25.1 C
Raipur
Monday, July 6, 2026

नया लाइफ़ स्टाइल ट्रेंड, स्क्रीन से दूरी बनाकर लोग तलाश रहे मानसिक सुकून

Must read

डिजिटल_डेस्क 05/07/2026

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार नोटिफिकेशन, रील्स और ऑनलाइन कंटेंट दिमाग को हर समय सक्रिय बनाए रखते हैं। इससे मस्तिष्क को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता और व्यक्ति मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करता है। स्क्रीन से कुछ समय की दूरी लेने पर लोगों की एकाग्रता, नींद की गुणवत्ता और पारिवारिक संवाद में सकारात्मक सुधार देखा गया है। कई शोध भी संकेत देते हैं कि नियंत्रित स्क्रीन उपयोग मानसिक स्वास्थ्य और ध्यान क्षमता के लिए लाभदायक हो सकता है।

सुबह उठते ही मोबाइल देखना, दिनभर सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करना और रात को फोन हाथ में लेकर सो जाना आज करोड़ों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। लेकिन अब इसी आदत से छुटकारा पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग ‘डिजिटल डिटॉक्स’ को अपना रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम न केवल आंखों और नींद को प्रभावित कर रहा है, बल्कि मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याओं को भी बढ़ा रहा है। यही वजह है कि युवाओं से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक में डिजिटल डिटॉक्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल डिटॉक्स का मतलब तकनीक से हमेशा के लिए दूरी बनाना नहीं, बल्कि मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया के उपयोग पर सीमाएं तय करना है। कई लोग सप्ताह में एक दिन सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहने, भोजन के समय मोबाइल का उपयोग बंद करने या सोने से एक घंटे पहले स्क्रीन बंद करने जैसे छोटे-छोटे नियम अपनाकर शुरुआत कर रहे हैं। हाल के महीनों में डिजिटल वेलबीइंग और स्क्रीन टाइम कम करने को लेकर जागरूकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

दिलचस्प बात यह है कि डिजिटल डिटॉक्स अब केवल व्यक्तिगत आदत नहीं रह गया है। कुछ संस्थान, स्कूल और समुदाय भी समय-समय पर ‘नो स्क्रीन आवर’ जैसी पहल शुरू कर रहे हैं ताकि लोग परिवार और समाज के साथ अधिक समय बिता सकें। विशेषज्ञ मानते हैं कि तकनीक आज की जरूरत है, लेकिन उसका संतुलित उपयोग ही बेहतर जीवनशैली की कुंजी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दिन में कम से कम 30 से 60 मिनट ऐसा समय जरूर निकालें जब मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण पूरी तरह बंद हों। इस दौरान टहलना, किताब पढ़ना, योग करना, परिवार के साथ बातचीत करना या किसी रचनात्मक गतिविधि में समय बिताना मानसिक स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभदायक साबित हो सकता है। बदलती जीवनशैली के बीच डिजिटल डिटॉक्स अब केवल एक ट्रेंड नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन की नई जरूरत के रूप में उभर रहा है।
- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article