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नक्सल मुक्त हुआ भारत, अब विकसित बनेगा बस्तर:अमित शाह का ऐतिहासिक ऐलान

जगदलपुर/बस्तर – 19 मई 2026

छत्तीसगढ़ के बस्तर प्रवास के दौरान केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 19 मई 2026 को जगदलपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता और मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में भारत के पूरी तरह नक्सल मुक्त होने की ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों के पराक्रम से तय समय-सीमा (31 मार्च 2026) से पहले ही देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हो चुका है। अमित शाह ने इस सफलता का पूरा श्रेय सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को देते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

विकास और समृद्धि का नया रोडमैप:
गृह मंत्री श्री शाह ने स्पष्ट किया कि सिर्फ नक्सल-मुक्त होना काफी नहीं है, बल्कि अगले 5 वर्षों में बस्तर की आय को 6 गुना बढ़ाना और साल 2031 तक इसे देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए ‘सुरक्षा से विश्वास और विश्वास से विकास’ का 5 सूत्रीय फॉर्मूला तय किया गया है।

प्रमुख लोक-कल्याणकारी योजनाएं:
आर्थिक सुदृढ़ीकरण की ओर इशारा करते कहा बस्तर में आगामी 6 महीनों में सहकारी डेयरी का विशाल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक आदिवासी महिला को एक गाय और एक भैंस दी जाएगी। वन उपज और कृषि का पूरा मुनाफा अब सीधे आदिवासियों को मिलेगा।

सेवा डेरा मॉडल स्वरूप से नक्सलवाद उन्मूलन के लिए बने 200 सुरक्षा कैंपों में से एक-तिहाई को ‘वीर शहीद गुंडाधुर डेरा’ (सेवा डेरा) में बदला जाएगा, जो शत-प्रतिशत सरकारी योजनाओं को ग्रामीणों के घर तक पहुंचाएंगे।

पुनर्वास की बात करते हुए गृह मंत्री ने कहा आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की साइकोलॉजिकल मैपिंग, शिक्षा और स्किलिंग पर जोर दिया जाएगा ताकि वे सम्मान से जी सकें।

केंद्रीय मंत्री ने बस्तर के स्थानीय निवासी के लिए कहा समाज की धारा में शामिल होने सांस्कृतिक जुड़ाव जरूरी है।
‘बस्तर ओलंपिक्स’ और ‘बस्तर पंडुम’ के जरिए आदिवासी संस्कृति को पुनर्जीवित किया जाएगा।

मंत्री अमित शाह ने स्थानीय जनता को आगाह किया कि माओवादी अब भेष बदलकर भ्रम फैला सकते हैं, इसलिए किसी के बहकावे में न आएं जनचेतना के साथ समाज की मुख्यधारा में चले विकास से जुड़े। इसके साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कुपोषण मिटाने, स्कूल ड्रॉपआउट रोकने, साइबर सुरक्षा (हेल्पलाइन 1930) को मजबूत करने और गंभीर मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

प्रशासन ने कहा जिले में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता, अफवाहों पर ध्यान न दें

जन अपील : 77 पेट्रोल पंपों पर ईंधन आपूर्ति सुचारु, जरूरत से अधिक संग्रहण से बचने की अपील।

बेमेतरा, 19 मई 2026

जिले में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और सभी प्रमुख ऑयल कंपनियों द्वारा नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें तथा केवल आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदें।इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंप संचालकों एवं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के सेल्स अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी 77 पेट्रोल पंपों पर सामान्य रूप से ईंधन की आपूर्ति जारी है और किसी प्रकार की व्यापक कमी की स्थिति नहीं है।जानकारी के अनुसार जिले में संचालित 77 पेट्रोल पंपों में IOCL के 34, BPCL के 19 तथा HPCL के 24 पेट्रोल पंप शामिल हैं। इनमें से लगभग 12 पेट्रोल पंपों पर अस्थायी रूप से ईंधन की कमी की स्थिति बनी हुई है, लेकिन संबंधित तेल कंपनियों द्वारा वहां शीघ्र आपूर्ति पहुंचाई जा रही है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह स्थिति अस्थायी है तथा जिले में कुल मिलाकर पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।प्रशासन ने बताया कि हाल के दिनों में ईंधन की कमी संबंधी अफवाहों के चलते कई लोग आवश्यकता से अधिक पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं।

कुछ लोग जरीकेन, बोतल एवं अन्य डिब्बों में भी ईंधन संग्रहित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ एवं दबाव की स्थिति बन रही है। सुरक्षा कारणों से तेल कंपनियों द्वारा जरीकेन, बोतल अथवा अन्य खुले कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल देने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे संयम बनाए रखें, अफवाहों से बचें तथा अनावश्यक संग्रहण न करें, ताकि जिले में सभी उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से ईंधन उपलब्ध होता रहे।

देश भर में 20 मई को राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

बेमेतरा 19 मई 2026

ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर 20 मई 2026 को देशभर में एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद रखा जाएगा, जिसमें देशभर के लगभग 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट एवं औषधि वितरक शामिल हैं।

यह बंद ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला बेमेतरा के केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट संघ ने भी बंद की अग्रिम सूचना का ज्ञापन कलेक्टर कार्यालय में सौंपा है।

संभावित स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला बेमेतरा ने जिलेवासियों से सतर्कता बरतने और आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने की अपील की है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में नागरिक जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अथवा नजदीकी अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं।

बंद के दौरान दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला चिकित्सालय एवं सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में संचालित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्रों को 24 घंटे खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले के अपोलो फार्मेसी एवं श्री धनवंतरी मेडिकल स्टोर्स इस बंद में शामिल नहीं हैं, जहां से आपात स्थिति में दवाइयां ली जा सकती हैं। किसी भी परेशानी या आपातकाल के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन के टोल फ्री नंबर 9340597097 पर संपर्क किया जा सकता है।

दवाइयों की उपलब्धता संबंधी सहायता हेतु जिला दवा विक्रेता संघ बेमेतरा के अध्यक्ष दिनेश दुबे (9425523689), सचिव नवीन अग्रवाल (9425513336) तथा कोषाध्यक्ष शरद शर्मा (9893024031) से भी संपर्क किया जा सकता है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने दवा विक्रेता संघ से शांतिपूर्ण एवं वैध तरीके से बंद का समर्थन करने, जनहित में आपातकालीन एवं जीवनरक्षक दवाइयों की आपूर्ति जारी रखने, अफवाह न फैलाने तथा स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की है।

बलरामपुर जिला भिलाई खुर्द क्रशर प्लांट दुर्घटना: जांच के बाद प्लांट सील, संचालक पर होगी कड़ी कार्रवाई

रायपुर 19 मई 2026

बलरामपुर जिले की राजपुर तहसील स्थित ग्राम भिलाई खुर्द के एक क्रशर प्लांट में कार्यरत मजदूर की दुर्घटना में मौत के मामले को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।

घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने संयुक्त जांच दल गठित कर मौके पर विस्तृत जांच करवाई। जांच के दौरान खनिज विभाग के अमले और नायब तहसीलदार ने संबंधित क्रशर मशीन को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया।

साथ ही जिला श्रम अधिकारी तथा सहायक संचालक, इंडस्ट्रीज एंड हेल्थ सेफ्टी ने श्रम कानूनों और औद्योगिक सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित क्रशर संचालक के विरुद्ध नियमानुसार विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने दोहराया कि जिले की सभी औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

पूर्व घटना का सारांश
भिलाईखुर्द और राजपुर क्षेत्र के क्रशर प्लांट्स में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। बीते सालों में कई बार मशीनों में हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और मशीन गार्ड जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण हादसे हुए हैं।

हर बार दुर्घटना के बाद जिला प्रशासन संयुक्त जांच कर प्लांट को अस्थायी रूप से सील करता है और श्रम विभाग मुआवजे व FIR की प्रक्रिया शुरू करता है। स्थानीय ग्रामीणों और मजदूर संगठनों की लंबे समय से मांग रही है कि इन प्लांट्स में नियमित सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया जाए और हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को समय पर मुआवजा मिले।

इस बार प्रशासन ने श्रम और हेल्थ सेफ्टी दोनों विभागों को एक साथ जांच में लगाकर और “सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी” जैसा बयान देकर संकेत दिया है कि अब केवल हादसे के बाद नहीं, बल्कि रूटीन निरीक्षण पर भी जोर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बस्तर में किया आत्मीय स्वागत

रायपुर-19 मई 2026

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में सहभागिता हेतु पधारे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अत्यंत गर्मजोशी एवं आत्मीयता के साथ स्वागत और अभिनंदन किया।

गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हो रही यह बैठक निश्चित रूप से मध्य क्षेत्र के राज्यों के सर्वांगीण विकास के लिए नए आयाम स्थापित करेगी।दोनों मुख्यमंत्रियों ने यह संकल्प व्यक्त किया कि मध्य क्षेत्रीय परिषद के मंच से निकले निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू कर जनता तक उनका लाभ पहुंचाया जाएगा।

वार्ता के दौरान राज्यों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक सशक्त बनाने, विकास की गति को त्वरित करने, आंतरिक सुरक्षा, नक्सल उन्मूलन, सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन किया जा रहा है। यह बैठक क्षेत्रीय सहयोग, समन्वय और सामूहिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मध्य क्षेत्रीय परिषद में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड राज्य शामिल हैं।

बैठक के एजेंडे में सुशासन की स्थापना, केंद्र एवं राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार सृजन और जनहित से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है।

बस्तर जैसे आदिवासी बहुल एवं सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में इस बैठक का आयोजन केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है जिसके तहत विकास की मुख्यधारा से वंचित क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर विकास योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी नार्वे यात्रा: भारत-नॉर्वे संबंधों को मिली नई मजबूती

नई दिल्ली – 18 मई 2026 – (नमो ऐप /जन चौपाल 36)

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री महामहिम जोनास गहर स्टोर के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। ओस्लो हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री स्टोर ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसे दोनों देशों के मजबूत और आत्मीय संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ओस्लो स्थित रॉयल पैलेस में नॉर्वे के महामहिम राजा हेराल्ड पंचम से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “द रॉयल नॉर्वे ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को मानवता और नॉर्वे के हित में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रदान किया जाता है।

भारत और नॉर्वे ने अपने संबंधों को “ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” के रूप में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही टीईपीए समझौते के तहत 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश और भारत में 10 लाख रोजगार सृजन की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया गया।

संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के समर्थन के लिए नॉर्वे की सराहना की। दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद सहित सभी प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा की।

वार्ता में ब्लू इकोनॉमी, ग्रीन शिपिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, शिक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और आर्कटिक रिसर्च जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। नॉर्वे ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन को भी दोहराया।

प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री को भारत आने का निमंत्रण दिया तथा दोनों देशों ने उच्च स्तरीय संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।


जीवंत शिक्षण संस्थान- अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर विरासत संरक्षण का संदेश

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डिजिटल डेस्क 19 मई 2026

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस हर वर्ष 18 मई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को संग्रहालयों के महत्व, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक करना है। संयुक्त राष्ट्र और इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ म्यूजियम (आईसीओएम) द्वारा शुरू किए गए इस दिवस का मकसद समाज को अपनी परंपराओं, इतिहास और संस्कृति से जोड़ना है।

संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं का संग्रह नहीं होते, बल्कि वे हमारी सभ्यता, संस्कृति और ऐतिहासिक चेतना के जीवंत प्रतीक हैं। यहां संरक्षित मूर्तियां, प्राचीन दस्तावेज, चित्रकृतियां और ऐतिहासिक अवशेष हमें अपने अतीत से परिचित कराते हैं। संग्रहालय यह बताते हैं कि हमारे पूर्वजों का जीवन कैसा था और उन्होंने कला, विज्ञान तथा संस्कृति के क्षेत्र में क्या योगदान दिया। यही कारण है कि संग्रहालयों को “जीवंत शिक्षण संस्थान” भी कहा जाता है।

आईसीओएम दुनिया भर में संग्रहालयों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए कार्य करता है। संस्था अवैध तस्करी रोकने, आपदा के समय संग्रहालयों की सहायता करने और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है।

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में छायाचित्र प्रदर्शनी और व्याख्यान कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को इतिहास, संस्कृति और पुरातात्विक विरासत से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जानने और समझने के प्रति जागरूक हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संग्रहालय हमारी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

समाधान शिविर खिलोरा में मिला आशियाने का सपना, पीएम आवास की चाबियां पाकर झूमे ग्रामीण

बेमेतरा, 18 मई 2026 —

विकासखंड बेमेतरा के ग्राम पंचायत खिलोरा में आयोजित विशाल समाधान शिविर ने ग्रामीणों को सीधे लाभ पहुँचाने का असर दिखाया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और प्रधानमंत्री आवास योजना समेत शासन की कई योजनाओं के लाभ मौके पर ही पाए। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक मुख्य अतिथि और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

मुख्य पल: आवास की चाबी का सस्नेह प्रस्तुतीकरण शिविर का सबसे भावनात्मक क्षण तब रहा जब प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) के तहत बने पक्के मकानों की चाबियाँ हितग्राहियों को सौंपी गईं। ग्राम खिलोरा निवासी श्रीमती कलिन्द्री बाई सहित तीन परिवारों को नई आवासीय इकाइयों की चाबियाँ और प्रमाण पत्र दिए गए।

कलिन्द्री बाई ने अपने नए घर की चाबी थामते ही शासन व प्रशासन को धन्यवाद कहा और कहा कि अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मान जनक वातावरण में रहेगा।समस्या समाधान — कई मामलों का मौके पर निपटारा शिविर में राजस्व, पंचायत व ग्रामीण विकास, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, खाद्य आपूर्ति, विद्युत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी व सामाजिक कल्याण जैसे विभागों के स्टॉल लगाए गए थे।

विभागों ने योजनाओं की जानकारी देने के साथ-ही पात्रों के आवेदन स्वीकार किए और कई मामलों में मौके पर ही राशन कार्ड, पेंशन स्वीकृति व अन्य प्रमाण-पत्र जारी किए गए। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे शिविरों से कार्यालयों के चक्कर कट गए और समस्याओं का त्वरित समाधान हुआ।

विधायक और सीईओ के संदेशमुख्य अतिथि विधायक ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है और समाधान शिविर इसी दृष्टि की पड़ताल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता और समय-सीमा के भीतर निपटारा हो।

जिला पंचायत सीईओ ने स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए कर्मचारियों को बताया कि योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में दें और पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि पक्के आवास केवल ईंट-सीमेंट नहीं, बल्कि परिवारों के सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक हैं।

स्थानीय सहभागिता और समापनशिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंच-पंच बैठकों और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन स्थानीय पंचायत प्रशासन ने किया। अंत में उपस्थित अतिथियों और टीम का धन्यवाद कर कार्यक्रम समापन हुआ।

ग्रामीणों ने प्रशासन की पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम विकास को जमीन पर लाते हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने 493 नए सुरक्षा वाहनों को दिखाई हरी झंडी- छत्तीसगढ़ में सुरक्षा तंत्र मजबूत

रायपुर 18 मई 2026

छत्तीसगढ़ दौरे में आए अमित शाह केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने सोमवार को रायपुर में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की अत्याधुनिक डायल 112 आपातकालीन सेवा और आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा विधानसभा अध्यक्ष रमनसिंह मौजूद रहे।

राज्य में वर्ष 2018 से संचालित डायल 112 सेवा को अब सभी 33 जिलों में लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित लोकेशन पहचान तकनीक जोड़ी गई है, जिससे संकट में फंसे व्यक्ति की सटीक स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। साथ ही नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में बैकअप कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया गया है, जो आपदा या तकनीकी बाधा की स्थिति में सेवा संचालन सुनिश्चित करेगा।

कार्यक्रम में 400 नए आपातकालीन वाहन, 33 विशेष निगरानी वाहन और 60 राजमार्ग गश्ती वाहनों को भी रवाना किया गया। नागरिक अब फोन कॉल के अलावा मोबाइल एप, एसएमएस, ईमेल, वेब और सोशल मीडिया माध्यमों से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे। महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं।

नए आपराधिक कानूनों के तहत वैज्ञानिक जांच को मजबूती देने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों के लिए आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल प्रयोगशालाएं तैयार की गई हैं। इनमें से 32 फॉरेंसिक मोबाइल वैन को मैदानी कार्य के लिए रवाना किया गया।

सभी वैन डिजिटल साक्ष्य संग्रहण, रक्त परीक्षण किट, सीसीटीवी डेटा रिकवरी, जीपीएस, नाइट विजन कैमरे और आधुनिक उपकरणों से लैस हैं, जिससे घटनास्थल पर त्वरित वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी।

सामाजिक कुरीति बाल विवाह से कैसे निपटें: छत्तीसगढ़ में पहल और अभियान

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रायपुर 18 मई 2026

छत्तीसगढ़ में बाल विवाह की जड़ें कमजोर करने के लिए सरकार और समाज अब एकजुट होकर मैदान में उतरे हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के मुताबिक, राज्य में 20-24 साल की 23.2% लड़कियों का विवाह 18 साल से पहले हुआ था। लेकिन 2023 के बाद शुरू हुए अभियानों ने इस आंकड़े को नीचे लाने की ठोस शुरुआत की है।

भारत सरकार की प्रमुख पहल
भारत में बाल विवाह रोकने के लिए सरकार ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान (27 नवंबर 2024) और पोर्टल शुरू किया है, जिसका लक्ष्य 2030 तक बाल विवाह खत्म करना है। प्रमुख योजनाओं में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, और विभिन्न राज्यों की कन्या विवाह योजनाएं शामिल हैं, जो लड़कियों की शिक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण के माध्यम से विवाह में देरी को प्रोत्साहित करती हैं।

बाल विवाह मुक्त पंचायत अभियान: 2024 में लॉन्च इस अभियान में हर पंचायत को ‘बाल विवाह मुक्त’ घोषित करने का लक्ष्य है। अब तक 6,200 ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव पारित किया है। पंच-सरपंच को शादी का कार्ड व उम्र प्रमाण-पत्र देखना अनिवार्य किया गया।

1098 हेल्पलाइन की सक्रियता: चाइल्डलाइन 1098 पर बाल विवाह की सूचना मिलते ही पुलिस, महिला बाल विकास विभाग और SDM की संयुक्त टीम 1 घंटे में मौके पर पहुंचती है। 2025 में अकेले मुंगेली जिले में 74 बाल विवाह रोके गए।

जमीनी स्तर पर अभियान
‘लाड़ो अभियान’: यूनिसेफ और एमपी राज्य सरकार की साझेदारी में चल रहे इस अभियान में स्कूलों की ‘मीना मंच’ और आंगनबाड़ी की किशोरी समूह लड़कियों को कानून की जानकारी दे रहे हैं। लड़कियों ने खुद 300 से ज्यादा शादियां रुकवाई हैं।

निकाह/फेरे से पहले उम्र जांच: कलेक्टरों ने पंडित, मौलवी और बैंड-बाजा वालों को निर्देश दिया है कि वे बिना आधार/मार्कशीट देखे शादी न कराएं। उल्लंघन पर 1 लाख जुर्माना और 2 साल की सजा का प्रावधान है।

‘सशक्त बेटी, समृद्ध छत्तीसगढ़’ रथ: हर ब्लॉक में जागरूकता रथ घूम रहा है जो नुक्कड़ नाटक से बताता है कि बाल विवाह से एनीमिया, मातृ मृत्यु और स्कूल ड्रॉपआउट कैसे बढ़ता है।

चुनौती और रास्ता
गरीबी, अशिक्षा और ‘अक्षय तृतीया’ पर सामूहिक विवाह अभी भी बड़ी चुनौती हैं। पर अब गांव की महिलाएं ही ‘निगरानी समिति’ बनकर पुलिस को सूचना दे रही हैं।

लक्ष्य
प्रशासन के कहना है, “कानून के डंडे के साथ शिक्षा और रोजगार का सहारा देना जरूरी है। जब बेटी कमाने लगेगी, तो कोई उसे बोझ समझकर 14 साल में विदा नहीं करेगा।”: देश की हर पंचायत को ‘बाल विवाह मुक्त’ घोषित करना और साल 2030 तक पूरे भारत से बाल विवाह का पूर्णतः उन्मूलन करना है।

बाल विवाह रोकना सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं। हर घर को तय करना होगा कि बेटी की डोली से पहले उसकी डिग्री निकले। तभी छत्तीसगढ़ सचमुच ‘बाल विवाह मुक्त’ बनेगा।