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Friday, October 30, 2026
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डीआरआई का बड़ा अभियान: रायपुर समेत देशभर 740 किलोग्राम गांजा और चरस जब्त कर अवैध गांजा तस्करी पर कार्रवाई

देशभर में चलाए गए अभियानों में डीआरआई ने लगभग 740 किलोग्राम गांजा और चरस जब्त कर अवैध गांजा तस्करी पर अपनी कार्रवाई तेज की और 13 लोगों को गिरफ्तार किया|

नई दिल्ली/रायपुर, 10 सितंबर 2026

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले पखवाड़े देश भर में आठ अभियान चलाए। इन कार्रवाइयों में लगभग 740 किलोग्राम गांजा और चरस जब्त किया गया है, जबकि 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

रायपुर में दो बड़ी कार्रवाइयां

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डीआरआई ने दो बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। 8 सितंबर को खुफिया जानकारी के आधार पर ओल्ड धमतारी रोड पर विशाखापत्तनम से आ रहे दो ट्रकों की जांच की गई। ट्रकों के लोडिंग क्षेत्र में रखे 10 बोरों में छिपाए गए 61 पैकेटों में गांजा होने का संदेह था। फील्ड परीक्षण में गांजे की पुष्टि होने के बाद कुल 375.95 किलोग्राम गांजा जब्त कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इससे पहले 26 अगस्त को रायपुर के पास रोके गए एक ट्रक से 124 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।

जब्त की गई नशीली सामग्री का ब्यौरा

डीआरआई द्वारा जब्त की गई कुल मात्रा में 709.6 किलोग्राम गांजा, 24.5 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा और 5 किलोग्राम चरस शामिल है। सभी गिरफ्तारियों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत किया गया है।

अन्य राज्यों में भी बड़ी सफलता

बिहार में 5-6 सितंबर को औरंगाबाद-पटना राजमार्ग पर एक ट्रक को रोका गया। तलाशी के दौरान चालक के केबिन के पीछे बने गुप्त स्थान से 90 पैकेटों में 140.5 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इस दौरान एक अधिकारी घायल हो गया, जबकि चालक भागने में सफल रहा।

पंजाब के लुधियाना के पास एक संदिग्ध वाहन की तलाशी में फर्श में बने गड्ढों में छिपाए 67 पैकेटों में 69 किलोग्राम गांजा मिला, जिसमें दो लोग गिरफ्तार हुए।

रेल और हवाई अड्डों पर कार्रवाई

3 सितंबर को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर अमरनाथ एक्सप्रेस में तीन यात्रियों को पकड़ा गया, जिनके पास से 5 किलोग्राम चरस बरामद हुई। जांच में पता चला कि चरस नेपाल से तस्करी कर लाई गई थी।

इसके अलावा हैदराबाद और बेंगलुरु हवाई अड्डों पर वियतनाम और थाईलैंड से आने वाले तीन यात्रियों से 24.6 किलोग्राम उच्च क्षमता का गांजा जब्त किया गया।

डीआरआई ने सड़क, रेल और हवाई मार्गों से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए विशेष वाहन के गुप्त कक्षों और सामान में छिपाई खेपों पर कड़ी निगरानी बढ़ाई है।

रामसागर पारा में आज शाम भव्य पोरा तिहार, बैला दौड़ में हजारों का जुटेगा तांता

रायपुर- 10 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार पोरा तिहार के मौके पर आज शाम रामसागर पारा में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के संरक्षण में होने वाले इस कार्यक्रम में भव्य बैला दौड़ प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रहेगी।

कार्यक्रम की तैयारियां पूरी

रायपुर के ऐतिहासिक रामसागर पारा, मेन रोड में शाम 4 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। छत्तीसगढ़ पारंपरिक पोरा तिहार उत्सव समिति और रामसागर पारा क्षेत्रवासियों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

बैला दौड़ में मिलेंगे नगद पुरस्कार

कार्यक्रम में आयोजित भव्य बैला दौड़ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को आकर्षक नगद पुरस्कार दिए जाएंगे:

  • सर्वश्रेष्ठ: 6,100 रुपये
  • प्रथम विजेता: 5,100 रुपये
  • द्वितीय: 4,100 रुपये
  • तृतीय: 3,100 रुपये
  • सभी बैल जोड़ियों को: सांत्वना पुरस्कार

इसके अलावा नांदिया बैला चलई और जांता चलई के प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे।

विकास उपाध्याय का आमजन से आह्वान

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सभी लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति, कृषि परंपरा और लोक जीवन का अहम हिस्सा है। सदियों से चली आ रही इस परंपरा को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें।

पोरा तिहार की परंपरा

पोरा तिहार छत्तीसगढ़ में “हमर पुरखा के तिहार” के नाम से जाना जाता है। इस दिन किसान अपने खेतों में मेहनत करने वाले बैलों की पूजा करते हैं और उन्हें आराम देते हैं। घरों में ठेठरी, खुरमी समेत पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं और बच्चे मिट्टी के बैल व अन्य पारंपरिक खिलौनों से खेलते हैं।

रायपुरवासियों के लिए खास आमंत्रण

विकास उपाध्याय ने अपने पश्चिम क्षेत्रवासियों सहित रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सभी महतारी, बहिनी, लईका, सियान को इस पारंपरिक त्यौहार में शामिल होने के लिए विशेष आमंत्रण दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़वासियों को पोरा तिहार एवं गणेश चतुर्थी की अग्रिम शुभकामनाएं भी दी हैं।

कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को विशेष उपहार भी दिए जाएंगे, जिससे छत्तीसगढ़ी तिहार को और भी उत्साहवर्धक बनाया जा सके।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे टी.एस. सिंहदेव

सलधा के सपाद लक्षेश्वर धाम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में हुआ धार्मिक आयोजन, रवीन्द्र चौबे और आशीष छाबड़ा भी रहे मौजूद।

बेमेतरा -09 सितम्बर 2026

संतों से लिया आशीर्वाद।

बेमेतरा जिले के ग्राम सलधा स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में चल रहे चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान महोत्सव में छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव शामिल हुए।

उन्होंने ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के धार्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर पूर्व कृषि मंत्री रवीन्द्र चौबे और पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा भी उपस्थित रहे। सभी ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता की और संत-महात्माओं से आशीर्वाद लिया।

चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान महोत्सव में पहुंचे टी.एस. सिंहदेव, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का लिया आशीर्वाद।

चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान महोत्सव के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के सान्निध्य में धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और धर्मप्रेमी लोग भी शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान टी.एस. सिंहदेव ने दण्डी स्वामी श्रीमज्ज्योतिर्मयानंद सरस्वती महाराज के श्रीचरणों में भी नमन कर उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। संतों के सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के बीच धर्म, संस्कृति, संस्कार और सेवा के महत्व पर चर्चा हुई।

भारतीय सनातन परंपरा में चातुर्मास का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इस अवधि में संत-महात्माओं के सान्निध्य में धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और आध्यात्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। सलधा स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में आयोजित यह महोत्सव भी श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक साधना का प्रमुख अवसर बना हुआ है।

आयोजन के दौरान संतों और महात्माओं के आशीर्वाद के साथ धर्म, सत्य, सद्भाव, संस्कार और मानव सेवा के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से धाम का वातावरण भक्तिमय नजर आया।

सेलिब्रिटी होना भी आसान नहीं: लंदन में विराट-अनुष्का की मॉर्निंग वॉक, वायरल तस्वीरों ने जीता फैंस का दिल

हर कदम पर फैंस, नाराज करना सबसे बड़ी मुश्किल

सेलिब्रिटी-न्यूज – 09 सितम्बर 2026

खबर पर नजर जनचौपाल36 — बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा और क्रिकेटर विराट कोहली एक बार फिर अपनी सादगी भरी आउटिंग को लेकर सुर्खियों में हैं। मंगलवार सुबह दोनों को लंदन की सड़कों पर साथ टहलते देखा गया, जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। आमतौर पर निजी जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखने वाले इस स्टार कपल का यह सादा अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है।

भारत में एक मशहूर सेलिब्रिटी होना जितना ग्लैमरस दिखता है, उसकी निजी जिंदगी उतनी ही मुश्किलों भरी होती है। हर गली, हर चौराहे पर फैंस का जमावड़ा, हर वक्त कैमरे की नजर और एक भी फोटो या ऑटोग्राफ से मना करने पर ट्रोलिंग का डर। वे न तो अपने परिवार के साथ खुलकर बाहर घूम सकते हैं, न ही अपने बच्चों को एक आम बचपन दे सकते हैं।
फैंस को नाराज भी नहीं किया जा सकता, क्योंकि वही उनकी ताकत हैं, लेकिन इसी वजह से वे अपनी प्राइवेट लाइफ को भी एंजॉय नहीं कर पाते। शायद यही सबसे बड़ी वजह है कि विराट और अनुष्का जैसे कई सितारे अब विदेश में सुकून की जिंदगी तलाश रहे हैं।

क्यों विराट-अनुष्का ने मुंबई छोड़ लंदन को बनाया अपना घर?

टीम इंडिया के स्टार विराट कोहली और अनुष्का शर्मा अब अपने दोनों बच्चों, बेटी वामिका और बेटे अकाय के साथ लंदन में एक प्राइवेट लाइफ जी रहे हैं।

इसकी सबसे बड़ी वजह है बच्चों को सामान्य परवरिश देना। माधुरी दीक्षित के पति डॉ. श्रीराम नेने ने खुद बताया है कि भारत में लगातार मीडिया और लोगों की नजरों में रहने से बचना चाहते हैं, इसलिए इस कपल ने लंदन में रहने का फैसला किया है।

खबर में है कि अनुष्का ने 2024 में अपने दूसरे बेटे अकाय को लंदन में ही जन्म दिया था। लंदन में ये कपल ग्लैमर और लाइमलाइट से दूर नॉन-सेलिब्रिटी लाइफ एंजॉय कर रहा है, जहाँ वे अक्सर सड़कों पर शॉपिंग करते और घूमते हुए दिख जाते हैं।

सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में ₹17.29 करोड़ की जाली करेंसी, फरार बैंक मैनेजर गिरफ्तार

सहारनपुर- 09/09/2026

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट से करीब ₹17.29 करोड़ मूल्य के जाली नोट मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में फरार चल रहे बैंक अधिकारी और FIR में नामजद मुख्य आरोपी अमित कुमार को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी अब जाली करेंसी के स्रोत और बैंकिंग व्यवस्था में उसके प्रवेश की पूरी कड़ी खंगाल रही है।

ऐसे खुला मामला

मामला 29 अगस्त 2026 को सामने आया, जब सहारनपुर के सदर बाजार थाना क्षेत्र में स्थित PNB करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की सूचना मिली। जांच और गिनती के दौरान इनकी कुल कीमत करीब ₹17.29 करोड़ बताई गई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

प्रारंभिक जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका सामने आई। इनमें अमित कुमार के अलावा वरिष्ठ मंडल प्रबंधक रवि कुमार केस और करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील शर्मा के नाम शामिल थे। तीनों को बैंक ने निलंबित कर दिया था और FIR में भी नाम दर्ज किया गया।

जांच में क्या सामने आया?

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर SIT सहित विभिन्न एजेंसियों ने जांच शुरू की। जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और बैंक की नियमित नकदी जांच एवं निगरानी व्यवस्था में यह मामला पहले क्यों नहीं पकड़ा गया।

जांच एजेंसियां बैंक के रिकॉर्ड, कैश मूवमेंट, ऑडिट दस्तावेज, CCTV फुटेज और करेंसी चेस्ट से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। चेस्ट से सटी शाखा के कर्मचारियों से भी उनके आधिकारिक संपर्क और जिम्मेदारियों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

अब NIA की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच NIA को सौंप दी। 3 सितंबर 2026 को NIA ने मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली। इसके बाद फरार आरोपी अमित कुमार की तलाश तेज की गई और 7 सितंबर को उसे चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया।

अगले दिन उसे चंडीगढ़ की विशेष NIA अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे लखनऊ की विशेष NIA अदालत में पेश करने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की गई।

अब NIA यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोटों का स्रोत क्या था, वे करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इस कथित साजिश में बैंक के अंदर या बाहर और कौन लोग शामिल हैं। अन्य संदिग्धों की भूमिका और संभावित नेटवर्क की जांच जारी है।

भाजपा के गढ़ में कांग्रेस की सेंध! पचभईया के 50 लोगों ने थामा कांग्रेस का हाथ, चुनाव से पहले बदलते समीकरणों के संकेत

बेमेतरा – 09 सितम्बर 2026

आज पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव का बेमेतरा आगमन भी हो रहा है। ऐसे समय में नवागढ़ विधानसभा के ग्राम पचभईया के करीब 50 किसानों, बुजुर्गों और युवाओं का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से उत्साह बढ़ाने वाला अवसर माना जा रहा है।
कांग्रेस के लिए यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वरिष्ठ नेता के दौरे के बीच स्थानीय स्तर पर नए लोगों का पार्टी से जुड़ना संगठन के बढ़ते जनसंपर्क और सक्रियता के संकेत के तौर पर प्रस्तुत किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में बेमेतरा जिला हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। जिले की तीन विधानसभा सीटें—साजा, बेमेतरा और नवागढ़—2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के खाते में गई थीं। साजा से ईश्वर साहू, बेमेतरा से दीपेश साहू और नवागढ़ से दयालदास बघेल निर्वाचित हुए।
2023 में भाजपा ने कांग्रेस के मजबूत चेहरों को हराकर जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर कब्जा जमाया था। साजा में ईश्वर साहू ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन मंत्री रविंद्र चौबे को हराकर सबसे बड़ा उलटफेर किया, जबकि बेमेतरा में दीपेश साहू ने तत्कालीन विधायक आशीष छाबड़ा को और नवागढ़ में दयालदास बघेल ने कांग्रेस प्रत्याशी को शिकस्त दी।
अब बदलते क्रम में नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पचभईया में करीब 50 किसानों, बुजुर्गों और युवाओं के कांग्रेस में शामिल होने की खबर सामने आई है।
कांग्रेस की ओर से इसे संगठन के विस्तार और भाजपा से मोहभंग का संकेत बताया जा रहा है। पार्टी के मुताबिक जिला महामंत्री मोंटू तिवारी और मंडल अध्यक्ष मुरित मांडवी के नेतृत्व में इन लोगों ने कांग्रेस की नीतियों और जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कांग्रेस का दामन थामा।
कांग्रेस के अनुसार पार्टी में शामिल होने वाले लोगों ने भाजपा सरकार की नीतियों को लेकर असंतोष जताया और विशेष रूप से किसानों से जुड़े मुद्दों को उठाया।
उनका कहना था कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।हालांकि किसी राजनीतिक दल में कुछ लोगों का शामिल होना अपने आप में चुनावी तस्वीर बदलने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

लेकिन जब ऐसी घटनाएं उस जिले में हों जहां तीनों विधानसभा सीटों पर सत्तारूढ़ दल के विधायक हों, तो उनका राजनीतिक महत्व जरूर बढ़ जाता है। खासकर तब, जब अगला विधानसभा चुनाव अभी काफी दूर हो।

कोटवारी सेवा भूमि के अवैध विक्रय को लेकर आशीष छाबड़ा ने कलेक्टर से जांच की मांग की

बेमेतरा- 08 सितंबर 2026

बेमेतरा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने बेमेतरा जिला मुख्यालय के पटवारी हल्का नंबर 27, कोबिया स्थित कोटवारी/सेवा भूमि के कथित अवैध विक्रय एवं रजिस्ट्री को लेकर जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

पत्र में छाबड़ा ने कहा है कि कोबिया सहित अन्य ग्रामों की कोटवारी भूमि, जिसे सेवा भूमि कहा जाता है, के अवैध रूप से विक्रय और रजिस्ट्री किए जाने की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने मांग की है कि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा संबंधित दोषी पटवारियों पर कार्रवाई की जाए।

पूर्व विधायक ने बताया कि ग्राम कोबिया अब बेमेतरा नगर पालिका का वार्ड बन चुका है, जहां कोटवार नियुक्त करने की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। बावजूद इसके पूर्व में कोटवार को दी गई सेवा भूमि का विक्रय कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें तत्कालीन राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत होती है, जिसकी जांच आवश्यक है।

छाबड़ा ने स्पष्ट किया कि यह शिकायत केवल कोबिया तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य क्षेत्रों से भी इसी तरह की शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए मामले की समग्र जांच कर दोषियों को दंडित किया जाना जरूरी है।

जमीन के सीमांकन के लिए तहसील के चक्कर से राहत, अब ऑनलाइन होगा आवेदन

रायपुर- 8 सितंबर 2026

राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव कर नया सीमांकन मॉड्यूल सात दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जमीन मालिकों को सीमांकन के लिए सीधे तहसील कार्यालय जाकर आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर, राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटीजन पोर्टल या सेवा सेतु के माध्यम से किया जा सकेगा।

जमीन के सीमांकन के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काटने वाले लोगों को आने वाले दिनों में बड़ी राहत मिल सकती है। छत्तीसगढ़ में सीमांकन की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी की जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आवेदन से लेकर राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट तक प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी।

आम नागरिक को सबसे बड़ा फायदा क्या?

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आवेदन की स्थिति जानने के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी। आवेदन सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी में पहुंचेगा और राजस्व निरीक्षक अपनी रिपोर्ट भी ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इससे आवेदक को प्रक्रिया किस स्तर पर पहुंची है, इसकी जानकारी डिजिटल माध्यम से मिल सकेगी।

निर्विवाद मामलों में आवेदक को तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। यदि सीमांकन के दौरान किसी पड़ोसी या अन्य पक्ष की औपचारिक आपत्ति आती है, तभी संबंधित व्यक्ति को कार्यालय बुलाया जा सकता है।

ऑफलाइन और मैन्युअल आवेदन की व्यवस्था कम होने से कागजी प्रक्रिया, अनावश्यक दौड़-भाग और बिचौलियों पर निर्भरता घटने की उम्मीद है। हालांकि नई व्यवस्था का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि ऑनलाइन आवेदन, समय-सीमा और मैदानी सीमांकन की प्रक्रिया कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती है।
यह बदलाव ऐसे लोगों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है जिन्हें अपनी जमीन की वास्तविक सीमा स्पष्ट कराने के लिए लंबे समय तक राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सीमांकन प्रक्रिया के डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ने और आवेदकों को अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी आसानी से मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ में राजस्व सेवाओं को डिजिटल करने की दिशा में पहले से ही B-1 और P-II की डिजिटल प्रमाणित प्रतियां, नामांतरण आवेदन एवं स्टेटस ट्रैकिंग, नजरी नक्शा और राजस्व न्यायालयों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। सीमांकन प्रक्रिया का ऑनलाइन होना इसी व्यवस्था की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है।

चिकित्सा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि, 8 किलो के विशाल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन

रायगढ़- 8 सितंबर 2026

लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति चिकित्सालय, रायगढ़ के चिकित्सकों ने एक जटिल और हाई रिस्क ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 46 वर्षीय महिला की जान बचाई। चिकित्सकों ने महिला के पेट से करीब 8 किलोग्राम वजनी विशालकाय ट्यूमर (फाइब्रॉएड) निकाला, जिसका आकार लगभग 24.2 × 23.1 × 17 सेंटीमीटर था।

झलमला निवासी चंपा यादव पिछले करीब एक महीने से पेट में तेज दर्द, अत्यधिक सूजन और उल्टी की समस्या से परेशान थीं। 22 अगस्त को गंभीर हालत में उन्हें प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया। जांच में उनका हीमोग्लोबिन महज 7.5 ग्राम/डेसीलीटर पाया गया। सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड में सामने आया कि विशाल ट्यूमर के दबाव से गर्भाशय विस्थापित हो गया था, जबकि बायीं मूत्रवाहिनी पर दबाव पड़ने से किडनी प्रभावित हो रही थी। लिवर के पैरामीटर भी बिगड़े हुए थे।

मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन करने के बजाय पहले उन्हें स्थिर किया। खून की कमी दूर करने के लिए कई यूनिट पैक्ड रेड ब्लड सेल (PRBC) चढ़ाए गए और आवश्यक उपचार के बाद सर्जरी के लिए तैयार किया गया।

मरीज के स्थिर होने पर 1 सितंबर 2026 को जनरल एनेस्थीसिया में हाई रिस्क एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी की गई। ट्यूमर आंतों से गहराई तक चिपका हुआ था, जिससे ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। स्त्री रोग, जनरल सर्जरी और निश्चेतना विभाग की संयुक्त टीम ने सावधानीपूर्वक ट्यूमर को अलग किया और दोनों मूत्रवाहिनियों को सुरक्षित रखते हुए गर्भाशय सहित विशाल ट्यूमर को बाहर निकाला।

सफल ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य लाभ जारी है। यह जटिल सर्जरी रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की विशेषज्ञता और टीमवर्क की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

खबर में सत्य, तथ्य और जनहित की सर्वाेच्च प्राथमिकता ही असली पत्रकारिता है — राज्यपाल श्री डेका

रायपुर – 08 सितंबर 2026

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर।

कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे की प्रतिमा में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।

श्री डेका ने कहा कि पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की आवश्यकताओं और समस्याओं को सामने लाने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास और मेधा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं मीडिया शोध केंद्र का उद्घाटन किया गया।
श्री डेका ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि समाचारों में तथ्य, सत्य और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के संबंध में समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूर्ण पुष्टि आवश्यक है।

राज्यपाल ने सोशल मीडिया के वर्तमान दौर की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध प्रत्येक सामग्री सत्य हो, यह आवश्यक नहीं है। ऐसे में पत्रकारों को तथ्यों की जांच-पड़ताल के बाद ही समाचारों को प्रसारित करना चाहिए।

राज्यपाल ने प्रिंट मीडिया के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एआई और सोशल मीडिया के आधुनिक दौर में भी प्रिंट मीडिया समाज में विश्वसनीय माध्यम बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है और एक श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं जो सबसे पहले खबर दे, बल्कि वह है जो सही, तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ खबर दे।