जीवंत शिक्षण संस्थान- अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर विरासत संरक्षण का संदेश
डिजिटल डेस्क 19 मई 2026
अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस हर वर्ष 18 मई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को संग्रहालयों के महत्व, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक करना है। संयुक्त राष्ट्र और इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ म्यूजियम (आईसीओएम) द्वारा शुरू किए गए इस दिवस का मकसद समाज को अपनी परंपराओं, इतिहास और संस्कृति से जोड़ना है।
संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं का संग्रह नहीं होते, बल्कि वे हमारी सभ्यता, संस्कृति और ऐतिहासिक चेतना के जीवंत प्रतीक हैं। यहां संरक्षित मूर्तियां, प्राचीन दस्तावेज, चित्रकृतियां और ऐतिहासिक अवशेष हमें अपने अतीत से परिचित कराते हैं। संग्रहालय यह बताते हैं कि हमारे पूर्वजों का जीवन कैसा था और उन्होंने कला, विज्ञान तथा संस्कृति के क्षेत्र में क्या योगदान दिया। यही कारण है कि संग्रहालयों को “जीवंत शिक्षण संस्थान” भी कहा जाता है।
आईसीओएम दुनिया भर में संग्रहालयों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए कार्य करता है। संस्था अवैध तस्करी रोकने, आपदा के समय संग्रहालयों की सहायता करने और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है।
अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में छायाचित्र प्रदर्शनी और व्याख्यान कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को इतिहास, संस्कृति और पुरातात्विक विरासत से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जानने और समझने के प्रति जागरूक हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संग्रहालय हमारी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
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