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Saturday, October 31, 2026
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“एक पेड़ माँ के नाम”: DIG रामकृष्ण साहू ने लगाए पौधे, थानों को भी दिया ग्रीन बनाने का टास्क

डीआईजी ने कहा बोले- “फरियादी थाने आए तो तनाव नहीं, सुकून मिले”।

बेमेतरा-10 जून 2026

पुलिस कार्यालय बेमेतरा का नजारा मंगलवार को कुछ अलग था। वर्दी के साथ कुदाल-तसला लेकर खड़े थे खुद पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू। मौका था “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का। DIG साहू ने एसपी ऑफिस परिसर में छायादार, फलदार और फूलों के पौधे लगाकर न सिर्फ पर्यावरण बचाने का संदेश दिया, बल्कि पूरे जिले की पुलिसिंग को ‘ग्रीन टच’ देने की शुरुआत भी कर दी।

पौधारोपण के बाद DIG साहू ने कहा, “पेड़ लगाना सबसे बड़ा पुण्य का काम है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए ऑक्सीजन का बैंक तैयार करना है।” लेकिन उनकी सबसे बड़ी बात थानों की सूरत बदलने को लेकर थी। उन्होंने जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों को साफ निर्देश दिए कि अपने परिसर को सुंदर, स्वच्छ और हरा-भरा बनाएं।

थाने बनेंगे ‘स्ट्रेस बस्टर जोन’
DIG साहू का मानना है कि फूल-पौधों से सजा थाना परिसर फरियाद लेकर आने वाले लोगों का तनाव कम करेगा। “जब कोई परेशान व्यक्ति थाने आए और उसे हरियाली व फूल दिखें, तो उसका आधा गुस्सा और तनाव वहीं खत्म हो जाएगा। सजावटी पौधे माहौल को सकारात्मक बनाते हैं और हवा भी शुद्ध करते हैं। इससे पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी,” उन्होंने कहा।

उन्होंने पुलिस कॉलोनी और थानों की खाली जगहों पर फल, फूल और छायादार पौधे लगाने के निर्देश दिए। मकसद साफ है: थाने सिर्फ शिकायत की जगह न रहें, बल्कि स्वच्छ और शांत माहौल की मिसाल बनें।

इस अवसर पर एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का, प्रधान आरक्षक एश्वर्य सिंह, आरक्षक कमलेश साहू, फत्ते पाटिल, प्रवीण ठाकुर समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे और सभी ने पौधारोपण में हिस्सा लिया।

फोटो : पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू बेमेतरा एसपी कार्यालय परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधा रोपण करते हुए।

14 किमी लंबी जोजिला टनल में ऐतिहासिक सफलता, सालभर जुड़ा रहेगा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का संपर्क

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मीनामार्ग(लद्दाख)/न्यूज डेस्क 10 जून 2026

14 किलोमीटर लंबी यह द्विदिशीय सुरंग राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर बालटाल से मीनामार्ग के बीच बनाई जा रही है। लगभग 6,800 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना एशिया की सबसे लंबी सुरंगों में शामिल है और इसके पूरा होने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच पूरे वर्ष आवागमन संभव हो सकेगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जोजिला टनल परियोजना में मुख्य सुरंग के ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू को भारत के बुनियादी ढांचे के विकास की बड़ी उपलब्धि बताया। इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

करीब 2,900 से 3,310 मीटर की ऊंचाई पर बन रही इस सुरंग का निर्माण बेहद कठिन मौसम, भारी बर्फबारी और चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय परिस्थितियों के बीच किया जा रहा है। गडकरी ने परियोजना से जुड़े इंजीनियरों, श्रमिकों, सलाहकारों और पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

सुरंग में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम, ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन, सीसीटीवी निगरानी और पैदल यात्रियों के लिए क्रॉस पैसेज जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा हिमस्खलन और अन्य प्राकृतिक खतरों से बचाव के लिए स्नो गैलरी, कैच डैम, एवलॉन्च प्रोटेक्शन स्ट्रक्चर, पुल और पुलियाओं का भी निर्माण किया गया है।

परियोजना पूरी होने के बाद सोनमर्ग से मीनामार्ग तक का सफर, जो अभी करीब दो घंटे में तय होता है, घटकर लगभग 30 मिनट का रह जाएगा। इससे समय और ईंधन की बचत होगी, दुर्घटनाओं और हिमस्खलन का खतरा कम होगा तथा पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी यह सुरंग महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सालभर संपर्क उपलब्ध होने से भारतीय सेना की आवाजाही और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी हो सकेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह परियोजना केवल एक सुरंग नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास, बेहतर संपर्क और नए अवसरों का द्वार साबित होगी।

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा: ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ से ‘ट्रस्ट इन भारत’ तक पहुंचा देश, बदली राष्ट्रीय सोच : राम नाथ कोविंद

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न्यूज डेस्क 10 जून 2026

मोदी के नेतृत्व में भारत अब नए भारत की दिशा में कदम बढ़ाया है,देश के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा है कि भारत ने स्वतंत्रता के बाद की सोच से आगे बढ़ते हुए अब आत्मविश्वास और अपनी सांस्कृतिक पहचान पर आधारित नए भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। उनके अनुसार, यह बदलाव केवल राजनीतिक नहीं बल्कि एक व्यापक सभ्यतागत परिवर्तन है, जिसमें भारत अपनी जड़ों और मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है।

श्री कोविंद ने कहा कि स्वतंत्रता के शुरुआती दशकों में देश की प्राथमिकता पश्चिमी राजनीतिक और आर्थिक मॉडल से प्रेरणा लेना और वैश्विक स्वीकृति हासिल करना थी। उन्होंने इसे ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ का दौर बताया। उनका कहना है कि आज भारत उस मानसिकता से आगे निकलकर अपनी परंपराओं, संस्कृति और स्वदेशी सोच पर भरोसा करने वाले ‘ट्रस्ट इन भारत’ के युग में प्रवेश कर चुका है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारतीय राजनीति, शासन व्यवस्था और सार्वजनिक विमर्श में भारतीयता को नई पहचान मिली है।

देशवासियों में अपनी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय अस्मिता के प्रति गर्व की भावना मजबूत हुई है, जिसका प्रभाव विकास की नीतियों और जनभागीदारी में भी दिखाई देता है।


पूर्व राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक लगातार जनता का विश्वास बनाए रखना और करोड़ों मतदाताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गौरव, आर्थिक सशक्तीकरण और स्थानीय परंपराओं को विकास की मुख्यधारा में स्थान देकर आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भारत की अवधारणा को मजबूती प्रदान की है।

खाड़ी टकराव – पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव, अमेरिका-ईरान टकराव से तेल बाजार में उथल-पुथल

अंतरराष्ट्रीय डिजिटल डेस्क/10 जून 2026

ईरान ,इसराइल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता गया शांति वार्ता की बात आगे बढ़ी लेकिन कोई परिणाम तक नही पहुंच पाई।खबर पर अभी की स्थिति है कि देशों के बीच संघर्ष काफी बढ़ा हुआ है।

मध्य एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी हमले किए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। ताजा घटनाक्रम के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने अपने एक सैन्य हेलीकॉप्टर को निशाना बनाए जाने के बाद ईरानी ठिकानों पर कार्रवाई की। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे क्षेत्रीय तनाव और गहरा गया।

तनाव बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और महंगाई पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय मानी जा रही है। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के कारण रुपये पर दबाव और ईंधन आयात लागत में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।

प्रधानमंत्री की यूरोप यात्रा: फ्रांस, स्लोवाकिया और G7 शिखर सम्मेलन पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली -10 जून 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 19 जून 2026 तक फ्रांस और स्लोवाकिया की महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे, जहां वे द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के साथ-साथ G7 शिखर सम्मेलन में भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह दौरा रणनीतिक साझेदारी, नवाचार, व्यापार, निवेश और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री 13-14 जून को फ्रांस के नीस पहुंचेंगे, जहां वह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेता भारत-फ्रांस स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की व्यापक समीक्षा करेंगे और संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप्स तथा वेंचर कैपिटल फंड्स एक मंच पर आएंगे, जिससे दोनों देशों के इनोवेशन सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इसके बाद प्रधानमंत्री 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। इस दौरान वह प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात कर व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।

यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री 16-17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में वह वैश्विक नेताओं के साथ नई साझेदारियों, अंतरराष्ट्रीय एकजुटता, संतुलित एवं सतत आर्थिक विकास तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर विचार साझा करेंगे। इस दौरान कई देशों के नेताओं के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं।

अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 18 जून को पेरिस जाएंगे, जहां वह यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप आयोजन VivaTech Summit में भाग लेंगे। साथ ही भारतीय समुदाय को संबोधित करने की भी संभावना है। सरकार के अनुसार यह यात्रा भारत की वैश्विक तकनीकी नेतृत्व क्षमता, डिजिटल नवाचार और यूरोपियन यूनियन के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर पीएम मोदी और कुवैत के अमीर की चर्चा, भारत ने दोहराई शांति की अपील

न्यूज डेस्क -10 जून 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल सबाह से टेलीफोन पर बातचीत कर पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करते हुए शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया

प्रधानमंत्री ने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमलों की भारत की ओर से कड़ी निंदा दोहराई

प्रधानमंत्री ने तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति के आह्वान को फिर से दोहराया

प्रधानमंत्री ने कुवैत में भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा पर व्यक्तिगत ध्यान देने के लिए अमीर को धन्यवाद दिया

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की और कुवैत की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता पर हुए हमलों की भारत की ओर से कड़ी निंदा दोहराई।

उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों का समाधान केवल तनाव कम करने, आपसी संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है तथा जल्द से जल्द शांति बहाल होना आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने के लिए कुवैत के अमीर का आभार भी व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने भारत-कुवैत संबंधों को और मजबूत बनाने तथा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।

अवैध कोयला और रेत कारोबार :सूरजपुर में चला प्रशासन का डंडा, 8 वाहन ज़ब्त; कई केस दर्ज

रायपुर/सूरजपुर 09 जून 2026

छत्तीसगढ़ में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ राज्य सरकार की “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति के तहत खनिज विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सूरजपुर जिले में चलाए गए एक सघन चेकिंग अभियान के दौरान विभाग ने कोयला और रेत का अवैध परिवहन करते हुए 8 वाहनों को ज़ब्त किया है, साथ ही संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ कई आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं।

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के सुशासन के संकल्प और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा की गई है।

बेलटिकरी में 6 मोटरसाइकिलें ज़ब्त, 5 टन कोयला बरामद

कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय टास्कफोर्स और खनिज अमले ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में पैनी नजर रखी हुई थी। इसी कड़ी में तहसील सूरजपुर के ग्राम पचिरा-मानी चौक मार्ग पर विशेष जांच अभियान चलाया गया।

जांच के दौरान ग्राम बेलटिकरी के पास अवैध रूप से कोयले का परिवहन कर रही 06 मोटरसाइकिलों को रंगे हाथों पकड़ा गया। इन दोपहिया वाहनों से करीब 5 टन अवैध कोयला ज़ब्त किया गया है, जिसे आगामी कार्रवाई के लिए पुलिस थाना सूरजपुर की सुरक्षा में रखवाया गया है।

राजापुर और हर्राटिकरा में अवैध रेत पर शिकंजा, 2 दिनों में 5 टिपरों पर गाज।कोयले के साथ-साथ रेत माफियाओं के खिलाफ भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है:
पहली कार्रवाई:
ग्राम राजापुर, हर्राटिकरा और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे 03 टिपर वाहनों के मालिकों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

दूसरी कार्रवाई:
औचक निरीक्षण के दौरान राजापुर रेत खदान क्षेत्र से अवैध रेत ले जाते हुए 02 और टिपर वाहनों को ज़ब्त किया गया। इन वाहनों और रेत को पुलिस थाना जयनगर के सुपुर्द कर दिया गया है।

“कार्रवाई आगे भी रहेगी जारी” — प्रशासन की सख्त चेतावनी
“प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व की क्षति को रोकना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं, बल्कि नियमित रूप से जारी रहेगा।”

खनिज विभाग, छत्तीसगढ
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या समूह अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के तहत बेहद कठोर वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जान्हवी कपूर के ‘Peddi’ सीन्स पर बवाल: कैमरा एंगल्स पर छिड़ी बहस

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बॉलीवुड बहस 09 जून 2026

मुंबई: फिल्म ‘पेद्दी’ (Peddi) अपनी रिलीज से पहले ही एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है।

फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रही अभिनेत्री जान्हवी कपूर के कुछ सीन्स और उन्हें फिल्माने के तरीके को लेकर न सिर्फ सोशल मीडिया पर गुस्सा फूट रहा है, बल्कि अब बॉलीवुड के दिग्गज भी इस बहस में कूद पड़े हैं।

वायरल हो रही चैट्स और रिपोर्ट्स का दावा है कि जान्हवी कपूर ने शूटिंग के दौरान ही कुछ खास कैमरा एंगल्स पर गहरी आपत्ति और असहजता जताई थी।

किन कैमरा एंगल्स पर था विवाद?
लीक हुई चैट्स और सेट से आ रही खबरों के मुताबिक, विवाद की मुख्य वजह लो-एंगल शॉट्स (Low-angle shots) और कुछ विशिष्ट ज़ूम-इन क्लोज-अप्स (Close-up shots) हैं।

ग्लैमर के नाम पर वस्तुकरण
दर्शकों और प्रशंसकों का आरोप है कि कैमरा एंगल्स को कहानी की मांग के बजाय विशुद्ध रूप से ‘मेल गेज़’ (Male Gaze) को ध्यान में रखकर फ्रेम किया गया था।

जान्हवी की असहजता:
वायरल दावों के अनुसार, जान्हवी ने ऑन-सेट ही इन शॉट्स को आपत्तिजनक मानते हुए निर्देशक के सामने अपना विरोध दर्ज कराया था। उनका मानना था कि ये एंगल्स उनके किरदार की गंभीरता को कम कर रहे हैं।

जया बच्चन का पुराना राज और कंगना-करीना की राय
इस विवाद ने पूरी इंडस्ट्री को दो धड़ों में बांट दिया है। महिलाओं के चित्रण को लेकर हमेशा मुखर रहने वाली जया बच्चन ने जान्हवी का समर्थन करते हुए अपने दौर का एक बड़ा राज खोला। उन्होंने साझा किया कि कैसे उनके समय में भी अभिनेत्रियों को बिना बताए ऐसे कैमरा एंगल्स का सामना करना पड़ता था, जो असहज करने वाले होते थे। उन्होंने फिल्म सेट पर महिलाओं के इस तरह के ऑब्जेक्टिफिकेशन का कड़ा विरोध किया है।

दूसरी तरफ, कंगना रनौत और करीना कपूर खान ने इस मुद्दे पर थोड़ा अलग नज़रिया रखा। जहां करीना ने इसे फिल्ममेकर की रचनात्मक आज़ादी और विज़न से जोड़कर देखने की कोशिश की, वहीं कंगना ने हमेशा की तरह इंडस्ट्री के दोहरे रवैये पर निशाना साधा। इस बीच, ‘पेद्दी’ के सह-कलाकार जगपति बाबू ने खुलकर जान्हवी कपूर का स्टैंड लिया है और उनके पेशेवर रवैये की तारीफ की है।

निर्देशक बुची बाबू सना को मांगनी पड़ी माफी
“अगर किसी दृश्य से हमारी अभिनेत्री या दर्शकों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो हम उसमें सुधार करेंगे।”


बुची बाबू सना (निर्देशक, पेद्दी)
चौतरफा घिरने और सोशल मीडिया पर लगातार हो रहे विरोध के बाद निर्देशक बुची बाबू सना को आखिरकार सामने आना पड़ा। उन्होंने आधिकारिक तौर पर सफाई देते हुए न सिर्फ विवाद पर खेद जताया, बल्कि फैंस और टीम को आश्वासन दिया है कि जिन क्लोज-अप शॉट्स और सीन्स पर आपत्ति उठाई गई है, उन्हें पूरी तरह से बदल दिया जाएगा।

यह विवाद एक बार फिर इस बात की गवाही देता है कि बदलते दौर में अब अभिनेत्रियां सेट पर केवल मूक दर्शक नहीं हैं, बल्कि वे अपनी गरिमा और कम्फर्ट ज़ोन को लेकर पूरी तरह सजग और मुखर हैं।

सेवा, सुशासन और विकास के 12 वर्ष: पीएम मोदी के नेतृत्व को राजनाथ सिंह ने बताया ऐतिहासिक अध्याय

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न्यूज डेस्क -09 जून 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के सफल कार्यकाल और लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के दो वर्ष पूरे होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने ‘सेवा’ की भावना के साथ देश की शासन-व्यवस्था को एक नई परिभाषा दी है और विकास की रोशनी को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया है।

‘सेवा के 12 वर्ष’ एक परिवर्तनकारी यात्रा:
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए इस कार्यकाल को बेहद खास बताया:
ऐतिहासिक दिन:
उन्होंने याद दिलाया कि 2024 में आज ही के दिन (9 जून) नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रचा था।

समावेशी विकास:
पिछले 12 वर्षों में शासन व्यवस्था को शुद्ध रूप से सेवा-भावना के साथ संचालित किया गया, जिससे विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना सुनिश्चित हुआ।

यात्रा के मुख्य स्तंभ:
“स्वयं से पहले सेवा” के सिद्धांत पर आधारित इस 12 वर्षीय यात्रा में निम्नलिखित महत्वपूर्ण आयाम शामिल रहे हैं:
गरीबों और वंचितों का सशक्तिकरण
राष्ट्रीय सुरक्षा को अभूतपूर्व मजबूती
विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक और कड़े सुधार
बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का तेज विकास
डिजिटल नवाचार (डिजिटल इंडिया) को बढ़ावा
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विकसित भारत का लक्ष्य:
राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते देश के लिए ये 12 वर्ष दूरदर्शी नेतृत्व, समावेशी विकास और राष्ट्र-प्रथम शासन की प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं।

भारत के प्रगति की गौरवशाली कहानी: मनजिंदर सिंह सिरसा
दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के 12 वर्षों की जमकर सराहना की।
“यह केवल किसी सरकार के कार्यकाल की कहानी नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक संकल्प के साकार होने का गौरवशाली अध्याय है।”

सिरसा द्वारा गिनाई गई प्रमुख उपलब्धियां:
अंत्योदय और गरीब कल्याण: ‘प्रधानसेवक’ के रूप में पीएम मोदी ने अंत्योदय, सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को शासन की मूल आत्मा बनाया है।

जन-धन से जन-विश्वास:
बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से लेकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण तक, बीते 12 वर्षों में देश ने विकास और जन-कल्याण का नया इतिहास रचा है।

वैश्विक मंच पर बढ़ती साख:
पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक पटल पर अपनी एक बेहद मजबूत पहचान स्थापित की है, जिससे देश की सांस्कृतिक विरासत और सामर्थ्य को नई प्रतिष्ठा मिली है।

पीएम मोदी ने साझा किया था ‘अंत्योदय‘ का संदेश
इससे पहले 8 जून को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ पर एक भावुक संदेश साझा किया था, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल के मूल विजन को स्पष्ट किया:
बदलाव के केंद्र में गरीब:
पिछले 12 वर्षों में भारत ने जो भी बड़े परिवर्तन देखे हैं, उनके केंद्र में हमेशा गरीबों और वंचितों का कल्याण रहा है।

पीछे छूटे लोगों को प्राथमिकता:
सरकार हमेशा ‘अंत्योदय’ (अंतिम व्यक्ति का उदय) की भावना से प्रेरित रही है, ताकि जो लोग दशकों से पीछे रह गए थे, उन्हें आगे लाया जा सके।

जनकल्याणकारी योजनाएं:
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि जन-धन खाते, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का एकमात्र उद्देश्य देश के हर नागरिक को सम्मान, आवश्यक सुविधाएं और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना है।

भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर राष्ट्र का नमन: दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

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न्यूज डेस्क 09 जून 2026

जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें याद करते हुए नमन किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संदेश

गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा:

“जनजातीय स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना के अमर प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा ने ‘उलगुलान आंदोलन’ के माध्यम से अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आजादी का शंखनाद किया। उन्होंने आदिवासी समाज को अपने अधिकारों और विरासत की रक्षा के लिए संगठित किया और जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया। धर्मांतरण के विरुद्ध उनका संघर्ष और जनजातीय गौरव के लिए उनका समर्पण आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट किया:
“‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। स्वाधीनता के लिए अंतिम सांस लड़ने वाले जननायक बिरसा मुंडा ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ जनजातीय समाज को जागृत किया। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा तथा स्वाभिमान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। विदेशी शासन, अन्याय और शोषण के विरुद्ध उनके संघर्ष ने जनचेतना को नई दिशा दी और राष्ट्रभक्ति का ऐसा संदेश दिया जो आज भी हमें प्रेरित करता है। उनका अदम्य साहस, त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।”

विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा नमन

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा:
“जनजाति समाज के गौरव, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं जनजागरण के अमर प्रतीक ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उनके संघर्ष, सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण तथा मातृभूमि के प्रति अदम्य निष्ठा से सदैव प्रेरणा मिलती रहेगी। राष्ट्र एवं समाज के उत्थान हेतु उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे।”

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर लिखा:
“जनजातीय गौरव, महान स्वतंत्रता सेनानी, ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने जल-जंगल-जमीन की रक्षा और राष्ट्र की स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। जनजातीय समाज की अस्मिता व संस्कृति के संरक्षण के लिए भी निरंतर संघर्षशील रहे। उनके योगदानों के प्रति यह राष्ट्र हमेशा कृतज्ञ रहेगा।”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा:
“धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन। जल, जंगल और जमीन की रक्षा, आदिवासी समाज के अधिकारों तथा सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण के लिए आपका संघर्ष और त्याग सदियों तक देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा। भगवान बिरसा मुंडा के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करते हुए हमारी सरकार प्रदेश के जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास, उनके गौरवशाली सांस्कृतिक वैभव के संरक्षण तथा अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।”

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा:
“महान स्वतंत्रता सेनानी, जनजातीय गौरव के प्रतीक, जल-जंगल-जमीन और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले लोकनायक भगवान बिरसा मुंडा जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति का संदेश आज भी हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है। राष्ट्र और जनजातीय समाज के लिए उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।”

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक्स पर पोस्ट किया:
“झारखंड राज्य में मुंडा आंदोलन के जनक तथा आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोकनायक एवं महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा को उनकी स्मृति दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि एवं शत-शत नमन।”