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Sunday, October 25, 2026

वन विभाग का हरित अभियान: हरियाली बढ़ाने का सरल और प्रभावी माध्यम सीड बॉल

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रायपुर- 22 जुलाई 2026

जनभागीदारी से साकार हो रहा हरित छत्तीसगढ़ का संकल्प।

छत्तीसगढ़ वन विभाग का उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाना भी है। यदि प्रत्येक नागरिक वर्षा ऋतु में कुछ सीड बॉल तैयार कर उपयुक्त स्थानों पर डाले, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ का हरित आवरण और समृद्ध होगा।

सीड बॉल पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और वनीकरण का एक बेहद सरल, किफायती और अत्यधिक प्रभावी माध्यम है। यह कम लागत में अधिक क्षेत्र को हरित बनाने का सबसे आसान उपाय है।

क्या है सीड बॉल?
सीड बॉल बीज, चिकनी मिट्टी और जैविक खाद (गोबर या वर्मीकम्पोस्ट) से बना एक छोटा सूखा गोला होता है। बीजों को इस प्राकृतिक आवरण में सुरक्षित कर लिया जाता है ताकि वे पक्षियों, कीड़ों से बचे रहें। मानसून की पहली अच्छी बारिश के बाद इन्हें जंगलों, पहाड़ियों, खाली भूमि और दुर्गम क्षेत्रों में फेंक दिया जाता है। पानी मिलते ही बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले लेते हैं।

वन विभाग का हरित अभियान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन विभाग द्वारा ‘एक पेड़ माँ के नाम’, वन महोत्सव, ‘युवा फॉर नेचर’ के साथ-साथ सीड बॉल अभियान को भी व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। स्कूलों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीणों की भागीदारी से लाखों सीड बॉल तैयार कर जंगलों में डाली जा रही हैं।

जैव विविधता संरक्षण में भूमिका
इसमें महुआ, इमली, हर्रा, बहेरा, जामुन, करंज, नीम, बरगद, पीपल, आम, साल, बीजा, चार, खमार जैसी स्थानीय प्रजातियों के बीजों का उपयोग हो रहा है। इससे प्राकृतिक वनों का विस्तार, वन्यजीवों को भोजन-आश्रय और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित हो रहा है।


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