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Friday, October 30, 2026
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बाल सुरक्षा और अधिकारों को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक

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गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल विवाह और नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारी।

सूरजपुर -12 सितंबर 2026:- छत्तीसगढ़ में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर विद्यालयों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सूरजपुर के साधुराम विद्या मंदिर में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल विवाह, नशे के दुष्प्रभाव और यातायात सुरक्षा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के बारे में सरल भाषा में समझाया गया। संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों और विधि के विरुद्ध कार्य करने वाले बच्चों के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के साथ बाल भिक्षावृत्ति रोकने तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े उपायों की जानकारी भी दी गई।

गुड टच-बैड टच और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी अनुचित या असहज व्यवहार की स्थिति में चुप न रहें और तत्काल किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। जरूरत पड़ने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से सहायता लेने की जानकारी भी दी गई। साइबर अपराध से बचने के लिए ओटीपी साझा नहीं करने, अनजान लोगों से वीडियो कॉल पर सावधानी बरतने और निजी फोटो सोशल मीडिया पर साझा नहीं करने की सलाह दी गई।

बाल विवाह और नशे के खिलाफ जागरूकता

‘बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान’ के तहत विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। उन्हें स्वयं जागरूक रहने और आसपास बाल विवाह की स्थिति सामने आने पर उसे रोकने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना बच्चे को गोद लेने या देने को अपराध बताते हुए दत्तक ग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।

‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे से होने वाले नुकसान बताए गए और स्वयं नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।

यातायात नियमों के पालन की समझाइश

विद्यार्थियों को कम उम्र में वाहन नहीं चलाने और बिना लाइसेंस वाहन चलाने से बचने की सलाह दी गई। अभिभावकों को हेलमेट पहनने तथा वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने के लिए प्रेरित करने कहा गया।

कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की 181 हेल्पलाइन, किशोरियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी जानकारी भी दी गई। इस दौरान विद्यालय के संचालक राहुल अग्रवाल, प्राचार्य खुशबू सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

शक्कर कारखाना पंडरिया में आषुतोष डडसेना बने नए प्रबंध संचालक

रायपुर/पंडरिया – 12 सितंबर 2026

पंडरिया शक्कर कारखाने को मिला नया प्रबंध संचालक, आषुतोष डडसेना की हुई पदस्थापना।

आषुतोष डडसेना, उप आयुक्त सहकारिता, जो वर्तमान में कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता, जिला कांकेर में पदस्थ थे, उन्हें प्रतिनियुक्ति पर प्रबंध संचालक, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, पंडरिया, जिला कबीरधाम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग ने प्रशासनिक एवं विभागीय आवश्यकता को देखते हुए विभाग के दो उप आयुक्त स्तर के अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश मंत्रालय, महानदी भवन, अटल नगर, नवा रायपुर से जारी किया गया है।

जारी आदेश क्रमांक ESTB/3997/2025-COOP. DEP. के अनुसार दोनों अधिकारियों को उनके वर्तमान पदस्थापन से स्थानांतरित कर तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इसी तरह ,
उत्तर कुमार कौशिक, उप आयुक्त सहकारिता, जो वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, पंडरिया, जिला कबीरधाम में प्रबंध संचालक के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब प्रतिनियुक्ति पर महाप्रबंधक, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, नवा रायपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।

शासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह पदस्थापन प्रशासनिक एवं विभागीय आवश्यकता के आधार पर किया गया है। आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है और इसमें दिए गए निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

चलती कार छत पर स्टंट : 4 युवक गिरफ्तार, बेमेतरा पुलिस ने 10 लाख की कार जब्त की

बेमेतरा- 11 सितम्बर 2026

Janchoupal36: सड़क पर खतरनाक स्टंट करने वाले चार युवकों पर बेमेतरा पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस ने बीएनएस और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर घटना में प्रयुक्त कार क्रमांक CG 04 RA 4915 जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है।

पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (भापुसे) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव, श्रीमती कौशिल्या साहू, एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का और एसडीओपी बेरला श्रीमती रूचि वर्मा के मार्गदर्शन में जिले में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई चल रही है।

इसी क्रम में दिनांक 08 सितंबर 2026 की रात्रि करीब 10 बजे मेन रोड पर खतरनाक एवं लापरवाहीपूर्वक कार चलाने तथा कार के बाहर निकलकर छत पर सवार होने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की।

प्रार्थी ने थाना बेमेतरा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने गांव में मेन रोड किनारे स्थित होटल में बैठा था। इसी दौरान बेमेतरा की ओर से सिमगा की ओर जा रही कार क्रमांक CG 04 RA 4915 का चालक वाहन को उपेक्षापूर्वक एवं खतरनाक ढंग से चला रहा था। कार में सवार दो व्यक्ति वाहन के दोनों दरवाजों से बाहर निकलकर कार की छत पर चढ़ गए। चालक को भली-भांति ज्ञात था कि इस प्रकार वाहन चलाने से सड़क पर आवागमन करने वाले अन्य वाहन चालकों एवं राहगीरों के जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है, इसके बावजूद उसने कार को लगातार खतरनाक तरीके से चलाया। इस दौरान राहगीर एवं अन्य वाहन चालक बाल-बाल बचे।

रिपोर्ट पर थाना बेमेतरा में बीएनएस की धारा 281, 125 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 123(1), 123(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना में पुलिस ने वाहन चालक कामेन्द्र घृतलहरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार की और कार में तीन अन्य साथियों के सवार होने की जानकारी दी।

प्रकरण में आरोपी कामेन्द्र घृतलहरे (26), निवासी मांढर (बी), थाना सिमगा, जिला बलौदाबाजार; अमन बंजारे (25), निवासी वार्ड नं. 10 नयापारा सिमगा; मोहित कुमार घृतलहरे (22) एवं तरूण कुमार घृतलहरे (19), निवासी मांढर (बी) के विरुद्ध बीएनएस एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की गई।

कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली बेमेतरा निरीक्षक सोनल ग्वाला, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक विजयेंद्र कश्यप, प्रधान आरक्षक रघुराज यदु, आरक्षक इंद्रजीत पांडेय, सौरभ सिंह, शिव कुमार सेन, महेश जांगड़े सहित थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बेमेतरा पुलिस की अपील: सड़क पर स्टंट नहीं, सुरक्षा है जरूरी। चलती कार की छत, दरवाजे या वाहन के अन्य बाहरी हिस्से पर बैठना जानलेवा हो सकता है। “सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही, जिंदगी भर का नुकसान कर सकती है—सुरक्षित चलें, सुरक्षित पहुंचें।”

गोवंश तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: साजा पुलिस ने 4 आरोपी किए गिरफ्तार, 6 गौवंश सहित वाहन जब्त

बेमेतरा – 11 सितम्बर 2026

गोवंश तस्करी में बेमेतरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है जिसमें चार आरोपी गिरफ्तार किए गए।पूछताछ में चारों आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया।चारों को 10 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय प्रस्तुत किया गया।

पुलिस ने उनके कब्जे से 6 नग गौवंश, एक पिकअप वाहन और एक मोटरसाइकिल सहित कुल 2,85,000 रुपये का सामान जब्त किया है।

मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 09 सितंबर 2026 की शाम करीब 8 बजे प्रार्थी नरेश यादव (28 वर्ष), निवासी ग्राम ठेलका, थाना थानखम्हरिया को सूचना मिली कि एक पिकअप वाहन में अवैध रूप से भैंस/गौवंश भरकर मोहलाई की ओर से परिवहन किया जा रहा है।
सूचना पर प्रार्थी अपने गौसेवक साथियों के साथ ग्राम परसबोड़ चौक पहुंचा। रात्रि करीब 10 बजे संदिग्ध पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 09 जे जी 4714 को रोककर जांच की गई, जिसमें 6 नग कम उम्र के गौवंश पाए गए।
वाहन में चालक सहित दो व्यक्ति सवार थे, जबकि एक अन्य व्यक्ति मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 09 जे यू 3294 से पिकअप के आगे-आगे चल रहा था। पूछताछ में मोटरसाइकिल चालक ने अपना नाम रामबगस वलके, पिकअप चालक ने जगजीवन अनंत तथा वाहन में सवार व्यक्तियों ने अपने नाम सुंदर सिंह यादव एवं गिरवेश पटले बताए।
प्रारंभिक जांच में गौवंश को बिना चारा-पानी के क्रूरतापूर्वक परिवहन कर कत्लखाने ले जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट पर साजा पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।

मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (भापुसे) के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव एवं एसडीओपी बेरला रूचि वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक जनक साहू ने टीम के साथ विवेचना की।

गिरफ्तार आरोपी जगजीवन अनंत (45), निवासी बरहट्ठी, थाना कवर्धा, जिला कबीरधाम तथा गिरवेश पटले (47), सुंदर सिंह यादव (35) और रामबगस वलके (35), निवासी डोगरिया, थाना बिरसा, जिला बालाघाट (म.प्र.) हैं।

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जनक साहू, उपनिरीक्षक असीम किर्तनिया, प्रधान आरक्षक पवन सिंह, दुर्गेश तिवारी, आरक्षक राजू यादव, अर्जुन ध्रुर्वे सहित थाना स्टाफ व गौवंश सेवकों की भूमिका रही।

छत्तीसगढ़िया तिहार हमर पुरखा के तिहार, संस्कृति ला बचाना हमर कर्तव्य: विकास उपाध्याय

रायपुर के ऐतिहासिक रामसागर पारा में उमड़ा जनसैलाब, पोरा तिहार में भव्य बैला दौड़ और पारंपरिक प्रतियोगिताओं ने मोहा मन |

रायपुर (छत्तीसगढ़) 11 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और लोक-आस्था का प्रतीक ‘पोरा तिहार’ रायपुर के ऐतिहासिक स्थल रामसागर पारा में अभूतपूर्व उत्साह और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। ‘छत्तीसगढ़ पारंपरिक पोरा तिहार उत्सव समिति’ एवं स्थानीय निवासियों के सहयोग से पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के संरक्षण में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा और पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत स्वरूप

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने समस्त प्रदेशवासियों, माताओं, बहनों, युवाओं और बुजुर्गों को पोरा तिहार की बधाई देते हुए कहा:
“छत्तीसगढ़िया तिहार हमर पुरखा के तिहार है। अपनी इस समृद्ध संस्कृति और परंपरा को सहेजना तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का परम कर्तव्य है। रामसागर पारा में सदियों से चली आ रही इस परंपरा को आज भी पूरे क्षेत्रवासी उसी उमंग और भक्ति-भाव के साथ जीवंत रखे हुए हैं।”

बैला दौड़ और पारंपरिक करतब बने आकर्षण का केंद्र
उत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़ी कई पारंपरिक प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया।

भव्य बैला दौड़: दौड़ में बैल जोड़ियों के करतब और रफ्तार देख दर्शक रोमांचित हो उठे।
सांस्कृतिक प्रदर्शन: नांदिया बैला चलई और जांता चलई जैसी लुप्त होती परंपराओं का सजीव प्रदर्शन किया गया।

विजेताओं पर हुई पुरस्कारों की बौछार

प्रतियोगिता के उत्कृष्ट प्रतिभागियों और बैल जोड़ियों के उत्साहवर्धन हेतु पूर्व विधायक विकास उपाध्याय एवं आयोजन समिति की ओर से नकद पुरस्कार तथा विशेष उपहार वितरित किए गए:

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: ₹6,100 नगद
प्रथम पुरस्कार: ₹5,100 नगद
द्वितीय पुरस्कार: ₹4,100 नगद
तृतीय पुरस्कार: ₹3,100 नगद
सांत्वना पुरस्कार: भाग लेने वाली सभी बैल जोड़ियों को विशेष सम्मान राशि एवं सांत्वना पुरस्कार।

कार्यक्रम को सफल बनाने में ‘छत्तीसगढ़ पारंपरिक पोरा तिहार उत्सव समिति’ और रामसागर पारा के निवासियों का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।

आवेदन से नहीं बनी बात, बेशर्म अफसरों को जगाने सामाजिक कार्यकर्ता विजय सोना ने किया अर्धनग्न प्रदर्शन

रायपुर (छत्तीसगढ़)-11\09\2026

राजधानी रायपुर में नगर निगम की अनदेखी से परेशान होकर सामाजिक कार्यकर्ता विजय सोना ने जोन-05 कार्यालय के बाहर अर्धनग्न होकर उग्र प्रदर्शन किया। विजय सोना का कहना है कि वे लंबे समय से नगर निगम जोन-5 के कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यशैली के खिलाफ आवाज उठाते आ रहे हैं, लेकिन लगातार उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है|

स्मार्ट सिटी नहीं, ‘गड्ढापुर’ बनी राजधानी
सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि रायपुर को केवल दस्तावेजों में ‘स्मार्ट सिटी’ बनाया गया है, जबकि धरातल पर शहर गड्ढापुर में तब्दील हो चुका है। वामनराव लाखे वार्ड क्रमांक 66 (कुशालपुर) की मुख्य सड़कों व गलियों में गड्ढों की भरमार है, जहां से जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी रोजाना गुजरते हैं। इन्हीं गड्ढों के कारण मोहन पांडेय नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर 5 महीने तक बिस्तर पर पड़े रहे।

डेढ़ साल में 22 आवेदन, फिर भी फंड न होने का बहाना
विजय सोना ने बताया कि गड्ढे भरने और स्पीड ब्रेकर लगाने के लिए पिछले डेढ़ साल में 20 से 22 बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन जोन कमिश्नर हर बार ‘फंड नहीं है’ कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
प्रमुख मांगें:

  • वार्ड 66 की सड़कों के गड्ढों की तत्काल मरम्मत और स्पीड ब्रेकर का निर्माण।
  • पंकज गार्डन के सौंदर्यीकरण में हुए कथित घोटाले की जांच।
  • विवादित कर्मचारी महेश बाघ को तत्काल निलंबित करने की कार्रवाई।
  • जोन 05 कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था।

नशे से दूर रहकर युवा अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाएं – राज्यपाल श्री डेका

रायपुर विश्वविद्यालय में नशा मुक्त अभियान का समापन, राज्यपाल बोले: युवा शक्ति को नशे से बचाना सामूहिक जिम्मेदारी|

रायपुर- 10 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा पीढ़ी होती है। युवा देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की भी महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उनके विचार, संकल्प और सपने राष्ट्र की दिशा तय करते हैं।

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ संकल्प अभियान के अंतर्गत विगत एक माह से चल रहे जागरूकता कार्यक्रमों का गुरुवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

आज के समय में युवा शक्ति को नशे जैसी बुराइयों से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को युवाओं को नशामुक्त बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से इस महाअभियान की शुरुआत की है।

उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। आज पारंपरिक नशे के साथ-साथ सूखे नशे का चलन भी बढ़ रहा है, जो युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है।

राज्यपाल ने कहा कि नशा व्यक्ति की सही और गलत में अंतर करने की क्षमता को प्रभावित करता है। नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को दोषी मानने के बजाय उसके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए काउंसलिंग और आवश्यकता पड़ने पर उपचार उपलब्ध कराना चाहिए।

नशे की अधिकता में मनोवैज्ञानिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

श्री डेका ने कहा कि नशे से किसी समस्या का समाधान नहीं होता। जीवन में परीक्षा का दबाव, करियर की चिंता, असफलता का भय और अपेक्षाओं का बोझ जैसी परिस्थितियां आती रहती हैं। इनसे बचने के लिए नशे का सहारा लेना समाधान नहीं है। समस्या से भागना समाधान नहीं, बल्कि उसका सामना करना ही वास्तविक साहस है।

उन्होंने युवाओं से अनुशासन, समय की पाबंदी और नियमित अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत से ज्ञान के साथ-साथ विभिन्न विषयों के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।

राज्यपाल ने डिजिटल एडिक्शन को भी गंभीर चुनौती बताते हुए युवाओं से डिजिटल माध्यमों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की।

रेडक्रॉस एवं रोटरी संस्था द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर के लिए संस्था के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हार्टफुलनेस आश्रम, हैदराबाद के संचालक त्रिलोचन चावला और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला ने अपने वक्तव्य में नशा मुक्ति के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर विद्यार्थियों का ध्यानकर्षण कराया।

अभियान को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और माय भारत वॉलिंटियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को राज्यपाल ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ प्रोफेसर श्री राजीव चौधरी को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया।

SDM की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय HPV टीकाकरण बैठक सम्पन्न, अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर

बेमेतरा \ साजा – 10 सितंबर, 2026

बेटियों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की दिशा में आज स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) साजा कृष्ण कुमार साहू के निर्देशन में एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी डी.जी. पात्रा के सहयोग से जनपद पंचायत साजा के सभागार में दो पालियों में सभी स्कूलों के प्राचार्य व हेड मास्टरों का एचपीवी टीकाकरण के संबंध में प्रशिक्षण एवं बैठक आयोजित की गई।

अनुविभागीय अधिकारी साजा द्वारा निर्देशित किया गया कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त सहयोग से दिनांक 16 एवं 17 सितंबर 2026 को मेडिकल टीम द्वारा स्कूलों में जाकर एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत छूटी हुई बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण किया जाए।

इस संबंध में बीएमओ साजा डॉ. अश्वनी कुमार वर्मा द्वारा बताया गया कि सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी का कैंसर) विश्व का चौथा प्रमुख कैंसर है। यह कैंसर महिलाओं में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण के कारण होता है। यह बच्चेदानी का कैंसर एचपीवी टीके द्वारा पूर्णतः रोका जा सकता है, यह टीका पूरी तरह से प्रभावी एवं सुरक्षित है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत ऐसी किशोरी बालिकाएं जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया हो परन्तु 15वां जन्मदिन न मनाया हो, उन्हें निःशुल्क टीका लगाया जाएगा। टीका लगाने हेतु आधार कार्ड, पहचान पत्र मान्य किया जाएगा। पहचान पत्र न होने पर माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित शपथ पत्र भी मान्य किया जाएगा। टीकाकरण हेतु माता-पिता/अभिभावक का सहमति पत्र अनिवार्य है।

बैठक में उपस्थित सभी प्राचार्य व हेड मास्टरों को एचपीवी टीके के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई एवं 14 वर्ष की किशोरी बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने हेतु सहयोग की अपील की गई।

किसी कारण से कोई बालिका स्कूल में टीकाकरण से छूट जाती है तो वह निकट के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र साजा, थान-खम्हरिया, परपोड़ी, देवकर, कारेसरा में ओपीडी समय पर जाकर एचपीवी टीका लगवा सकती है।

बेमेतरा में 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’17 अक्टूबर तक चलेंगी जनभागीदारी की गतिविधियां

बेमेतरा-10 सितंबर 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने और विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से बेमेतरा जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशन में जिले में अभियान की गतिविधियों की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेमलता पद्माकर को अभियान का जिला प्रभारी एवं समग्र समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।

17 सितंबर को हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

अभियान की शुरुआत 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इसके तहत प्रत्येक परिवार से दीप प्रज्वलित कर 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प से जुड़ने का आह्वान किया जाएगा।

बच्चों की कल्पना से दिखेगा विकसित भारत

‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक स्कूलों में ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। बच्चों की विकसित भारत की कल्पना को प्रदर्शनी के माध्यम से सामने लाया जाएगा।

गांव-गांव पहुंचेगी ‘नमो सेवा गाथा’

‘नमो सेवा गाथा’ के तहत 17 सितंबर से नुक्कड़ नाटकों के जरिए 25 वर्षों की सेवा, सरकारी योजनाओं और उनसे हुए बदलाव की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित होगा। इसमें पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण और महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा।

योजनाओं के लाभार्थियों की कहानी भी होगी दर्ज

‘कहानी बदलाव की’ के तहत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की वास्तविक कहानियां संकलित कर डिजिटल डेटा बैंक तैयार किया जाएगा। वहीं ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल में नागरिकों और संस्थाओं को स्वच्छता सहित विभिन्न सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

बिना ओपन हार्ट सर्जरी के बंद हुआ दिल का छेद, 8 वर्षीय स्वर्णि को मिली नई जिंदगी

रायपुर- 10 सितंबर 2026

जशपुर के दुलदुला विकासखंड के जैकुदर गांव की 8 वर्षीय स्वर्णि बाई अब सामान्य जिंदगी की ओर लौट रही है। लंबे समय से सांस फूलने, छाती में संक्रमण और तेज धड़कन की शिकायत रहने वाली स्वर्णि के दिल में जन्मजात विकार पाया गया, जिसका इलाज रायपुर में बिना ओपन हार्ट सर्जरी के सफलतापूर्वक किया गया।

लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

स्वर्णि को लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां थीं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत उसकी स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें हृदय संबंधी रोग का पता चला। जांच में उसके दिल में Large Type-A PDA (Patent Ductus Arteriosus) पाया गया। PDA का आकार करीब 5.4 मिलीमीटर था और हृदय में रक्त का असामान्य प्रवाह हो रहा था।

कैथेटर से हुआ सफल इलाज

विशेषज्ञ उपचार के लिए स्वर्णि को रायपुर स्थित निजी अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में भर्ती करने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आवश्यक जांच की और बिना ओपन हार्ट सर्जरी के कैथेटर आधारित डिवाइस क्लोजर से PDA को बंद करने का निर्णय लिया।

इस दौरान “8/10 mm Lifetech Heart R PDA Occluder” डिवाइस की मदद से प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। प्रक्रिया के बाद की जांच में डिवाइस सही स्थिति में पाया गया और किसी तरह का लीकेज या रेजिडुअल शंट नहीं मिला। हृदय की कार्यक्षमता भी सामान्य पाई गई। स्थिति संतोषजनक होने पर स्वर्णि को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

समय पर पहचान से बदली जिंदगी

समय पर हुई पहचान, उचित रेफरल और विशेषज्ञ उपचार ने स्वर्णि को गंभीर जन्मजात हृदय रोग से राहत दिलाई। यह मामला इस बात का भी उदाहरण है कि बच्चों में बार-बार छाती में संक्रमण, सांस लेने में परेशानी, जल्दी थकान या असामान्य तेज धड़कन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

चिकित्सकों का कहना है कि समय पर स्क्रीनिंग और उपचार से जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों को स्वस्थ और सामान्य जीवन की ओर लौटाया जा सकता है। स्वर्णि अब अपने गांव में परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रही है और स्कूल जाने लगी है।