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Sunday, August 16, 2026

इंडोनेशिया में भीषण भूकंप से तबाही 7.7 तीव्रता -51 लोगों की मौत, 100 से ज्यादा घायल

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न्यूज डेस्क -16 अगस्त 2026

हजारों लोग विस्थापित राहत-बचाव अभियान तेज इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसियां, सेना और पुलिस राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सहायता, भोजन, पानी और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने का काम भी चल रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक राहत कार्य में 3,500 से अधिक सैन्य और पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।

अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूरदराज के गांवों तक पहुंचना और भूस्खलन से बंद सड़कों को खोलना है।

खबर सूत्रों पर – इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। फ्लोरेस द्वीप और आसपास के इलाकों में इमारतें ढह गईं, भूस्खलन से सड़कें बंद हो गईं और कई गांवों का संपर्क टूट गया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 51 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत और बचाव अभियान अभी जारी है, इसलिए मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

सुबह 5:58 बजे आया शक्तिशाली भूकंप

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार शनिवार सुबह करीब 5:58 बजे आया। इसका केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में फ्लोरेस द्वीप के पास समुद्र के नीचे करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। इसका केंद्र एंडे शहर से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में बताया गया।

भूकंप की तीव्रता और कम गहराई के कारण इसका असर बड़े इलाके में महसूस किया गया। कई स्थानों पर मकान और अन्य इमारतें ढह गईं, जबकि भूस्खलन के कारण प्रमुख सड़क मार्ग भी बाधित हो गए।

भूकंप के बाद सुनामी का खतरा

भूकंप के तुरंत बाद अधिकारियों ने ईस्ट नुसा तेंगारा, वेस्ट नुसा तेंगारा, दक्षिण सुलावेसी और दक्षिण-पूर्व सुलावेसी के कुछ हिस्सों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने तथा समुद्र तट और नदी किनारे से दूर रहने की सलाह दी गई।

बाद में समुद्र के जलस्तर में बड़े बदलाव का खतरा नहीं पाए जाने पर सुनामी चेतावनी हटा दी गई। हालांकि, कुछ तटीय इलाकों में छोटी सुनामी लहरें दर्ज की गईं।

रिउंग में 1.61 मीटर ऊंची लहर
भूकंप के बाद समुद्र में उठी लहरों ने भी तटीय इलाकों में नुकसान पहुंचाया। रिउंग गांव में करीब 1.61 मीटर ऊंची लहर दर्ज की गई। इससे मछली पकड़ने वाली नावें किनारे पर फंस गईं और कुछ घरों तथा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

अन्य तटीय इलाकों में भी समुद्री लहरें दर्ज की गईं। इससे लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया।

लगातार आ रहे भूकंप के झटके

मुख्य भूकंप के बाद क्षेत्र में लगातार आफ्टरशॉक्स यानी भूकंप के बाद आने वाले झटके महसूस किए गए। शुरुआती रिपोर्टों में 235 से अधिक झटकों की जानकारी सामने आई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में आफ्टरशॉक्स की संख्या करीब 341 तक पहुंचने की बात कही गई है। सबसे शक्तिशाली आफ्टरशॉक की तीव्रता करीब 6.2 रही।

लगातार झटकों के कारण लोग घरों में लौटने से डर रहे हैं। कई लोगों ने खुले स्थानों और अस्थायी शिविरों में रात बिताई।

हजारों लोग घर छोड़ने को मजबूर

भूकंप के बाद करीब 5,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर खुले में रहने को मजबूर हैं। सिका इलाके में एक खेल परिसर को भी अस्थायी आश्रय स्थल के रूप में इस्तेमाल किया गया।

कई इलाकों में बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है। कुछ पेट्रोल पंप भी बिजली कटौती के कारण प्रभावित हुए।

सैकड़ों घर और सार्वजनिक इमारतें क्षतिग्रस्त

भूकंप से बड़े पैमाने पर आवासीय और सार्वजनिक ढांचे को नुकसान पहुंचा है।स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, चर्च और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं।

भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किलें
भूकंप के बाद कई इलाकों में भूस्खलन हुआ। मलबे और चट्टानों के सड़क पर गिरने से गांवों और कस्बों का संपर्क टूट गया। ट्रांस-फ्लोरेस हाईवे के प्रभावित होने से राहत सामग्री और बचाव दलों को दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है।

कुछ प्रभावित गांवों तक पहुंचने के लिए बचाव दलों को वैकल्पिक मार्गों और समुद्री रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।


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