मीनामार्ग(लद्दाख)/न्यूज डेस्क 10 जून 2026
14 किलोमीटर लंबी यह द्विदिशीय सुरंग राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर बालटाल से मीनामार्ग के बीच बनाई जा रही है। लगभग 6,800 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना एशिया की सबसे लंबी सुरंगों में शामिल है और इसके पूरा होने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच पूरे वर्ष आवागमन संभव हो सकेगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जोजिला टनल परियोजना में मुख्य सुरंग के ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू को भारत के बुनियादी ढांचे के विकास की बड़ी उपलब्धि बताया। इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
करीब 2,900 से 3,310 मीटर की ऊंचाई पर बन रही इस सुरंग का निर्माण बेहद कठिन मौसम, भारी बर्फबारी और चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय परिस्थितियों के बीच किया जा रहा है। गडकरी ने परियोजना से जुड़े इंजीनियरों, श्रमिकों, सलाहकारों और पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
सुरंग में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम, ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन, सीसीटीवी निगरानी और पैदल यात्रियों के लिए क्रॉस पैसेज जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा हिमस्खलन और अन्य प्राकृतिक खतरों से बचाव के लिए स्नो गैलरी, कैच डैम, एवलॉन्च प्रोटेक्शन स्ट्रक्चर, पुल और पुलियाओं का भी निर्माण किया गया है।
परियोजना पूरी होने के बाद सोनमर्ग से मीनामार्ग तक का सफर, जो अभी करीब दो घंटे में तय होता है, घटकर लगभग 30 मिनट का रह जाएगा। इससे समय और ईंधन की बचत होगी, दुर्घटनाओं और हिमस्खलन का खतरा कम होगा तथा पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी यह सुरंग महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सालभर संपर्क उपलब्ध होने से भारतीय सेना की आवाजाही और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी हो सकेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह परियोजना केवल एक सुरंग नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास, बेहतर संपर्क और नए अवसरों का द्वार साबित होगी।


