हेल्थ डेस्क 05 जुलाई 2026
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में सबसे अधिक खतरा मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का रहता है। बारिश का पानी घरों की छतों, गमलों, कूलर, टायरों और अन्य खुले बर्तनों में जमा हो जाता है, जो मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले एडीज मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, जबकि मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज मच्छर गंदे पानी में भी विकसित हो सकते हैं।
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं यह मौसम कई संक्रामक और जलजनित बीमारियों के फैलने का कारण भी बनता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड, वायरल फीवर और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों को न्योता दे सकती है। ऐसे में व्यक्तिगत स्वच्छता, खानपान और आसपास के वातावरण की सफाई पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है।
इसलिए सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और पानी की टंकियों की सफाई करना तथा आसपास पानी जमा नहीं होने देना सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
मानसून के दौरान दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के कारण पेट संबंधी बीमारियों के मामले भी तेजी से बढ़ते हैं। दस्त, उल्टी, टाइफाइड, हैजा और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं अक्सर बाहर का खुला भोजन या दूषित पानी पीने से होती हैं।
डॉक्टरों की सलाह है कि इस मौसम में केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पीएं और ताजा तथा गर्म भोजन का सेवन करें। सड़क किनारे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचना भी संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि बारिश के मौसम में वायरल संक्रमण भी तेजी से फैलता है। बदलते तापमान और बढ़ी हुई नमी के कारण सर्दी, खांसी, बुखार, गले में संक्रमण और फ्लू के मामले बढ़ जाते हैं। कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
यदि तेज बुखार, लगातार उल्टी, सांस लेने में तकलीफ या शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में स्वस्थ रहने के लिए नियमित हाथ धोना, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना, पर्याप्त नींद लेना और संतुलित आहार का सेवन करना बेहद जरूरी है।
विटामिन-सी युक्त फल, हरी सब्जियां और पर्याप्त मात्रा में पानी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़े तुरंत बदलना और शरीर को सूखा रखना भी संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक है।


