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Saturday, October 3, 2026

वैश्विक खाद्य संकट की चेतावनी: विदेश मंत्री ने बताए तीन बड़े कारण

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डिजिटल डेस्क – 03/10/2026

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में आने वाले महीनों में बड़े वैश्विक खाद्य संकट की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और ईरान-खाड़ी क्षेत्र के संघर्षों से अनाज की आपूर्ति और उर्वरक उपलब्धता पर दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही Super El Niño की स्थिति चिंता को और बढ़ा सकती है।

संकट के मुख्य कारण
यूक्रेन युद्ध: रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण खासकर काला सागर क्षेत्र से अनाज की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।

पश्चिम एशिया का संघर्ष: ईरान-खाड़ी क्षेत्र में तनाव से ऊर्जा और उर्वरक आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है। उर्वरक की कमी का सीधा असर खेती की लागत और भविष्य के उत्पादन पर पड़ सकता है।

Super El Niño: मौसम की असामान्य स्थिति से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।

दुनिया पर संभावित असर
इन परिस्थितियों का सबसे ज्यादा असर विकासशील और गरीब देशों पर पड़ सकता है। अनाज, खाद्य तेल और कृषि लागत महंगी होने से खाद्य सुरक्षा पर दबाव बढ़ सकता है। जयशंकर ने ऊर्जा, भोजन, उर्वरक और वित्त—इन चारों क्षेत्रों पर एक साथ पड़ रहे दबाव को Global South के लिए गंभीर चुनौती बताया है।

भारत पर संभावित असर
भारत के लिए खाद्य तेल का आयात एक महत्वपूर्ण चुनौती है। नीति आयोग के अनुसार देश अपनी खाद्य तेल जरूरतों का करीब 55-60% आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों या आपूर्ति में बड़ा बदलाव घरेलू बाजार को प्रभावित कर सकता है।
उर्वरक की अंतरराष्ट्रीय कीमत बढ़ने पर सरकार पर सब्सिडी का दबाव भी बढ़ सकता है। वहीं महंगी ऊर्जा का असर परिवहन और कृषि लागत पर पड़ सकता है।

भारत की भूमिका
ऐसे वैश्विक संकट में भारत के लिए अपने खाद्य भंडार, घरेलू कृषि उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत रखना अहम होगा। साथ ही खाद्य कूटनीति के जरिए जरूरतमंद देशों के साथ सहयोग भी भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बना सकता है।

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