रायपुर के ऐतिहासिक रामसागर पारा में उमड़ा जनसैलाब, पोरा तिहार में भव्य बैला दौड़ और पारंपरिक प्रतियोगिताओं ने मोहा मन |
रायपुर (छत्तीसगढ़) 11 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और लोक-आस्था का प्रतीक ‘पोरा तिहार’ रायपुर के ऐतिहासिक स्थल रामसागर पारा में अभूतपूर्व उत्साह और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। ‘छत्तीसगढ़ पारंपरिक पोरा तिहार उत्सव समिति’ एवं स्थानीय निवासियों के सहयोग से पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के संरक्षण में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा और पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत स्वरूप
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने समस्त प्रदेशवासियों, माताओं, बहनों, युवाओं और बुजुर्गों को पोरा तिहार की बधाई देते हुए कहा:
“छत्तीसगढ़िया तिहार हमर पुरखा के तिहार है। अपनी इस समृद्ध संस्कृति और परंपरा को सहेजना तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का परम कर्तव्य है। रामसागर पारा में सदियों से चली आ रही इस परंपरा को आज भी पूरे क्षेत्रवासी उसी उमंग और भक्ति-भाव के साथ जीवंत रखे हुए हैं।”
बैला दौड़ और पारंपरिक करतब बने आकर्षण का केंद्र
उत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़ी कई पारंपरिक प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया।
भव्य बैला दौड़: दौड़ में बैल जोड़ियों के करतब और रफ्तार देख दर्शक रोमांचित हो उठे।
सांस्कृतिक प्रदर्शन: नांदिया बैला चलई और जांता चलई जैसी लुप्त होती परंपराओं का सजीव प्रदर्शन किया गया।
विजेताओं पर हुई पुरस्कारों की बौछार
प्रतियोगिता के उत्कृष्ट प्रतिभागियों और बैल जोड़ियों के उत्साहवर्धन हेतु पूर्व विधायक विकास उपाध्याय एवं आयोजन समिति की ओर से नकद पुरस्कार तथा विशेष उपहार वितरित किए गए:
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: ₹6,100 नगद
प्रथम पुरस्कार: ₹5,100 नगद
द्वितीय पुरस्कार: ₹4,100 नगद
तृतीय पुरस्कार: ₹3,100 नगद
सांत्वना पुरस्कार: भाग लेने वाली सभी बैल जोड़ियों को विशेष सम्मान राशि एवं सांत्वना पुरस्कार।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ‘छत्तीसगढ़ पारंपरिक पोरा तिहार उत्सव समिति’ और रामसागर पारा के निवासियों का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।


