो यही लग रहा कि अब छत्तीसगढ़ में फाइव डे वर्किंग सिस्टम खत्म करने की तैयारी है।
विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा वीकली वर्किंग डे को नव व्यवस्थित किया जाएगा ।साप्ताहिक कार्य दिवस की व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा के “फाइव डे वर्किंग को खत्म करने पर विचार करेंगे”, और यह भी बताया कि अधिकारी-कर्मचारी खुद 6 दिन कार्य दिवस करने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर जल्द फैसला लिया जा सकता है।
साप्ताहिक 5 दिन कार्य का फैसला पूर्व कांग्रेस सरकार का था। कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तरह 5 दिन सप्ताह में काम करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया था।
छत्तीसगढ़ में फाइव डे वर्किंग सिस्टम खत्म करने की तैयारी शुरू हो गई है, अब फिर से सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में छह दिन कार्यालय जाना होगा केवल रविवार को ही छुट्टी निर्धारित रहेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संकेत दिए हैं कि कर्मचारी को 6 दिन ऑफिस जाने विचार किया जाएगा और जल्द ही फैसला लिया जा सकता है। उनका कहना है कि अधिकारी और कर्मचारी खुद छह दिन कार्य दिवस करने की मांग कर रहे हैं ।
मुख्यमंत्री ने मीडिया को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि आप लोगों ने भी इस पर चिंता जताई थी इसलिए हमने यह विचार रखा है। पूर्व व्यवस्था की तरह ही सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में सिर्फ एक दिन रविवार की छुट्टी मिलेगी।कर्मचारियों को सोमवार से शनिवार तक कार्यालय जाना होगा।इस पर गृह विभाग ने शनिवार की छुट्टी समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इसे चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा ।
कर्मचारी संगठनों की राय अभी स्पष्ट नहीं है?
कर्मचारी संगठनों ने इस निर्णय पर नाराजगी जता विरोध दर्ज करा सकते है। उनका तर्क हो सकता है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह कर्मचारियों की उत्पादकता और कार्य-जीवन संतुलन दोनों के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा,और यह भी कह सकते है कि राज्य में कई पद खाली हैं और कर्मचारियों पर काम का बोझ अधिक है।
छत्तीसगढ़ में बड़ा बदलाव: फाइव डे वर्किंग सिस्टम खत्म करने की तैयारी


