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Sunday, October 25, 2026
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बिरयानी खाओ, लेकिन हिंदू दुकानों से’ के पोस्टर पर विवाद, कांग्रेस ने उठाए सवाल

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 पश्चिम बंगाल :  सिलीगुड़ी में दुकानों से खरीदारी को लेकर लगाए गए कुछ पोस्टरों ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में लगाए गए पोस्टरों में लोगों से हिंदू दुकानदारों से ही बिरयानी और मांस खरीदने की अपील की गई है। इस पहल को लेकर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए है, जबकि पोस्टर लगाने वाले संगठन ने इसे हिंदू एकता से जुड़ा संदेश बताया है।

पोस्टरों पर क्या लिखा है?

जानकारी के मुताबिक, सिलीगुड़ी में ये पोस्टर हिंदू जागरण मंच की ओर से लगाए गए है। एक पोस्टर पर लिखा है, बिरयानी खाओ, लेकिन हिंदू दुकानों से। वहीं, दूसरे पोस्टर में लोगों से हिंदू दुकानदारों से ही मांस खरीदने की अपील की गई है।इन संदेशों के सामने आने के बाद शहर में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है और विपक्षी नेताओं ने इस तरह की अपील पर आपत्ति जताई है।

राज्य मंत्री शंकर घोष के घर के पास भी लगे पोस्टर

ये पोस्टर सार्वजनिक स्थानों के अलावा भारत नगर इलाके में भी नजर आए। बताया गया कि तरुण तीर्थ क्लब की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा के मैदान के सामने और राज्य मंत्री शंकर घोष के घर के नजदीक भी पोस्टर लगाए गए है।हिंदू जागरण मंच के प्रतिनिधियों का कहना है कि इन पोस्टरों का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता का संदेश देना है। हालांकि, इस अपील को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है।

कांग्रेस नेता अशोक भट्टाचार्य ने जताई आपत्ति

पोस्टर विवाद पर कांग्रेस नेता अशोक भट्टाचार्य ने सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर समाज में नफरत को बढ़ावा दिया जा रहा है।भट्टाचार्य के मुताबिक, कोई व्यक्ति क्या खाता है और किस दुकान से सामान खरीदता है, यह फैसला उसे खुद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम, बंगाली, बिहारी या मारवाड़ी होने के आधार पर खरीदारी को लेकर अपील करना उचित नहीं है।इस मामले ने सिलीगुड़ी में धार्मिक पहचान, व्यापार और व्यक्तिगत पसंद को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पोस्टरों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह देखना अहम होगा कि विवाद आगे क्या रूप लेता है।

छत्तीसगढ़ में अजगर के मुंह से निकाला कैंसर का ट्यूमर, साढ़े तीन घंटे चला ऑपरेशन

 छत्तीसगढ़  : कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज इंसानों के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में पशु चिकित्सा से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान खींचा है। अंबिकापुर में रेस्क्यू किए गए एक इंडियन रॉक पाइथन के मुंह में कैंसर का ट्यूमर मिला। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने करीब साढ़े तीन घंटे तक जटिल सर्जरी कर ट्यूमर को बाहर निकाला।

रेस्क्यू के बाद जांच में सामने आई बीमारी

मिली जानकारी के मुताबिक, सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में 8.5 किलो वजन वाले एक इंडियन रॉक पाइथन को स्नेक रेस्क्यूअर सत्यम द्विवेदी ने बचाया था। रेस्क्यू के बाद जब सांप की जांच की गई, तो उसके मुंह के अंदर एक बड़ी गांठ दिखाई दी। जांच के दौरान इसे कैंसर का ट्यूमर बताया गया।अजगर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई। इसके बाद उसे अंबिकापुर से बिलासपुर ले जाने का निर्णय लिया गया।

कानन पेंडारी में जांच, फिर सर्जरी का फैसला

अजगर को लेकर सत्यम द्विवेदी बिलासपुर पहुंचे। वहां कानन पेंडारी में उसकी जांच की गई। इसके बाद डॉक्टर पीयूष दुबे की मदद से ट्यूमर निकालने के लिए ऑपरेशन करने का फैसला लिया गया।सांप के मुंह में मौजूद ट्यूमर को हटाना बेहद संवेदनशील प्रक्रिया थी। ऑपरेशन के दौरान छोटी सी गलती भी अजगर के जीवन के लिए खतरा बन सकती थी।

साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद मिली सफलता

डॉक्टरों की टीम ने करीब साढ़े तीन घंटे तक सर्जरी की। इस दौरान अजगर के मुंह से ट्यूमर निकाल दिया गया। जटिल प्रक्रिया के बावजूद ऑपरेशन सफल रहा।सर्जरी के बाद अजगर को ड्रिप और विशेष निगरानी में रखा गया है। अब उसकी देखभाल की जा रही है, ताकि ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति में सुधार हो सके। इस पूरे मामले में रेस्क्यूअर और डॉक्टरों के प्रयासों से एक बेजुबान जीव को इलाज का मौका मिला।

Jantar Mantar पर प्रदर्शन की कोशिश, दिल्ली पुलिस ने CJP के सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया

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Jantar Mantar  : दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार को प्रदर्शन करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की। सौरभ दास और पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों के पास आयोजन की अनुमति नहीं थी।इससे पहले सोमवार को दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए स्थानों को लेकर निर्देश जारी किए थे। इसके तहत प्रदर्शन करने के इच्छुक लोगों को रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड जैसे निर्धारित स्थानों पर अनुमति लेने के बाद कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है। इन स्थानों के अलावा अन्य जगह प्रदर्शन करने की कोशिश पर हिरासत में लिए जाने की चेतावनी दी गई है।

JDU कार्यालय की ओर से जंतर-मंतर पहुंचे कार्यकर्ता

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सौरभ दास, आशुतोष रांका और CJP के कुछ अन्य कार्यकर्ता जंतर-मंतर के पास JDU कार्यालय परिसर की तरफ से अंदर दाखिल हुए। आरोप है कि वे गेट पार करके जंतर-मंतर तक पहुंच गए। वहां कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय के नारे लगाए।पुलिस की नजर पड़ने के बाद सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो

सौरभ दास ने अपनी हिरासत से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। वीडियो में वे अपने साथियों के साथ इंकलाब जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाते दिखाई दे रहे है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते नजर आ रहे है।

10 अक्टूबर को भी हुई थी कार्रवाई

सौरभ दास और आशुतोष रांका को इससे पहले 10 अक्टूबर को भी हिरासत में लिया गया था। उस समय दोनों को दिल्ली में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। जानकारी के अनुसार, उन्हें अगले एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर जमानत दी गई थी।बताया गया कि जमानत मिलने के बाद दोनों ने फिर प्रदर्शन करने की कोशिश की, जिसके बाद मंगलवार को पुलिस ने दोबारा कार्रवाई की। वहीं, अभिजीत दीपके अपनी दादी के निधन के बाद से घर पर मौजूद बताए गए है।

Navratri 2026: इस जगह बन रहा गोलगप्पे और चनाचूर थीम पर मां दुर्गा का अनोखा पंडाल, देखने उमड़ रही भीड़

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 Unique Durga Puja Attraction: शारदीय नवरात्रि का जश्न और अनोखे पंडालों की तैयारी.शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. इस पावन पर्व को लेकर देशभर में जश्न का माहौल देखने को मिल रहा है. हर कोने में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं. हर साल की तरह इस साल भी कई जगहों पर माता रानी की अनोखे और आकर्षक पंडाल बनाए गए हैं, जिन्हें देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. इसी बीच रांची में एक अलग अंदाज में मां दुर्गा का पंडाल तैयार किया जा रहा है.

गोलगप्पे और चनाचूर थीम पर बन रहा है पंडाल

सनातन धर्म में नवरात्रि त्योहार का बहुत महत्व है, इसलिए भक्त बड़ी श्रद्धा से माता रानी के नौ रूपों की पूजा करते हैं और अनोखे अंदाज में दुर्गा पंडाल को सजाते हैं. खबरों के अनुसार रांची के हिनू स्थित शुक्ला कॉलोनी में मां दुर्गा का पंडाल गोलगप्पे और चनाचूर की थीम पर तैयार किया जा रहा है, जो देखने में बाकी पंडालों से बिल्कुल अलग और खास है.

बंगाल से मंगवाए गए गोलगप्पे

जानकारी के अनुसार इस अनोखे पंडाल को सनातन संघ दुर्गा समिति की तरफ से तैयार किया जा रहा है. इसकी लागत लगभग 21 लाख रुपये बताई जा रही है. इस पंडाल की सजावट में गोलगप्पे और चनाचूर का इस्तेमाल किया जाएगी. इसे बनाने के लिए पश्चिम बंगाल से 10 हजार से अधिक गोलगप्पे मंगवाए गए हैं. इस अनोखे पंडाल की चर्चा अभी से ही देशभर में हो रही है.

पंडाल की ऊंचाई और मां दुर्गा की प्रतिमा

सनातन संघ दुर्गा समिति द्वारा बनाए जा रहे इस गोलगप्पे पंडाल की ऊंचाई लगभग 55 फीट और चौड़ाई 60 फीट होगी. इस पंडाल के अंदर मां दुर्गा की 11 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसमें माता रानी महिषासुर का वध करती हुई दखाई देंगी. पंडाल को सजाने और तैयार करने के लिए 10 कारीगर पिछले एक महीने से ज्यादा समय से काम में जुटे हुए हैं.

कलाकृतियां और उद्घाटन की तैयारी

समिति के अनुसार सज रहे पंडाल के अंदर गोलगप्पे खाने के तरीके को दिखाती आकर्षक कलाकृतियां भी बनाई जाएंगी. आयोजकों के अनुसार रांची के इस अनोखे पंडाल की पूजा और उद्घाटन 16 अक्टूबर को होना है. इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा. इसके साथ ही महाभोग और प्रसाद वितरण का भी इंतजाम किया जाएगा. अभी से ही इस अनोखे पंडाल को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे हैं.

पार्षद बहू ने 87 साल के ससुर के घर पर किया कब्जा, कोर्ट ने एक महीने में मकान खाली करने का दिया आदेश

Jabalpur News: जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बड़ा फैसला सुनाया है. पार्षद बहू रेनू कोरी को ससुर रूपलाल कोरी के घर से कब्जा छोड़ने के लिए कहा है. माता-पिता भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत कलेक्टर कोर्ट ने फैसला सुनाया है. पीड़ित का आरोप है कि बेटे के निधन के बाद बहू ने जबरन उनके मकान पर कब्जा कर लिया.

क्या है पूरा मामला?

रुपलाल कोरी (87 साल) जबलपुर स्थित टेलीग्राफ फैक्ट्री में काम करते थे. वे गोहलपुर थाना क्षेत्र के डॉ. राममनोहर लोहिया वार्ड क्रमांक-2, त्रिमूर्ति नगर में रहते हैं. उन्होंने अपनी बचत से साल 1986 में 2400 वर्गफुट जमीन खरीदी थी. इस पर उन्होंने घर बनवाया. पीड़ित के 5 बेटे और तीन बेटियां हैं. कलेक्टर कोर्ट में अपील दायर करके उन्होंने बताया कि उनके स्वर्गीय बेटे राकेश की पत्नी रेनू ने घर और दुकान पर कब्जा कर लिया है. जब उन्होंने जर्जर मकान की मरम्मत कराने की कोशिश की तो उन्हें रोका गया. उन्हें मानसिक तौर से प्रताड़ित किया जा रहा है.

SDM ने निरस्त किया आवेदन

रुपलाल कोरी ने एसडीएम आधारताल के पास बेदखली के लिए आवेदन दिया था. SDM कोर्ट ने इसे पारिवारिक और संपत्ति के बंटवारे का मामला मानते हुए आवेदन को निरस्त कर दिया था. इसके साथ ही उन्हें सिविल कोर्ट जाने की सलाह दी. रुपलाल ने हाई कोर्ट में अपील की, जहां समयबद्ध अपील निराकरण निर्देश के बाद कलेक्टर न्यायालय में अपील दायर की.

एक महीने में घर खाली करना होगा

कलेक्टर कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए एसडीएम के फैसले को रद्द कर दिया. न्यायालय ने कहा कि बहू के पास रहने के लिए अन्य स्थान या घर है. जीवन के अंतिम पड़ाव में सभी को शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से जीवन जीने का वैधानिक अधिकार है. रेनू कोरी को एक महीने के भीतर ससुर के मकान से कब्जा छोड़ना होगा.

Bilaspur में रेलवे TTE नौकरी का झांसा देकर 13.07 लाख की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

 Bilaspur Job Fraud: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से बड़ी खबर आ रही है. जहां, नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है. रेलवे में TTE की नौकरी का झांसा देकर दयालबंद निवासी युवक रविकांत यादव से 13.07 लाख रुपये ठग लिए गए. आरोपियों ने रेलवे के बड़े अधिकारियों से पहचान होने का दावा कर युवक को भरोसे में लिया.

क्या है पूरा मामला ?

पीड़ित की शिकायत के मुताबिक, दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच आरोपियों ने अलग-अलग किश्तों में UPI और PhonePe के माध्यम से रुपये लिए. कभी नियुक्ति पत्र का झांसा, कभी ट्रेनिंग का बहाना, तो कभी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे ऐंठे जाते रहे.

रविकांत को नहीं मिले पैसे

लंबे इंतजार के बाद न नौकरी मिली और न ही रकम वापस हुई. जब रविकांत ने पैसे लौटाने की मांग की तो आरोपी टालमटोल करने लगे और बाद में संपर्क भी तोड़ दिया. ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोपियों के मोबाइल नंबर, UPI ट्रांजेक्शन डिटेल और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पड़ताल की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा.

CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED का बड़ा दावा, राजीव भवन तक पहुंचे 880 करोड़ रुपये, 9.06 करोड़ की संपत्ति कुर्क

 CG Liquor Scam:  छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि शराब सिंडिकेट के जरिए जुटाई गई 860 से 880 करोड़ रुपये तक की रकम रायपुर स्थित कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन तक पहुंचाई गई थी। ED के मुताबिक, इस रकम को कार्यालय तक पहुंचाने और उसके प्रबंधन में रामगोपाल अग्रवाल की अहम भूमिका थी। हालांकि, ये आरोप जांच एजेंसी के हैं और मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होंगे।

रामगोपाल अग्रवाल की दो संपत्तियां कुर्क

शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में ED ने रामगोपाल अग्रवाल की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने का आदेश जारी किया है। इन संपत्तियों का मूल्य करीब 9.06 करोड़ रुपये बताया गया है। एजेंसी ने 8 अक्टूबर को कुर्की का आदेश जारी किया था।इसके अगले दिन, 9 अक्टूबर को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ पूरक शिकायत दाखिल की गई। उन्हें 11 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह फिलहाल जेल में हैं।

सिंडिकेट से राजीव भवन तक कैसे पहुंचती थी नकदी?

ED की जांच के अनुसार, शराब सिंडिकेट से मिलने वाली नकदी का एक बड़ा हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल के पास रखा जाता था। एजेंसी का आरोप है कि रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर पप्पू बंसल यह रकम राजीव भवन पहुंचाते थे। वहां कथित तौर पर अकाउंटेंट देवेंद्र दादसेना को नकदी सौंपी जाती थी।जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि करीब 72 करोड़ रुपये रामगोपाल अग्रवाल के सीधे नियंत्रण में थे। आरोप के मुताबिक, इस रकम को उनके निर्देश पर रखा जाता था या खर्च और वितरित किया जाता था।इन आरोपों के समर्थन में ED ने डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों का हवाला दिया है।

अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी

इस मामले में ED रायपुर की विशेष अदालत में एक मुख्य शिकायत और छह पूरक शिकायतें दाखिल कर चुकी है। जांच के दौरान पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी और चैतन्य बघेल समेत कुल नौ लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है।एजेंसी की जांच का दायरा कथित अवैध कमाई, उसके लेनदेन और उससे खरीदी गई संपत्तियों तक फैला हुआ है। अब जांचकर्ताओं का जोर इस बात का पता लगाने पर है कि कथित घोटाले से हासिल रकम किन लोगों तक पहुंची और इसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया।

कुर्क और जब्त संपत्तियों का आंकड़ा 610 करोड़ रुपये के पार

ED के मुताबिक, शराब घोटाले से जुड़े मामले में अब तक 601.28 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क, जब्त या फ्रीज की जा चुकी थीं। रामगोपाल अग्रवाल की 9.06 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जोड़ने के बाद यह आंकड़ा करीब 610.34 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।जांच एजेंसी अब कथित अवैध कमाई के पूरे नेटवर्क और उससे लाभ पाने वाले अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की कार्यवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

Rahul Gandhi Petition: SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विपक्ष, याचिका में मिलीं 14 खामियां, सुनवाई के लिए नहीं हो सकी सूचीबद्ध

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 Rahul Gandhi Petition: दिल्ली में  चुनावी प्रक्रिया और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सियासी हलचल तेज रही। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। इसके बाद शाम को उनकी कानूनी टीम ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की। हालांकि, प्रक्रियागत कमियों के चलते याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने दस्तावेजों में कुल 14 आपत्तियां दर्ज की हैं।

याचिका में कहां-कहां मिलीं खामियां?

SIR के खिलाफ दाखिल याचिका में दस्तावेजों और कानूनी औपचारिकताओं से जुड़ी कई कमियां सामने आई हैं। रजिस्ट्री की आपत्तियों के अनुसार, याचिका के साथ जमा वकालतनामे पर कई विपक्षी नेताओं के हस्ताक्षर नहीं थे। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की स्पष्ट और पढ़ने योग्य प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई।याचिका दाखिल करने के लिए निर्धारित शुल्क में भी 220 रुपये की कमी पाई गई। यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई थी, जिसके अंतर्गत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट में उठाया जा सकता है।रजिस्ट्री ने चुनाव आयुक्तों को व्यक्तिगत रूप से प्रतिवादी बनाए जाने पर भी सवाल उठाया है। उसने याचिकाकर्ताओं से इसका आधार स्पष्ट करने को कहा है।

इन 9 नेताओं के हस्ताक्षर नहीं मिले

रजिस्ट्री की ओर से दर्ज आपत्तियों में वकालतनामे पर हस्ताक्षर का अभाव प्रमुख है। जिन नेताओं के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, उनमें शामिल हैं:

  • सौगत रॉय
  • अखिलेश यादव
  • तेजस्वी यादव
  • संजय राउत
  • एमए बेबी
  • डी राजा
  • महुआ माझी
  • सुप्रिया सुले
  • ईटी मोहम्मद बशीर

वकालतनामा वह कानूनी दस्तावेज है, जिसके माध्यम से याचिकाकर्ता किसी अधिवक्ता को अदालत में अपना पक्ष रखने और मामले की पैरवी करने का अधिकार देता है। इस दस्तावेज में जरूरी हस्ताक्षर नहीं होने पर अदालत की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले कमी दूर करनी पड़ सकती है।

खड़गे के पहचान पत्र और अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की साफ प्रति जमा करने को कहा है। इसके अलावा 24 जून 2025 के फैसले और SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से संबंधित दस्तावेजों की सूची सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध कराने की मांग की गई है।इन आपत्तियों को दूर करने के बाद याचिका की आगे की प्रक्रिया बढ़ सकती है। फिलहाल, रजिस्ट्री की ओर से दर्ज कमियों के कारण याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी है।

SIR को लेकर क्यों बढ़ी राजनीतिक हलचल?

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और सूची में दर्ज विवरणों की जांच जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं की सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की कार्रवाई इसी विरोध के बीच हुई।अब इस मामले में आगे की स्थिति याचिका में दर्ज आपत्तियों को दूर करने और शीर्ष अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

गन्ना बोनस में बढ़ोतरी से भोरमदेव कारखाने के 14,961 किसानों को मिलेगी बोनस राशि

प्रदेश के चारो शक्कर कारखानों के 31,022 किसानों को मिलेगा 51.09 करोड़ रुपए का लाभ

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गन्ना बोनस की गणना का आधार 355 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 425 रूपए प्रति क्विंटल किए जाने से गन्ना किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से लिए गए इस निर्णय से गन्ना किसानों को बढ़ी हुई दर से बोनस का लाभ मिलेगा। इस निर्णय के फलस्वरूप पेराई सत्र 2025-26 में भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर, कवर्धा को गन्ना बेचने वाले 14,961 किसानों को लगभग 24.55 करोड़ रुपए की बोनस राशि प्राप्त होगी।

पेराई सत्र 2025-26 के लिए बोनस गणना में एफआरपी 329.05 रुपए प्रति क्विंटल का आधार लिया गया है। बढ़ी हुई दर के अनुसार 425 रुपए में से एफआरपी घटाने पर किसानों को 95.95 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान कुल 25,58,188 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। इस मात्रा पर 95.95 रुपए प्रति क्विंटल की दर से लगभग 24.55 करोड़ रुपए की बोनस राशि बनेगी, जिसका लाभ कारखाने को गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों को मिलेगा।

नवरात्रि से पहले गन्ना उत्पादकों को प्रदेश सरकार ने दिया तोहफा
 प्रदेश के चारों सहकारी शक्कर कारखानों में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान कुल 53,25,120 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। इस आधार पर प्रदेश के कुल 31,022 गन्ना विक्रेता किसानों को लगभग 51.09 करोड़ रुपए की बोनस राशि प्राप्त होगी। नवरात्रि से पहले राज्य सरकार के इस निर्णय से गन्ना किसानों में हर्ष व्याप्त है। इससे किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा। बढ़ी हुई बोनस राशि से किसानों को खेती की लागत वहन करने, समय पर कृषि कार्य कराने तथा आगामी फसल की बेहतर तैयारी करने में सहायता मिलेगी। इस निर्णय से कबीरधाम जिले के गन्ना किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों ने गन्ना बोनस की गणना का आधार बढ़ाने के निर्णय पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है। बढ़ी हुई बोनस राशि से किसानों को खेती की लागत वहन करने और आगामी फसल की तैयारी में आर्थिक सहायता मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 78.51 लाख रुपए के दो सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

रायपुर- उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देते हुए मुख्यमंत्री गौरव पथ योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले में कुल 78.51 लाख रुपए की लागत से सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर क्षेत्र की महिलाओं की सहभागिता के साथ भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। भूमिपूजन के साथ ही दोनों निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिए गए। इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा व्यवस्थित नाली निर्माण से जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी। इससे गांवों में सड़क एवं नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीणों को दैनिक आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।

       मुख्यमंत्री गौरव पथ योजना के अंतर्गत ग्राम धरमपुरा में मानिकचौरी मेन रोड से धान खरीदी केंद्र एवं गौठान तक 49.74 लाख रुपए की लागत से 0.5 किलोमीटर लंबाई में सीसी सड़क सह नाली का निर्माण किया जाएगा। इस निर्माण कार्य से ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही सड़क के किनारे नाली निर्माण होने से जल निकासी व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही ग्राम बिरकोना में 28.77 लाख रुपए की लागत से 0.25 किमी लंबाई में सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्य कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने संबंधित अधिकारी और ठेकेदार को गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए।

     उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम बिरकोना में 1 करोड़ 2 लाख 96 हजार रुपए तथा ग्राम धरमपुरा में  1 करोड़ 24 लाख 7 हजार रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं। इसके साथ ही दोनों गांवों में सैकड़ों प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण भी किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान की सुविधा मिली है। सरकार का उद्देश्य गांवों में सड़क, नाली, आवास सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीणों के जीवन को और अधिक सुविधाजनक बनाना है।

    उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसके तहत स्कूलों में लगाई गई स्क्रीन के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ करियर काउंसलिंग और कोचिंग की सुविधा भी मिलेगी।विधानसभा क्षेत्र के कुल 85 स्कूलों में से अब तक 50 स्कूलों में स्क्रीन लगाई जा चुकी हैं। शेष 35 स्कूलों में भी स्क्रीन लगाने की योजना है। इसके अलावा क्षेत्र के सभी 8 छात्रावासों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल के तहत देश के प्रमुख ऑनलाइन शिक्षा संस्थानों में शामिल फिजिक्स वाला के माध्यम से विद्यार्थियों को कोचिंग उपलब्ध कराने के लिए बातचीत की गई है। योजना के अनुसार, विद्यार्थियों को स्कूलों और छात्रावासों में ही स्क्रीन के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य महंगी कोचिंग और दूसरे शहरों में जाकर पढ़ाई करने की मजबूरी को कम करना तथा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना है।

     तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में साहसिक कार्य किया गया है। वे बिरकोना और धरमपुरा जैसे गांवों की जरूरतों को समझते हुए लगातार विकास कार्यों को गति प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों द्वारा भूमिपूजन किया जाना भी सराहनीय है, क्योंकि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज और क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। विकास एक सतत प्रक्रिया है, जो कभी रुकनी नहीं चाहिए। इस दौरान पुर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

भूमिपूजन के साथ ही शुरू हुए निर्माण कार्य
      उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देते हुए इन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। दोनों कार्यों को भूमिपूजन के साथ ही प्रारंभ कर दिया गया है। इन निर्माण कार्यों से धरमपुरा और बिरकोना के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होने के साथ ही गांवों में बुनियादी अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।