रायपुर (छत्तीसगढ़)-11\09\2026
राजधानी रायपुर में नगर निगम की अनदेखी से परेशान होकर सामाजिक कार्यकर्ता विजय सोना ने जोन-05 कार्यालय के बाहर अर्धनग्न होकर उग्र प्रदर्शन किया। विजय सोना का कहना है कि वे लंबे समय से नगर निगम जोन-5 के कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यशैली के खिलाफ आवाज उठाते आ रहे हैं, लेकिन लगातार उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है|
स्मार्ट सिटी नहीं, ‘गड्ढापुर’ बनी राजधानी
सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि रायपुर को केवल दस्तावेजों में ‘स्मार्ट सिटी’ बनाया गया है, जबकि धरातल पर शहर गड्ढापुर में तब्दील हो चुका है। वामनराव लाखे वार्ड क्रमांक 66 (कुशालपुर) की मुख्य सड़कों व गलियों में गड्ढों की भरमार है, जहां से जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी रोजाना गुजरते हैं। इन्हीं गड्ढों के कारण मोहन पांडेय नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर 5 महीने तक बिस्तर पर पड़े रहे।
डेढ़ साल में 22 आवेदन, फिर भी फंड न होने का बहाना
विजय सोना ने बताया कि गड्ढे भरने और स्पीड ब्रेकर लगाने के लिए पिछले डेढ़ साल में 20 से 22 बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन जोन कमिश्नर हर बार ‘फंड नहीं है’ कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
प्रमुख मांगें:
- वार्ड 66 की सड़कों के गड्ढों की तत्काल मरम्मत और स्पीड ब्रेकर का निर्माण।
- पंकज गार्डन के सौंदर्यीकरण में हुए कथित घोटाले की जांच।
- विवादित कर्मचारी महेश बाघ को तत्काल निलंबित करने की कार्रवाई।
- जोन 05 कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था।


