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बेमेतरा से अयोध्या: सरयू पर 160 साड़ियों की माला, 1.25 लाख बत्तियों से महाआरती

ब्यूरो रिपोर्ट, बेमेतरा / अयोध्या 12 जून 2026

— श्रीराम जन्मभूमि स्थित जानकी भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य समापन 11 जून को हुआ। 5 जून से चलने वाले इस आयोजन में सिलहाटी निवासी सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य गोपेश्वर शरण मिश्र ने संस्कृत श्लोकबद्ध अपने मुखारविंद से कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया।

बेमेतरा, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव और बिलासपुर से लगभग 350 श्रद्धालु राकेश कुमार मिश्रा साजा के नेतृत्व में अयोध्या आये थे और जानकी भवन में कथा में भाग लिया।

कथा के दौरान आचार्य गोपेश्वर शरण मिश्र ने भगवान कृष्ण के जन्म, रुक्मणी विवाह, रासलीला, प्रभु श्री राम के जन्म तथा राजा परीक्षित के मोक्ष जैसी प्रमुख कथाओं का मार्मिक विवरण प्रस्तुत किया। पांडाल बार-बार ‘जय श्री कृष्णा’ और ‘जय सिया राम’ के जयकारों से गुंजायमान रहा। आचार्य ने विशेष रूप से सरयू माता की महिमा पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को उसके आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया।

इस आयोजन की सबसे प्रभावशाली कड़ी सरयू माता की भव्य महाआरती रही। श्रद्धालुओं ने इतिहासिक रूप से 160 साड़ियों की एक विशाल माला बनाई और उसे नदी के दोनों तटों पर अर्पित कर सरयू का अभिषेक किया।

साथ ही छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालु तथा स्थानीय नागरिकों ने मिलकर लगभग सवा लाख (1.25 लाख) बत्तियों से महाआरती अर्पित की, जिसका दृश्य अत्यंत भावविभोर करने वाला था।

ज्ञान यज्ञ के समापन पर आचार्य गोपेश्वर शरण मिश्र ने बताया कि यह कार्यक्रम उनके ‘सप्त पुरी’ अभियान की सातवीं और अंतिम कड़ी थी, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म की प्रमुख पवित्र स्थलों में श्रीमद्भागवत कथा का संकल्प पूरा किया।

इस भव्य धार्मिक यात्रा और कार्यक्रम की सफलता से बेमेतरा एवं पूरे छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं में उत्साह और हर्ष व्याप्त है।



अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि प्रकरण की जांच, कलेक्टर ने चार सदस्यीय समिति गठित की

बेमेतरा 12 जून 2026 —

अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि दिलाने के नाम पर कथित रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच के लिए जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। आवेदक विनय बंजारे (निवासी ग्राम सिंघनपुरी) की 11 जून 2026 को प्राप्त लिखित शिकायत के बाद कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने 12 जून 2026 को एक चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

जांच समिति में शामिल सदस्य हैं: वित्त शाखा की प्रभारी अधिकारी श्रीमती दिव्या पोटाई, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अभिषेक जायसवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) चंद्रेश सिसोदिया तथा लीड बैंक अधिकारी श्री सुशील सिंह।

समिति को शिकायत की तहकीकात करने के साथ-साथ मार्च 2026 से अब तक संबंधित प्रकरणों और पात्रता संबंधी दस्तावेजों की भी पड़ताल करने का निर्देश दिया गया है।

आदेश में समिति को एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट अभिमत सहित अपना लिखित जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायत में आरोप है कि न्यायालय परिसर में पदस्थ एक कर्मचारी ने राशि स्वीकृत कराने के नाम पर धनराशि की मांग की थी। मामले से जुड़ा एक वीडियो और अन्य तथ्य सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं।

अब प्रशासनिक कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे तय की जाएगी। जनता तथा शिकायतकर्ता दोनों की निगाहें समीक्षा समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

किरंदुल और बैलाडीला पर्वतमाला लौह नगरी के साथ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की पहचान मानी जाती है

डिजिटल डेस्क 12 जून 2026
रिपोर्ट / रवि सरकार

किरंदुल और बैलाडीला का क्षेत्र प्रकृति और विकास का अनोखा संगम पेश करता है। हरी-भरी पहाड़ियाँ, घनी वादियाँ, ठंडी हवाएँ और झरनों की मधुर प्रतिध्वनि यहाँ के दृश्य को मंत्रमुग्ध कर देती है। बरसात के मौसम में पूरा इलाका हरियाली से भर जाता है, जबकि सर्दियों की सुबहें धुंध और ठंडी हवाओं के कारण और भी मोहक दिखाई देती हैं। इसी वजह से बैलाडीला को लोग प्रेमपूर्वक “छोटा कश्मीर” और धरती का स्वर्ग कहकर पुकारते हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ यह क्षेत्र लौह अयस्क की अपार संपदा के लिए भी विख्यात है। यहाँ स्थित एनएमडीसी लिमिटेड की खदानें देश की प्रमुख और गुणवत्ता संपन्न लौह अयस्क उत्पादन केंद्रों में से हैं। बैलाडीला से निकला उच्च-गुणवत्ता वाला लौह अयस्क देश-विदेश में भेजा जाता है, जिससे भारत की औद्योगिक प्रगति को मजबूती मिलती है। यही कारण है कि किरंदुल को ‘लोह नगरी’ के नाम से पहचान मिली है।

सिर्फ प्राकृतिक और खनिज संसाधन ही इसकी पहचान नहीं हैं; यहाँ की सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। विभिन्न समुदायों के लोग सद्भाव, अपनापन और पारस्परिक सम्मान के साथ रहते हैं। आदिवासी संस्कृति और परंपरागत जीवनशैली का यहाँ गहरा प्रभाव है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और समृद्ध बनाता है।

किरंदुल-बैलाडीला की वादियाँ हर आगंतुक के मन पर गहरी छाप छोड़ती हैं। पर्वतों के बीच बसे इस नगर की सुबहें नई ऊर्जा भर देती हैं और शामें प्रकृति की अनुपम छटा बिखेरती हैं। हरियाली, शांत वातावरण और स्थानीय लोगों की आत्मीयता इस क्षेत्र को विशेष बनाती हैं।

खबर निष्कर्ष

किरंदुल और बैलाडीला केवल भौगोलिक स्थल नहीं बल्कि बस्तर की आत्मा और छत्तीसगढ़ का गौरव हैं। यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक वैभव और औद्योगिक योगदान के कारण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बना रहेगा।


FIFA WORLD CUP:भारत में भी दिखेगा फुटबॉल का जबरदस्त रोमांच : महाकुंभ शुरू, 48 टीमों के बीच विश्व विजेता बनने की जंग

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न्यूज डेस्क/नई दिल्ली 12 जून 2026

लोकप्रिय खेलों में फुटबॉल का अपना अलग स्थान और अलग अंदाज है।दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल आयोजनों में शामिल FIFA वर्ल्ड कप 2026 का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। अगले एक महीने से अधिक समय तक फुटबॉल का रोमांच दुनिया भर के करोड़ों दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।

FIFA वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक होगा। भारतीय समयानुसार टूर्नामेंट की शुरुआत 12 जून और फाइनल 20 जुलाई को देखा जाएगा

इस बार टूर्नामेंट कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार इसकी मेजबानी तीन देश—अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा—संयुक्त रूप से कर रहे हैं।


पहली बार 48 टीमें, 104 मुकाबलों का महायुद्ध
FIFA वर्ल्ड कप 2026 में कुल 48 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें 12 ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में चार-चार टीमें होंगी और सभी टीमें राउंड-रॉबिन प्रारूप में तीन-तीन मुकाबले खेलेंगी। इस नए प्रारूप के तहत कुल 104 मैच आयोजित होंगे, जो अब तक के किसी भी विश्व कप से अधिक हैं।

नया नॉकआउट फॉर्मेट बढ़ाएगा रोमांच
इस संस्करण में पहली बार ‘राउंड ऑफ 32’ को शामिल किया गया है। प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सीधे अगले दौर में पहुंचेंगी, जबकि तीसरे स्थान पर रहने वाली आठ सर्वश्रेष्ठ टीमें भी नॉकआउट में जगह बनाएंगी। इससे खिताब जीतने वाली टीम को पहले की तुलना में एक अतिरिक्त मुकाबला खेलना होगा, जिससे प्रतियोगिता और चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।

तीन देशों में होगा आयोजन
विश्व कप के अधिकांश मुकाबले अमेरिका में खेले जाएंगे, जबकि मेक्सिको और कनाडा भी मेजबानी की अहम जिम्मेदारी निभाएंगे। फाइनल मुकाबला अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा। इस बार फाइनल में पहली बार हाफ-टाइम शो भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।

भारत में ऐसे देख सकेंगे लाइव मुकाबले
भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए भी विश्व कप का पूरा रोमांच टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। टूर्नामेंट के प्रसारण अधिकार जी ग्रुप के पास हैं। मैचों का सीधा प्रसारण Unite8 Sports 1, Unite8 Sports 1 HD, Unite8 Sports 2 और Unite8 Sports 2 HD चैनलों पर किया जाएगा। वहीं डिजिटल दर्शक Zee5 ऐप और वेबसाइट के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग का आनंद ले सकेंगे।

एक नजर में FIFA वर्ल्ड कप 2026
टूर्नामेंट की शुरुआत: 12 जून 2026 (भारतीय समयानुसार)
कुल टीमें: 48
कुल ग्रुप: 12
कुल मैच: 104
नया चरण: राउंड ऑफ 32
फाइनल: 20 जुलाई 2026 (भारतीय समयानुसार)


मेजबान देश: अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा
फुटबॉल के इस महाकुंभ में दुनिया की दिग्गज टीमें विश्व विजेता बनने के लिए मैदान में उतरेंगी, जबकि भारत के करोड़ों प्रशंसकों की निगाहें भी हर रोमांचक मुकाबले पर टिकी रहेंगी।

विलय की अटकलों पर टीएमसी ने लगाया विराम, कांग्रेस ने बताया ‘सिर्फ अफवाह’

नई दिल्ली 12 जून 2026

खबरों में प्रमुखता और बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं तेज हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के कई नेताओं के अलग होने और सांसदों के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच टीएमसी के कांग्रेस में विलय की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। हालांकि कांग्रेस ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

राष्ट्रीय मुद्दों तक सीमित रही बैठक

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के साथ हुई बैठक में केवल राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के विलय को लेकर किसी तरह की बातचीत नहीं हुई और ऐसी खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

कांग्रेस की बैठक के बाद आया आधिकारिक बयान

दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद भी केसी वेणुगोपाल ने दोहराया कि टीएमसी के कांग्रेस में विलय का मुद्दा एजेंडे में नहीं था। उनके अनुसार बैठक का उद्देश्य INDIA गठबंधन को मजबूत बनाने और विपक्षी दलों के बीच समन्वय बढ़ाने पर चर्चा करना था।

INDIA ब्लॉक की बैठक से बढ़ी थीं अटकलें

ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नई दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के बाद दोनों दलों के बीच नजदीकियों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से अलग-अलग मुलाकात भी की, जिससे विलय की अटकलों को और हवा मिली।

बंगाल में हार के बाद दबाव में टीएमसी

पश्चिम बंगाल की सत्ता से बाहर होने के बाद टीएमसी आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रही है। पार्टी के कई विधायक और सांसद अलग हो चुके हैं और विधानसभा में बागी गुट ने अपना नेता प्रतिपक्ष भी चुन लिया है। इसी राजनीतिक अस्थिरता के बीच पार्टी के भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

टीएमसी की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान

विलय की चर्चाओं पर टीएमसी ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले सांसद सौगत रॉय ने कहा कि कांग्रेस के साथ मिलकर काम करना समय की जरूरत है, लेकिन यह सहयोग केवल गठबंधन तक सीमित रहेगा या भविष्य में किसी बड़े राजनीतिक स्वरूप में बदलेगा, इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

फिलहाल विलय की संभावना से इनकार

कांग्रेस के स्पष्ट बयान के बाद फिलहाल टीएमसी और कांग्रेस के विलय की अटकलों पर विराम लग गया है। दोनों दलों का कहना है कि उनकी मौजूदा प्राथमिकता विपक्षी एकजुटता को मजबूत करना और राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रणनीति बनाना है, न कि संगठनात्मक विलय पर चर्चा करना।

कांग्रेस का महाआंदोलन कलेक्ट्रेट का घेराव: किसानों की पीड़ा, सत्ता की बेरुखी

जिला बेमेतरा -12 जून 2026

जिला किसान कांग्रेस के नेतृत्व में किसानों की ज्वलंत समस्याओं तथा 9 सूत्रीय मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट का महा घेराव एवं प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ भाजपा सरकार के विरुद्ध जोरदार आवाज़ उठाई।

जब खेत सूखे हों, खाद न मिले, डीजल महंगा हो — तब किसान की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता_रविन्द्र चौबे पूर्व कृषि मंत्री

जिला किसान कांग्रेस के नेतृत्व में आज बेमेतरा कलेक्टोरेट का महाघेराव किया गया। सैकड़ों किसान, कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता एक साथ उतरे — क्योंकि सत्ता सुख में डूबी सरकार से किसानों का भला नहीं होगा।


किसान रो रहा है, सरकार सो रही है
पूर्व कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे ने सीधे शब्दों में कहा
“डबल इंजन सरकार आज किसानों को खून के आंसू रुला रही है।”सरकार के पास खेती के लिए इंजन चलाने डीजल नहीं है।

एक बोरी यूरिया के लिए किसान दर-दर भटक रहा है। निजी केंद्रों पर मनमाने दामों पर खाद-बीज खरीदने को मजबूर है। ट्रैक्टर चलाने के लिए डीजल तक नसीब नहीं।

जिलाध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने पूछा —किसान इतना हताश निराश क्यों है.?

“जो किसान सबका पेट भरता है, वह आज खुद अपनी किस्मत पर क्यों रो रहा है?”आज वह सरकार के सामने बेबस और लाचार खड़ा है किसानी कहां से करें कैसे करे भाजपा सरकार जवाब दे नहीं रही।आज जब किसान को सर्वाधिक जरूरत खाद बीज की है ऐसे समय में भाजपा की यह सरकार किसानों के ऊपर तरह-तरह के रोडे अटकाने का काम कर रही है।

नवागढ़ कांग्रेस के पूर्व विधायक गुरुदयाल बंजारे ने सरकार को प्रश्न दागते हुए कहा किसान आखिर करे भी तो क्या करें मेहनत करके सभी लोगों का पेट भरने वाला किसान आज अपनी बेबसी पर रो रहा है वह कोस रहा है उस दिन को और याद कर रहा है। जब उसने भाजपा पर भरोसा किया आज वही भाजपा उसे खून के आंसू रुला रही है ।

कांग्रेस के आंदोलन में शामिल नेताओं ने कहा भाजपा,
किसान हित में नाइंसाफी कर रही ऊपर से सरकार ने किसान से वादाखिलाफी करके किसान को
– खाद-बीज की भारी किल्लत में धकेल दिया।किसानों के लिए डीजल-पेट्रोल की आसमान छूती कीमतें है तो सिंचाई व्यवस्था की बदहाली भी है।
भाजपा सरकार की घोषणाएं बहुत है पर, समाधान शून्य का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस का संकल्प है किसान हित।भाजपा सरकार पर छत्तीसगढ़ के किसान ने भरोसा किया — उसी ने उसे आज ठगा हुआ महसूस कराया है_मंगत साहू किसान कांग्रेस

प्रशासन को 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। मांग स्पष्ट है —
समय पर खाद-बीज, कम कृषि लागत, बेहतर सिंचाई।
कांग्रेस किसान की हर लड़ाई में उसके साथ खड़ी थी, है और रहेगी।

भाजपा सरकार सुन ले — यह अंतिम नहीं प्रारम्भिक चेतावनी है_जिला कांग्रेस

आज कलेक्ट्रेट के सामने पूरा कांग्रेस की आवाज थी।कांग्रेस नेताओं ने साफ शब्दों में सरकार को चेताया —
किसान कांग्रेस ने चेतावनी भरे लहजे में कहा”आज की आवाज़ अगर अनसुनी रही, तो यह केवल शुरुआत है।”आगे महाआंदोलन को जन आंदोलन बना कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया जाएगा।

कांग्रेस के नेताओं ने कहा किसानों की मांगें पूरी न हुईं तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी भारी आंदोलन छेड़ने को तैयार है। यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक छत्तीसगढ़ के अन्नदाता को उसका हक नहीं मिल जाता।

कांग्रेस नेताओं ने सामूहिकता में कहा भाजपा सत्ता मद से जागे सरकार की सत्ता नींद अब और नहीं चलेगी — कांग्रेस की आवाज से किसान जाग चुका है।अन्नदाता का संघर्ष जारी है — क्योंकि सत्ता की चुप्पी से नहीं,किसान, मजदूर,गरीब, बेकार युवा जनता की आवाज़ से बदलाव आएगा।

बैलाडीला में ड्राइवरों का फूटा आक्रोश, ठेकेदार संघ के खिलाफ अनिश्चितकालीन आंदोलन तेज

न्यूज डेस्क/रिपोर्ट / रवि सरकार 11 जून 2026

ड्राइवर अब अपनी मांगो को लेकर सरकार को अपनी आवाज बुलन्द कर रहे हैं किरंदुल कोड़ेनार पंचायत स्थित पेट्रोल पंप के पास बैलाडीला ड्राइवर वेलफेयर ट्रक एसोसिएशन के बैनर तले हजारों ड्राइवरों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर ट्रक ड्राइवर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं ठेकेदार संघ की चुप्पी से ड्राइवरों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

धरना स्थल पर मौजूद ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें न तो सरकार द्वारा तय वेतनमान मिल रहा है और न ही श्रमिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं। लंबे समय से कम वेतन, अत्यधिक कार्यभार और असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने को मजबूर ड्राइवर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।

ड्राइवरों की प्रमुख मांगों में भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निर्धारित मासिक वेतन लागू करना, सभी ड्राइवरों के लिए 8 घंटे की ड्यूटी तय करना, मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराना, पीएफ और बीमा की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा ओवरटाइम कार्य पर प्रति घंटे 200 रुपये भुगतान की मांग भी आंदोलन का बड़ा मुद्दा बनी हुई है।

एसोसिएशन अध्यक्ष और धरना नेतृत्वकर्ता राजू कुंजम ने ठेकेदार संघ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तीन बार लिखित पत्र देने के बावजूद अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों की समस्याओं को लगातार दबाने और अनदेखा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राजू कुंजम ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा और पूरे बैलाडीला क्षेत्र में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में एकजुट ड्राइवरों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि अब वे अपने अधिकार लेकर ही रहेंगे। लगातार बढ़ते इस आंदोलन से क्षेत्र में श्रमिक असंतोष गहराता जा रहा है।

छत्तीसगढ़ बांध :मानसून से पहले ही छत्तीसगढ़ के बांध भरे — पिछले साल से दोगुना पानी, किसानों के चेहरे खिले

न्यूज छत्तीसगढ़ -11 जून 2026

छत्तीसगढ़ में इस बार मानसून आने से पहले ही जलाशयों की स्थिति बेहद उत्साहजनक है। जल संसाधन विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य के प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई जलाशयों में अभी से 52 प्रतिशत से अधिक जल भंडारण हो चुका है। यह स्थिति पिछले दो वर्षों की तुलना में कहीं बेहतर है और किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर है।


कितना पानी है जलाशयों में?
विभागीय आंकड़ों के अनुसार राज्य के प्रमुख और मध्यम जलाशयों में कुल 3329.41 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध है जो कुल भंडारण क्षमता का 52.35 प्रतिशत है। राज्य के 12 प्रमुख जलाशयों में 54.60 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। पिछले वर्ष इसी समय यह आंकड़ा मात्र 31.56 प्रतिशत था और वर्ष 2024 में केवल 26 प्रतिशत। यानी इस वर्ष जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में करीब दोगुना है।

कौन से बांध सबसे भरे हुए हैं?
राज्य के कई प्रमुख जलाशय इस समय बेहतरीन स्थिति में हैं —मुरूमसिल्ली जलाशय (धमतरी) — 81.50 प्रतिशत, सबसे अधिक भरा।छिरपानी जलाशय (कबीरधाम) — 75.64 प्रतिशत।मनियारी जलाशय (मुंगेली) — 75.61 प्रतिशत।दूधावा जलाशय (कांकेर) — 74.70 प्रतिशत।झुमका जलाशय(कोरिया) — 71.29 प्रतिशत।

सबसे बड़े बांध मिनीमाता बांगो का हाल

राज्य के सबसे बड़े जलाशय मिनीमाता बांगो में 56.19 प्रतिशत जलभराव है। पिछले वर्ष इसी समय यहाँ मात्र 25.64 प्रतिशत पानी था। इसी तरह रविशंकर सागर (गंगरेल) में 48.97 प्रतिशत, खरंग में 64.59 प्रतिशत और सोंढूर में 62.65 प्रतिशत जलभराव दर्ज है।

मध्यम जलाशयों की स्थिति भी बेहतर
राज्य के 34 मध्यम जलाशयों में 40.33 प्रतिशत जलभराव है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 28.83 प्रतिशत और वर्ष 2024 में 26.48 प्रतिशत था। इस प्रकार मध्यम जलाशयों की स्थिति भी पिछले दो वर्षों से बेहतर है।

किसानों और आम लोगों के लिए क्या मायने?
जलाशयों में पर्याप्त जलभराव का सीधा असर खेती, पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन पर पड़ता है। जब बांध भरे होते हैं तो —सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलता है जिससे फसल उत्पादन बढ़ता है।पेयजल संकट की संभावना कम होती है।जलविद्युत उत्पादन बेहतर होता है जिससे बिजली की उपलब्धता बढ़ती है।
भूजल स्तर भी ऊपर उठता है जिससे हैंडपंप और कुएं रिचार्ज होते हैं

आगे और बारिश आने वाली है
मौसम विभाग के अनुसार आज 11 जून से छत्तीसगढ़ में मानसून दस्तक दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में जलाशयों में और अधिक जलभराव होने की उम्मीद है। यदि मानसून सामान्य रहा तो इस बार राज्य में जल संकट की स्थिति न के बराबर रहेगी।

चावल से भविष्य बताने वाले पाखंडी ‘चमत्कारी बाबा’: महिला से दुर्व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार

महासमुंद/छत्तीसगढ़ – 11 जून 2026

अंधविश्वास और पाखंड के नाम पर महासमुंद जिले में एक बार फिर कथित बाबा का घिनौना चेहरा सामने आया है। खुद को कथावाचक पंडित बताने वाले नरेन्द्र नयन शास्त्री को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि यह शख्स चावल के दानों से भविष्य बताने और शारीरिक दर्द ठीक करने का नाटक करते हुए एक महिला के साथ दुर्व्यवहार करता रहा।

कैसे फंसाता था लोगों को?
आरोपी नरेन्द्र शास्त्री, जिसे स्थानीय लोग ‘चावल वाले बाबा’ या ‘चाय वाले बाबा’ के नाम से जानते थे, एक सोची-समझी चाल के तहत लोगों को अपने जाल में फँसाता था। वह पहले लोगों को मुफ्त भविष्यवाणी का लालच देता, फिर धीरे-धीरे उन्हें अपने ऊपर निर्भर बना लेता था। महिलाओं को विशेष रूप से निशाना बनाते हुए वह दर्द निवारण और तंत्र-मंत्र के नाम पर उनके साथ अकेले में मिलने की कोशिश करता था।

पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता की शिकायत के बाद महासमुंद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी है।

यह पहला मामला नहीं
छत्तीसगढ़ में ऐसे ढोंगी बाबाओं की गिरफ्तारी की यह कोई पहली घटना नहीं है। प्रदेश में लगातार ऐसे मामले सामने आते रहे हैं जहाँ धर्म और आस्था की आड़ लेकर महिलाओं और जरूरतमंद लोगों का शोषण किया जाता है। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद ऐसे पाखंडियों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा।

आप कैसे बचें — जरूरी सावधानियाँ
समाज में जागरूकता फैलाना जरूरी है। ध्यान रखें:
किसी भी अनजान बाबा या तांत्रिक के पास अकेले न जाएं।चमत्कार, भविष्यवाणी या तंत्र-मंत्र के दावों पर आँख मूंदकर विश्वास न करें।यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति धर्म की आड़ में दुर्व्यवहार करे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

महिला हेल्पलाइन 1090** या 112 पर कॉल करें
समाज को जागना होगा
धर्म और आस्था व्यक्तिगत विषय हैं, लेकिन जब इनका उपयोग कमजोर और जरूरतमंद लोगों के शोषण के लिए किया जाए तो यह अपराध बन जाता है। ऐसे पाखंडियों को समाज से जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए जरूरी है कि हम सब जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

नगर निगम रायपुर का दोहरा खेल — कचरा उठाए बिना जनता से वसूली, कांग्रेस ने खोला मोर्चा

रायपुर न्यूज 11 जून 2026

नगर निगम रायपुर के नागरिकों पर एक बार फिर आर्थिक बोझ का पहाड़ टूट पड़ा है।राजधानी रायपुर नगर निगम ने घर-घर कचरा संग्रहण के नाम पर यूजर चार्ज में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। महंगाई की मार झेल रही जनता पर यह अतिरिक्त शुल्क एक नई मुसीबत बनकर आया है। फैसले के खिलाफ कांग्रेस सड़क पर उतर आई है और व्यापारी वर्ग भी नाराजगी जता रहा है।

कितना बढ़ा यूजर चार्ज?
नगर निगम द्वारा जारी संशोधित दरों के अनुसार आवासीय मकानों पर अब सालाना ₹120 और व्यावसायिक दुकानों पर ₹600 का अतिरिक्त यूजर चार्ज देना होगा। यह राशि सीधे संपत्ति कर के साथ वसूली जाएगी यानी अब आम आदमी की जेब पर दोहरी मार पड़ेगी।

निगम का तर्क — नियम की आड़
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि यह बढ़ोतरी मनमाने तरीके से नहीं की गई है। राज्य सरकार के वर्ष 2017 के आदेश के अनुसार हर तीन साल में यूजर चार्ज संशोधित करने का प्रावधान है। प्रशासन इसी नियम की आड़ में यह बढ़ोतरी लागू कर रहा है। लेकिन सवाल यह है कि जब शहर में कचरा उठाने की व्यवस्था ही चरमराई हुई है तो अतिरिक्त शुल्क किस बात का?

बीजेपी का दोहरा रवैया
2022 में विरोध, 2026 में वसूली —
यह मामला इसलिए और पेचीदा हो गया है क्योंकि साल 2022 में जब रायपुर नगर निगम में कांग्रेस की परिषद थी और उस समय यूजर चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव आया था तब भाजपा ने जोरदार विरोध किया था। आज वही भाजपा सत्ता में आने के बाद वही फैसला खुद लागू कर रही है। कांग्रेस ने इसे भाजपा का दोहरा चरित्र और जनता के साथ धोखा करार दिया है।

कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान और आंदोलन की चेतावनी
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस ने तेलीबांधा तालाब के पास बड़ा हस्ताक्षर अभियान चलाया जिसमें सैकड़ों नागरिक शामिल हुए। इसके अलावा राजीव गांधी चौक पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक यह फैसला वापस नहीं लिया जाता आंदोलन जारी रहेगा।

जनता की बात — सफाई नहीं तो पैसा क्यों?
रायपुर के आम नागरिकों और व्यापारियों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर है। शहर के कई मोहल्लों में आज भी समय पर कचरा नहीं उठता, गलियों में सफाई की हालत दयनीय है और नालियाँ बंद पड़ी हैं। ऐसे में जनता का सवाल है — जब सेवा मिल नहीं रही तो शुल्क किस बात का?

आप क्या कर सकते हैं?
शिकायत के आधार पर यदि आपके क्षेत्र में भी समय पर कचरा नहीं उठाया जा रहा है तो —नगर निगम के टोल फ्री नंबर 1800-233-4999 पर शिकायत दर्ज करें।स्वच्छता ऐप पर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करें।अपने क्षेत्र के पार्षद से संपर्क करें और समस्या उठाएं।सामूहिक रूप से निगम कार्यालय में ज्ञापन सौंपें।

जनता जागे, हक माँगे
यूजर चार्ज लेना गलत नहीं है, लेकिन बिना सेवा के शुल्क वसूलना निश्चित रूप से अन्याय है। नगर निगम को पहले शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए, तभी अतिरिक्त शुल्क लेने का नैतिक अधिकार बनता है। रायपुर की जनता को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होना होगा और प्रशासन को जवाबदेह बनाना होगा।