जमाखोरी पर 3,400 छापे, 1,000 सिलेंडर जब्त, 642 FIR और 155 गिरफ्तारियां।
नई दिल्ली, 25 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के बीच भारत सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए सतर्क मोड में है।
नागरिक सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में बताया कि 3.75 लाख से अधिक भारतीयों को संघर्ष क्षेत्रों से सुरक्षित वापस लाया गया, जिसमें ईरान से 700+ मेडिकल छात्र शामिल हैं। पीएम ने खाड़ी देशों, ईरान, इजरायल और अमेरिका के नेताओं से दो दौर की बातचीत कर शांति और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का आग्रह किया। प्रभावित परिवारों को चिकित्सा सहायता और मुआवजा सुनिश्चित किया जा रहा है।
ऊर्जा और सुरक्षा पर कोई कमी नहीं करने की कोशिश
सरकार ने स्पष्ट किया कि रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर चल रही हैं, कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक है और एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया । आयात स्रोत 27 से बढ़ाकर 41 देश किए गए, 53 लाख टन रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व 65 लाख टन तक विस्तारित हो रहा है। ‘मेड इन इंडिया’ शिपबिल्डिंग मिशन के तहत 70,000 करोड़ का निवेश विदेशी जहाज निर्भरता कम कर रहा है।
गैस सप्लाई प्राथमिकताएं और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
कमर्शियल एलपीजी 20% से बढ़ाकर 50% बहाल, घरेलू PNG/CNG 100% जारी, औद्योगिक क्षेत्र को 80% गैस। एक दिन में 7,500+ PNG कनेक्शन जारी। जमाखोरी पर 3,400 छापे, 1,000 सिलेंडर जब्त, 642 FIR और 155 गिरफ्तारियां। उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित कर किसानों को राहत दी जा रही।
समुद्री और कूटनीतिक प्रयास
पाइन गैस (45,000 MT LPG) और जग वसंत (47,600 MT) होर्मुज पार कर भारत पहुंच रहे । 20 जहाजों पर 540 नाविक सुरक्षित, 585 नाविक वापस। 24×7 कंट्रोल रूम से 4.02 लाख लोग लौटे। विदेश मंत्रालय की हेल्पलाइन सक्रिय।(ddnews)


