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Friday, June 5, 2026

भारत में जल्द आ सकते हैं प्लास्टिक के नोट, RBI कर रहा है पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी

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डिजटल न्यूज डेस्क 30 मई 2026

समय-समय पर देश में मुद्रा का स्वरूप बदलते रहा है लेकिन इस बार करेंसी प्लास्टिक का हो सकता है।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोटों को चलन में लाने की अपनी पुरानी योजना को फिर से जीवित किया है। खबर सूत्रों के अनुसार, पटना और मुंबई में हुई RBI की पिछली दो बोर्ड बैठकों में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है। नोटों की उत्पादन लागत में कमी और इनकी अधिक टिकाऊपन जैसे फायदों को देखते हुए यह निर्णय लिया जा रहा है और जल्द ही एक पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा भी हो सकती है।

पॉलीमर नोट कपास-आधारित पारंपरिक कागज की बजाय एक पतले और लचीले प्लास्टिक सब्सट्रेट से बने होते हैं। ये क्रेडिट-डेबिट कार्ड की तरह सख्त नहीं होते। RBI पहले ₹10 और ₹20 के छोटे नोटों से पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि ये नोट सबसे अधिक उपयोग होते हैं और जल्दी खराब भी होते हैं।

RBI की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कागजी नोटों की छपाई का खर्च पिछले वित्त वर्ष के ₹5,101.4 करोड़ से बढ़कर ₹5,372.8 करोड़ हो गया है — और यह बढ़ोतरी UPI जैसे डिजिटल भुगतान के तेज विस्तार के बावजूद हुई है। पॉलीमर नोट ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और सिंगापुर जैसे देशों में पहले से चलन में हैं और ये नकली नोटों के खतरे को भी काफी हद तक कम करते हैं।

पॉलीमर नोट मौजूदा ATM मशीनों के साथ भी पूरी तरह संगत (compatible) होंगे। अधिकारियों का कहना है कि ये नोट लंबे समय तक साफ, पानी-रोधी और जालसाजी-रोधी रहते हैं। इनमें पारदर्शी खिड़कियों और विशेष स्याही जैसी उन्नत सुरक्षा विशेषताएं भी शामिल होती हैं।

यह भारत के लिए कोई नई कोशिश नहीं है। 2012 में सरकार ने कोच्चि, मैसूर, जयपुर, भुवनेश्वर और शिमला जैसे पांच शहरों में ₹10 के पॉलीमर नोटों का परीक्षण करने की योजना बनाई थी, लेकिन तकनीकी और परिचालन संबंधी चुनौतियों के कारण वह योजना आगे नहीं बढ़ पाई। अब एक बार फिर RBI इस दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।

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