बेमेतरा/छत्तीसगढ़, 25 मार्च 2026
उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज (1008) के परमाराध्य परमधर्माधीश के रूप में सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा में इस वर्ष चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान के संबंध में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई है।
सपाद लक्षेश्वर धाम निर्माण सेवा समिति द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सभी धर्मप्रेमी भक्तगण की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है। बैठक चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी, 29 मार्च 2026 (रविवार) को दोपहर 3 बजे सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा, जिला बेमेतरा में होगी।
“इस आयोजन का मुख्य मकसद हमारे परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान की रूपरेखा तय करना है। इससे भक्तगणों में धार्मिक जागरूकता बढ़ेगी और सद्भावना का पवित्र संदेश प्रसारित होगा। गौसंरक्षण तथा राष्ट्रीय एकता जैसे मूल्यों को मजबूत करने में यह मील का पत्थर सिद्ध होगा। कुल मिलाकर, स्थानीय समुदाय में आध्यात्मिक उत्साह का संचार होगा।”
हिंदू राष्ट्र के रचयिता और हिंदू धर्म के संरक्षक भक्तों को सूचनार्थ पत्र प्रेषित की जाती हैं कि वह इस धार्मिक बैठक कार्यक्रम में शामिल होकर धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट करें।ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज जैसे आध्यात्मिक सरस्वती जी के इस प्रकार के आयोजन स्थानीय समुदायों में सद्भावना, गौसंरक्षण और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, गौ माता की जय हो, भारत अखंड हो’ जैसे उद्घोष प्रमुखता से दिए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए संपर्क: 77460-12334 ।श्रीमज्ज्योतिर्मयानंद सरस्वती जी महाराज, दंडी स्वामी)।
ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान पर आवश्यक बैठक की घोषणा


