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Sunday, October 25, 2026
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बरसात में टपकती छत से मिली मुक्ति, पीएम जनमन आवास से संगीता पहाड़ी कोरवा का पक्के घर का सपना हुआ साकार

सेवा संकल्प अभियान-2026

कभी खपरैल की छत से टपकता था पानी, अब अपने पक्के मकान में सुरक्षित और सुकून भरा जीवन जी रहा परिवार

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से मिली सुरक्षित छत, घर में नल से पानी की सुविधा ने भी आसान बनाया जीवन

पक्का आशियाना मिलने पर संगीता ने जताई खुशी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति व्यक्त किया आभार

रायपुर- कभी आसमान में बादल छाते ही संगीता पहाड़ी कोरवा की चिंता बढ़ जाती थी। खपरैल और कच्ची छत वाले मकान में बारिश का पानी टपकने लगता था। बरसात के दिनों में घर के भीतर पानी आने से परिवार को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से संगीता के परिवार को अपना पक्का आशियाना मिल गया है। जिस परिवार के लिए कभी बारिश का मौसम परेशानियों का कारण बन जाता था, वह आज अपने पक्के मकान में सुरक्षित और सुकून भरा जीवन व्यतीत कर रहा है।

सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खाला के कोरवा पारा निवासी संगीता पहाड़ी कोरवा की यह कहानी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण परिवारों के जीवन में आ रहे बदलाव का उदाहरण है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने उनके परिवार को न केवल पक्की छत उपलब्ध कराई है, बल्कि वर्षों से कच्चे मकान में रहने की परेशानियों से भी राहत दिलाई है।

बरसात में टपकती थी छत, कच्चे मकान में रहना था मुश्किल
संगीता बताती हैं कि पहले उनका परिवार खपरैल और कच्ची छत वाले मकान में रहता था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था और घर के भीतर पानी आने से काफी परेशानी होती थी। बरसात के दौरान परिवार को घर में सुरक्षित रहने और घरेलू सामान को पानी से बचाने की चिंता बनी रहती थी। कच्चे मकान की असुविधाओं के बीच जीवन गुजारना उनकी मजबूरी थी।

संगीता के मन में भी अपने परिवार के लिए एक पक्का घर होने का सपना था, जहां बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने की परेशानी न हो और परिवार सुरक्षित रह सके।प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से मिला लाभ उनके इसी सपने को साकार करने का माध्यम बना।

पीएम जनमन आवास से मिला अपना पक्का घर, वर्षों पुरानी परेशानी हुई दूर
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत संगीता पहाड़ी कोरवा को पक्के आवास का लाभ मिला। उनके मकान का निर्माण पूरा हो चुका है और अब वे अपने परिवार के साथ उसी घर में निवास कर रही हैं। संगीता बताती हैं कि पहले बारिश होने पर घर में पानी टपकता था, लेकिन अब पक्का मकान बनने से यह परेशानी दूर हो गई है। परिवार को सुरक्षित छत मिलने के साथ रहने की बेहतर सुविधा भी उपलब्ध हुई है।

उनके पति का नाम शनि लाल है। परिवार में सास-ससुर भी हैं, जो अलग रहते हैं। संगीता अपने परिवार के साथ नवनिर्मित पक्के मकान में रह रही हैं। उनका कहना है कि पक्का आवास मिलने से परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें पहले की तरह कच्ची छत और बारिश के पानी की चिंता नहीं करनी पड़ती।

पक्के आवास के साथ घर में नल से पानी की सुविधा, दैनिक जीवन हुआ आसान
संगीता के नवनिर्मित आवास में नल से पानी की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे परिवार को घरेलू कार्यों के लिए पानी की व्यवस्था करने में सहूलियत मिल रही है। संगीता बताती हैं कि पक्का घर बनने के बाद रहने की व्यवस्था पहले से काफी बेहतर हुई है। घर में पानी की सुविधा उपलब्ध होने से दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी आसान हुआ है। उनके लिए अपना पक्का मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार बन गया है।

“पहले बरसात में पानी टपकता था, अब अपने पक्के घर में कोई परेशानी नहीं होती”
अपने पक्के आवास में रह रहीं संगीता पहाड़ी कोरवा खुशी व्यक्त करते हुए बताती हैं, “पहले हमारा खपरैल और कच्ची छत वाला घर था। बरसात में पानी टपकता था, जिससे बहुत परेशानी होती थी। अब आवास मिल गया है और घर भी पूरा बन गया है। हम उसी में रहते हैं, अब कोई परेशानी नहीं होती। घर में नल से पानी की सुविधा भी है।” संगीता के शब्दों में पक्का आवास मिलने की खुशी साफ झलकती है। वर्षों तक कच्चे मकान में परेशानियां झेलने के बाद अब उनका परिवार सुरक्षित छत के नीचे रह रहा है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का लाभ मिलने पर संगीता पहाड़ी कोरवा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पक्का आवास मिलने से उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है। अब वे अपने घर में सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से रह पा रही हैं। संगीता ने आत्मीयता के साथ कहा, “इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विष्णु भइया को बहुत-बहुत धन्यवाद।”

पीएम जनमन आवास से विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के जीवन में आया बदलाव
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों के पात्र परिवारों को पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास प्रदान कर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। संगीता पहाड़ी कोरवा की कहानी इसी बदलाव की एक तस्वीर प्रस्तुत करती है। कभी खपरैल की छत से टपकते पानी के बीच जीवन गुजारने वाला उनका परिवार आज अपने पक्के मकान में रह रहा है।पक्के आवास के साथ घर में नल से पानी की सुविधा मिलने से परिवार की दैनिक परेशानियां भी कम हुई हैं।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, परिसर में अत्याधुनिक बायोसेफ्टी प्रयोगशाला स्थापित

संक्रामक रोगों की पहचान, रोकथाम और वैक्सीन अनुसंधान को मिलेगी गति

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर परिसर में स्थापित अत्याधुनिक बायोसेफ्टी लेवल-3 (बीएसएल-3) प्रयोगशाला छत्तीसगढ़ में उच्चस्तरीय जैव-सुरक्षा अनुसंधान को नई दिशा देने के साथ ही वैज्ञानिक नवाचार और संक्रामक रोगों की रोकथाम के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस प्रयोगशाला के माध्यम से संक्रामक रोगजनकों की पहचान, उनके वैज्ञानिक अध्ययन, वैक्सीन एवं उपचार संबंधी अनुसंधान तथा उन्नत नैदानिक तकनीकों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में वैज्ञानिक अनुसंधान, जैव-प्रौद्योगिकी और आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं का विस्तार राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था वाले छत्तीसगढ़ में इस प्रकार की उच्चस्तरीय वैज्ञानिक सुविधा का विशेष महत्व है।

उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी द्वारा नवनिर्मित सुभाषचंद्र बोस बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर के अंतर्गत स्थापित बायोसेफ्टी लेवल-3 प्रयोगशाला का लोकार्पण विगत 28 सितंबर को किया गया था। मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एवं छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश चंदेल के प्रयासों की सराहना करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीएसएल-3 प्रयोगशाला के माध्यम से पौधों, पशुओं और मानव स्वास्थ्य से जुड़े संक्रामक रोगों, विशेषकर पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाले जूनोटिक रोगों के अध्ययन एवं निगरानी को नई गति मिलेगी। यह सुविधा गंभीर संक्रामक रोगों की शीघ्र पहचान, रोग प्रकोप से निपटने की तैयारी और उन्नत नैदानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने में उपयोगी सिद्ध हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला में उच्च जैव-सुरक्षा मानकों के अनुरूप नियंत्रित वातावरण उपलब्ध होगा, जिससे वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को संक्रामक रोगजनकों के अध्ययन तथा वैक्सीन एवं उपचार संबंधी अनुसंधान के नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे राज्य में कृषि जैव-प्रौद्योगिकी, पशु स्वास्थ्य और संक्रामक रोग अनुसंधान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण के परस्पर संबंधों पर आधारित ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण को मजबूत बनाने में भी यह प्रयोगशाला महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में रोगों की निगरानी और वैज्ञानिक समाधान विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

श्री साय ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पहले से ही कृषि अनुसंधान, जैव-प्रौद्योगिकी और आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विश्वविद्यालय की फाइटोसैनिटरी प्रयोगशाला कृषि नमूनों, मृदा, जल, फसल अवशेषों तथा अन्य नमूनों के परीक्षण एवं अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बीएसएल-3 प्रयोगशाला की स्थापना से विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक अनुसंधान क्षमताओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा से वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, प्रयोगशाला तकनीशियनों एवं संबंधित विशेषज्ञों को उच्च जैव-सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर मिलेंगे। इससे राज्य में कुशल वैज्ञानिक मानव संसाधन विकसित करने के साथ ही आधुनिक अनुसंधान तकनीकों के विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि बीएसएल-3 प्रयोगशाला भविष्य में संक्रामक रोग अनुसंधान, रोग निगरानी, जैव-सुरक्षा, पशु एवं जूनोटिक रोगों के अध्ययन तथा रोग प्रकोप से निपटने की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अधोसंरचना के रूप में विकसित होगी। इससे छत्तीसगढ़ में उच्चस्तरीय जैव-सुरक्षा अनुसंधान को नई गति मिलने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमता और पहचान को भी मजबूती मिलेगी।

राशिफल: मंगलवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर और कारोबार में मिलेगा लाभ?

 मेष

आज एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन का आगमन हो सकता है। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। अपने करियर पर ध्यान दें। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं।

वृषभ

आज के दिन प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो सकती हैं। फिट रहने पर फोकस रखें। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें।

मिथुन

आज आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है।

कर्क

आज करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। दिन रोमांटिक रहेगा। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। आज का दिन कुछ लोगों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है।

सिंह

आज काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें।

कन्या

आज खर्च को इस ससमी कंट्रोल करने की जरूरत है। बिजनेस, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। नई शुरुआत को खुली बांहों से अपनाएं। डाइट को हेल्दी रखें।

तुला

आज का दिन आलस भरा साबित हो सकता है। आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। गॉसिप से दूर रहें।

वृश्चिक

आज इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। आज का दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।

धनु

आज सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आपका आज का दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है।

मकर

आज के दिन अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। आज का आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें।

कुंभ

आज का आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। धन का आगमन होगा। बाहर के खाने से परहेज करें। आपका दिन इनोवेटिव विचारों पर फोकस करने वाला दिन है। लव के मामले में दिन रोमांटिक रहेगा।

मीन

आज लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। खर्च बढ़ने की संभावना भी है। अपने प्रोफेशनल जीवन में चुनौतियों के साथ-साथ रचनात्मकता की उम्मीद करें।

Aaj ka Panchang : शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन आज, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग

Aaj ka Panchang 13 October 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है.

आज की तिथि

13 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रात 11:28 बजे तक रहेगी. इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी. मंगलवार को सुबह 6:26 बजे सूर्योदय और शाम 5:59 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 8:40 बजे चंद्रोदय और शाम 7:37 बजे चंद्रास्त होगा.

नवरात्रि का तीसरा दिन

13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को शारदीय नवरात्र का तीसरा दिन है. इस दिन मां चंद्रघंटा (दुर्गा जी के दूसरे स्वरूप) की पूजा की जाती है. मां की पूजा करना अत्यंत फलदायी रहेगा.

नक्षत्र

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में रहेंगे. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं या इस नक्षत्र में स्थित होते हैं, तो इसके विशेष और गहरे प्रभाव देखने को मिलते हैं. चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं, जिन्हें सूर्य का मित्र माना जाता है. सूर्य और मंगल के इस मेल से व्यक्ति के भीतर गजब का आत्मविश्वास, साहस, पराक्रम और ऊर्जा बढ़ती है. नौकरीपेशा लोगों के काम की उच्च अधिकारियों द्वारा सराहना होती है. प्रशासन, उच्च पदों या प्रबंधन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ, नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकते हैं.

जान लें योग

मंगलवार को रात 8:23 बजे तक प्रीति योग रहेगा. वैदिक ज्योतिष में प्रीति योग 27 नित्य योगों में से दूसरा अत्यंत शुभ योग माना जाता है. ‘प्रीति’ का अर्थ प्रेम, स्नेह, लगाव और मित्रता होता है. जब सूर्य और चंद्रमा की गतियों के योग से बनने वाली खगोलीय दूरी 13 अंश 20 कला से 26 अंश 40 कला के बीच होती है, तब प्रीति योग का निर्माण होता है. इस योग के देवता या स्वामी भगवान विष्णु को माना गया है, जो प्रेम और पालन के प्रतीक हैं.

जान लें शुभ मुहूर्त

इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है. आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवाँ मुहूर्त) होता है. माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं. जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर रहते हैं, तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है.

मंगलवार को शाम 4:13 से 5:56 बजे तक अमृतकाल रहेगा. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है. इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है. यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ माना गया है.

नोट करें राहुकाल

इस दिन राहुकाल दोपहर 3:06 बजे से 4:32 बजे तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है, जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. राहुकाल को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर निकाला जाता है, जो हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है. स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है. इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है.

मंगलवार को गुलिक काल दोपहर 12:13 से 1:39 बजे तक रहेगा. गुलिक काल को ‘विषैला समय’ भी कहा जाता है. यह एक उपग्रह है, जिसे अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं. इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है. जो काम बार-बार करने हों, वे इस काल में किए जा सकते हैं. बैंक में पैसे जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में अच्छा माना जाता है.

इस दिन यमगंड काल सुबह 9:19 से 10:46 बजे तक रहेगा. यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है. इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु, या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए. इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए.

ग्रहों की स्थिति

मंगलवार को सूर्य देव कन्या राशि में स्थित रहेंगे. जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन, कामकाज और बौद्धिक क्षमता पर विशेष रूप से पड़ता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभकारी माना जाता है.

इस दिन चंद्रमा तुला राशि में रहेगा. ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा के तुला राशि में होने का मतलब है कि जातक के आंतरिक मन, भावनाओं और स्वभाव पर शुक्र ग्रह और वायु तत्व का गहरा प्रभाव है. ऐसे लोग झगड़े और विवाद से दूर रहना चाहते हैं. ये जीवन के हर पहलू में संतुलन और न्याय की तलाश करते हैं. इनका स्वभाव मिलनसार, विनम्र और कूटनीतिक होता है. ये अपनी मीठी वाणी और समझदारी से दूसरों का दिल आसानी से जीत लेते हैं.

दिशाशूल

मंगलवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है.

ज्योतिपति और ज्वाला सिंह: मीठी चुभन -भाग 1

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​दृश्य 1: जंतर-मंतर का खाली आसमान और बहरी दीवारें

न्यूज व्यंग्य लेखन- 12 अक्टूबर 2026

​स्थान: दिल्ली का जंतर-मंतर (दूर क्षितिज पर संसद भवन की धुंधली सी आकृतियां)

​(स्टेज पर एक तरफ ज्योतिपति हाथ में एक पुरानी डायरी लिए उदास खड़े हैं, और दूसरी तरफ ज्वाला सिंह हवा में हाथ लहराते हुए तंज कस रहे हैं। पृष्ठभूमि में एक तीखा लोक-संगीत बज रहा है।)

​ज्योतिपति: (आसमान की तरफ देखते हुए)

अरे ज्वाला भाई! ये सरकारें भी अजीब खेल खेलती हैं। अब लोग कह रहे हैं—जंतर-मंतर छोड़ो, बुराड़ी जाओ, सीबीडी ग्राउंड जाओ या रामलीला मैदान पहुंचो! कोई 12 किलोमीटर, कोई 20 तो कोई 21 किलोमीटर दूर धकेल रहा है हमें। पर कोई ये तो सोचे… जहां जनता है, वहीं तो जनतंत्र है! जहां मंत्र है, वहीं तो लोकतंत्र है!

​ज्वाला सिंह: (मूछों पर ताव देते हुए, ठहाका लगाकर)

अरे ज्योतिपति भाई, भूल गए क्या? नाम ही है ‘जंतर-मंतर’! ‘जन’ मतलब जनता, ‘तंत्र’ मतलब व्यवस्था, और ‘मंतर’ मतलब वो जादुई गूंज जो सीधे सिंहासन के कान के परदे फाड़ दे। अब जब जंतर ही छीन लोगे, तो मंत्र का असर कैसे होगा?

​ज्योतिपति: (गंभीर होकर)

वही तो! मंदिर के पास जाकर घंटी न बजाएं तो क्या भगवान बहरा हो जाता है क्या? जो भगवान पास की घंटी नहीं सुन सकता, वो दूर के पहाड़ों से क्या घंटा सुनेगा? वैसे ही, जहां सदन का मुख्य कार्यालय है, जहां देश की धड़कन धड़कती है, वहीं से तो आवाज़ तुरंत गूंजती है। अब हमें सत्ता से कोसों दूर धकेल दोगे, तो आवाज़ तो धीमी होगी ही… भाई, क्या सरकारें वाकई बहरी हो गई हैं?

​दृश्य 2: मक्खी, हथौड़ा और सुप्रीम कोर्ट का जाला

​ज्वाला सिंह: (व्यंग्य भरी हंसी के साथ)

अरे सरकार बहरी हो या न हो, लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी जरूर गूंजी है। अदालत ने कहा—“मक्खियों को भगाने के लिए क्या हथौड़ा चलाओगे?”

​ज्योतिपति: (सिर खुजाते हुए)

  • हथौड़ा? अरे भई, सुप्रीम कोर्ट में तो बस ‘ऑर्डर-ऑर्डर’ वाला हथौड़ा ही बजता है। पर क्या अदालत इतनी कमज़ोर है कि मक्खी मारने के लिए हथौड़ा उठाएगी? अरे हुज़ूर, मक्खी भगाने के लिए हथौड़ा थोड़ी, एक अदद जाली चाहिए! जाली लगाओ, मक्खी उसमें खुद-ब-खुद फंस जाएगी। या फिर… एक काम करो, ज़रा सा गुड़ रख दो। मक्खी उस गुड़ में ऐसी गड़ेगी कि उसके पंख लिपट जाएंगे, हाथ मलेगी और सिर धुनती रह जाएगी—कहते हैं ना, लालच बुरी बला है!

​ज्वाला सिंह: (आंखें तरेरते हुए)

हाँ! लेकिन फिल्मों ने मक्खियों को कभी कमज़ोर नहीं समझा भाई! एक फिल्म में एक किरदार था… नाम था राहुल गुप्ता, और उसके भाई का नाम था ‘मक्खी’! अब मक्खी है, तब तक तो ठीक है, सीधी-साधी है।

​लेकिन… अगर यही मक्खी ‘मधुमक्खी’ बन गई, और उसके छत्ते पर किसी ने पत्थर मार दिया ना… तो सारा छत्ता भिनभिना उठेगा! फिर हथौड़ा तो दूर की बात, पानी में डूबकर भी कोई इनसे बच नहीं पाएगा! ये है वो मीठी चुभन, जो सत्ता के मीठे गुड़ से चिपककर भी डंक मारना जानती है।

​दृश्य 3: वह मयखाने का जाम और जंतर का पैगाम

​ज्योतिपति: (कविता के अंदाज़ में, थोड़ा संजीदा होकर)

मैंने भी कहीं पढ़ा था, एक शायर ने क्या खूब कहा था—

​“जन्नत में शराब पीने दे, या मीना में बैठकर… या कोई ऐसी जगह बता, जहाँ कोई जुदा न हो!”

​आज हालात ये हैं कि हर जगह से जनता को भगाया जा रहा है। पर सवाल ये है—क्या इस देश के नक्शे पर कोई ऐसी जगह बची है, जहाँ लोकतंत्र न हो? और अगर लोकतंत्र हर जगह है, तो फिर इस आवाज़ को शहर की सीमाओं के बाहर क्यों कैद किया जा रहा है?

​ज्वाला सिंह: (आगे बढ़कर, जनता की तरफ हाथ उठाकर जोश से)

बस! अब यही सवाल ज्योतिपति भाई, इस नई दास्तान की धुरी है। सत्ता चाहे हमें 20 किलोमीटर दूर धकेल दे, चाहे बुराड़ी के मैदान में छोड़ दे—ये मक्खी रूपी जनता जब मधुमक्खी बनकर भिनभिनाएगी ना, तो बड़े-बड़े महलों के शीशे चटक जाएंगे। यही है हमारी आज की ‘मीठी चुभन’!
​प्रकाश धीरे-धीरे कम होता है, पृष्ठभूमि में गूंजती हुई जन-आवाज़ के साथ पर्दा गिरता है।

विभिन्न देवी पीठों में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, राजेश्री महन्त जी महाराज ने लिया माँ आदिशक्ति का आशीर्वाद

रायपुर, 12 अक्टूबर 2026

विभिन्न देवी पीठों में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, राजेश्री महन्त जी महाराज ने लिया माँ आदिशक्ति का आशीर्वाद

खरौद, खोखरा, सलखन, महंत, बिर्रा, केरा और नवागढ़ के देवी मंदिरों में पहुंचकर की पूजा-अर्चना।

समाचार लिखे जाने तक देवी दर्शन का कार्यक्रम जारी है।

शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर पूर्वविधायक राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास महाराज विभिन्न स्थानों पर आयोजित देवी दर्शन एवं पूजा-अर्चना के कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए।

इस दौरान उन्होंने खरौद और खोखरा में मनका दाई मंदिर में दर्शन किए। वहीं सलखन, महंत, बिर्रा और केरा में चंडी दाई के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही नवागढ़ में माता भगवती के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

नवरात्र के पावन पर्व पर देवी मंदिरों में श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में माता रानी के दर्शन कर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

राजेश्री महन्त जी महाराज ने विभिन्न देवी मंदिरों में पहुंचकर मां भगवती के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की तथा इस अवसर पर देवी आराधना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि –

नवरात्र का यह पर्व शक्ति की उपासना, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का पर्व है।

प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी चाहे वे संसार के किसी भी स्थान पर निवास करते हों उन्हें शक्ति की आराधना अवश्य करनी चाहिए।

समाचार लिखे जाने तक देवी दर्शन का कार्यक्रम निरंतर जारी है। उल्लेखनीय है कि वे इस प्रवास के दौरान जांजगीर जिला के वरिष्ठतम पत्रकार उपेंद्र तिवारी के निवास पर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

देवी दर्शन के इस कार्यक्रम में उनके साथ विशेष रूप से कमलेश सिंह, प्रमोद सिंह, रामकृष्ण कश्यप, जगदीश यादव, अवधेश सिंह, इग्लेश सिंह, शशिकांत सिंह, राधेलाल थवाईत, कृष्ण प्रजापति, सुनील सिंह, राजीव रंजन सिंह, पवार, दिलदार खान, संतोष कुमार साहू, पुरेंद्र सोनी, राम खिलावन तिवारी, मणिलाल कश्यप, मनोज तिवारी, ईश्वर देवांगन, श्रीमती माधुरी आदित्य, नरेश आदित्य,एल डी आदित्य, निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक प्रतिष्ठित नागरिक गण सम्मिलित हुए।

बेमेतरा पुलिस और शांति समिति की बैठक

बेमेतरा, 12 अक्टूबर 2026

नवरात्रि एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने बेमेतरा पुलिस ने ली शांति समिति की बैठक बैठक में दुर्गा उत्सव समितियों के सदस्य, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठजन उपस्थित रहे।

दुर्गा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं वालंटियर्स की तैनाती अनिवार्य करने के निर्देश।

नवरात्रि और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए बेमेतरा पुलिस ने जिले के थाना और चौकी स्तर पर शांति समिति की बैठकें कीं।

पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देशन में हुई बैठकों में दुर्गा उत्सव समितियों के सदस्य, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। पुलिस ने समितियों को पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त रोशनी रखने और वालंटियर्स तैनात करने के निर्देश दिए।

भीड़ और शाम की आरती के समय यातायात व्यवस्था संभालने, सड़क या सार्वजनिक मार्ग बाधित नहीं करने और महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। पुलिस ने असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और किसी भी अप्रिय गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील भी की।

डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल में तय नियमों और समय-सीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए। बेमेतरा पुलिस ने सभी नागरिकों से आपसी सहयोग और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की।

छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों को मिलेगा बढ़ा हुआ बोनस, 31 हजार से अधिक किसानों के खातों में आएंगे 51 करोड़ रुपये

रायपुर:  छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों को मिलने वाले बोनस की गणना का आधार बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय के तहत बोनस की गणना के लिए निर्धारित राशि को 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इससे प्रदेश के सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े हजारों किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

31,022 किसानों को मिलेगा बोनस का लाभ

राज्य के चार सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े कुल 31,022 किसानों को पेराई सत्र 2025-26 के लिए 51.09 करोड़ रुपये का बोनस दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से किसानों को गन्ने की उपज का बेहतर आर्थिक प्रतिफल मिलने की उम्मीद है।

अब 95.95 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी गणना

बोनस की गणना में गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य यानी एफआरपी 329.05 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित आधार है। सरकार द्वारा तय 425 रुपये प्रति क्विंटल के आधार में से एफआरपी की राशि घटाने पर किसानों को 95.95 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा।

इस फैसले पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी और उनकी आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि सरकार खेती को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए प्रयास कर रही है।

चार शक्कर कारखानों के किसानों को कितनी मिलेगी राशि?

बोनस वितरण के तहत अलग-अलग सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों के लिए राशि निर्धारित की गई है।

  • भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा: 14,961 किसानों को लगभग 24.55 करोड़ रुपये मिलेंगे।
  • सरदार पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया: 8,049 किसानों को करीब 11.68 करोड़ रुपये का बोनस दिया जाएगा।
  • महामाया सहकारी शक्कर कारखाना, केरता: 7,250 किसानों को लगभग 11.35 करोड़ रुपये मिलेंगे।
  • दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना, बालोद: 762 किसानों को करीब 3.52 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।

इस तरह छत्तीसगढ़ के चार सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों को पेराई सत्र 2025-26 के लिए कुल 51.09 करोड़ रुपये का बोनस दिए जाने की योजना है।

रायपुर में RPF के 42वें स्थापना दिवस पर दिखेगा जवानों का शौर्य, DG सोनाली मिश्रा करेंगी परेड की सलामी, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मिलेगा सम्मान

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के 42वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के लिए रायपुर को चुना जाना प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। शहर के रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड में होने वाले समारोह के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम में रेलवे सुरक्षा बल के जवान अपनी कार्यक्षमता, अनुशासन और साहस का प्रदर्शन करेंगे।

भव्य परेड में महिला जवानों से लेकर कमांडो टीम तक दिखाएगी दमखम

स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत आकर्षक परेड के साथ होगी। इसमें रेलवे सुरक्षा बल की विभिन्न टुकड़ियां अनुशासित मार्च करती नजर आएंगी। परेड में महिला जवानों का दस्ता भी विशेष आकर्षण रहेगा।इसके अलावा कमांडो टीम CORAS, डॉग स्क्वॉड और सेगवे दस्ता अपनी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। इन प्रस्तुतियों के जरिए रेलवे सुरक्षा बल की तैयारियों, सुरक्षा क्षमता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने की योग्यता को प्रदर्शित किया जाएगा।

RPF महानिदेशक सोनाली मिश्रा रहेंगी मुख्य अतिथि

समारोह में रेलवे सुरक्षा बल की महानिदेशक सोनाली मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम में रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और छत्तीसगढ़ प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।महानिदेशक सोनाली मिश्रा परेड की सलामी लेंगी और जवानों को संबोधित करेंगी। इस दौरान रेलवे सुरक्षा बल की जिम्मेदारियों, उपलब्धियों और रेल यात्रियों की सुरक्षा में उसकी भूमिका पर भी ध्यान केंद्रित रहेगा।

तीन अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक, 30 कर्मियों को पुलिस पदक

RPF के स्थापना दिवस पर उत्कृष्ट कार्य और सराहनीय सेवाओं के लिए अधिकारियों तथा जवानों को सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष तीन अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक और 30 अधिकारियों एवं जवानों को पुलिस पदक प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई है।इन सम्मानों के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल में कार्यरत कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और उल्लेखनीय योगदान को मान्यता दी जाएगी।

यात्री की जान बचाने वाले जवान को मिलेगा जीवन रक्षा पदक

समारोह में एक जवान को उसकी बहादुरी और मानवीय कर्तव्य के लिए विशेष सम्मान भी दिया जाएगा। वर्ष 2024 में एक रेल यात्री की जान बचाने वाले RPF जवान को जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया जाएगा।जानकारी के अनुसार, जवान ने यात्री की जान बचाने के लिए अपनी सुरक्षा की परवाह नहीं की थी। उसका यह साहसिक कदम रेलवे सुरक्षा बल के सेवा भाव और जिम्मेदारी को दर्शाता है।

राष्ट्रीय आयोजन से सामने आएगी रेलवे सुरक्षा बल की भूमिका

रायपुर में आयोजित RPF का 42वां स्थापना दिवस समारोह जवानों के अनुशासन, बहादुरी और सेवा भावना को प्रदर्शित करने का अवसर है। परेड, विशेष दस्तों के प्रदर्शन और पदक वितरण के जरिए उन कर्मियों के योगदान को सम्मान दिया जाएगा, जो रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नौकरी का झांसा देकर दो मजदूरों को तमिलनाडु ले जाने का आरोप, बंधक बनाकर परिजनों से मांगे पैसे

 बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से मजदूरों को नौकरी का लालच देकर दूसरे राज्य ले जाने और कथित तौर पर बंधक बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो मजदूरों को नागपुर की बिस्किट फैक्ट्री में अच्छी तनख्वाह पर काम दिलाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन उन्हें तमिलनाडु ले जाया गया। वहां उन्हें कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया और रिहाई के बदले उनके परिजनों से पैसे मांगे गए। पीड़ित मजदूर बालोद जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र के करहीभदर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

नागपुर में नौकरी दिलाने का दिया गया था भरोसा

मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दलालों ने दोनों मजदूरों को नागपुर की एक बिस्किट फैक्ट्री में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उन्हें अच्छी तनख्वाह मिलने की बात कही गई थी। रोजगार की तलाश में मजदूर उनकी बातों में आ गए और काम की उम्मीद लेकर उनके साथ रवाना हो गए।

हालांकि, आरोप है कि मजदूरों को नागपुर ले जाने के बजाय तमिलनाडु पहुंचा दिया गया। वहां पहुंचने के बाद उनके साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी की गई और उन्हें एक स्थान पर बंधक बना लिया गया।

परिजनों को फोन कर पैसे भेजने के लिए दी गई धमकी

मजदूरों के परिवारों का आरोप है कि उन्हें फोन करके पैसे की मांग की गई। कथित तौर पर धमकी दी गई कि रकम नहीं भेजने पर मजदूरों को रिहा नहीं किया जाएगा। इस घटना से परिवार के लोग घबरा गए और उन्होंने अपने बेटों को सुरक्षित वापस लाने की उम्मीद में 16 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

परिजनों के मुताबिक, पैसे भेजने के बाद भी मजदूरों को नहीं छोड़ा गया। उनका यह भी कहना है कि इसके बाद दोबारा धमकियां दी जा रही हैं। इस घटनाक्रम से परिवारों की चिंता बढ़ गई है और उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है।

कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों से लगाई मदद की गुहार

मजदूरों के परिजनों ने मामले की शिकायत बालोद कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और कोतवाली थाने में की है। उन्होंने प्रशासन से दोनों मजदूरों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित घर वापस लाने की अपील की है।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अब पुलिस के सामने मजदूरों की मौजूदा स्थिति का पता लगाने, उन्हें सुरक्षित वापस लाने और नौकरी का झांसा देने वाले कथित आरोपियों की भूमिका की जांच करने की चुनौती है।

मजदूरों की सुरक्षित वापसी पर परिवारों की निगाहें

रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने वाले श्रमिकों के साथ धोखाधड़ी की आशंका ऐसे मामलों में गंभीर चिंता का विषय है। बालोद के दोनों मजदूरों के परिवार अपने बेटों की सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।