डिजीटल डेस्क/मुंबई -18 अप्रैल 2026
भारतीय और एशियाई कारोबारी जगत में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की ताजा रैंकिंग में गौतम अडानी ने मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर एशिया और भारत के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज अपने नाम कर लिया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, अडानी की कुल नेटवर्थ बढ़कर 92.6 अरब डॉलर हो गई है, जिसके साथ ही वे विश्व के शीर्ष अमीरों की सूची में 19वें स्थान पर आ गए हैं। वहीं, लंबे समय तक इस पायदान पर काबिज रहे मुकेश अंबानी अब 90.8 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं और वैश्विक रैंकिंग में 20वें स्थान पर हैं।
शेयर बाजार की चाल और बदलती किस्मत
इस उलटफेर का मुख्य कारण अडानी समूह की कंपनियों का शेयर बाजार में आक्रामक और शानदार प्रदर्शन है। केवल गुरुवार के कारोबारी सत्र में अडानी की संपत्ति में 3.56 अरब डॉलर का भारी उछाल आया। इसके विपरीत, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगातार सुस्ती और गिरावट के चलते मुकेश अंबानी की संपत्ति में इस साल अब तक 16.9 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई है। दोनों दिग्गजों के बीच संपत्ति का अंतर मात्र 1.8 अरब डॉलर का है, जो यह दर्शाता है कि बाजार के उतार-चढ़ाव में यह रैंकिंग कभी भी बदल सकती है।
वैश्विक परिदृश्य: क्या अमीर और अमीर हो रहे हैं?
यह बदलाव केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के अरबपतियों की सूची में उथल-पुथल मची है। जहाँ एलॉन मस्क 656 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ सूची में मजबूती से सबसे ऊपर बने हुए हैं, वहीं दुनिया के टॉप 20 अमीरों में से सात की संपत्ति में 2026 के दौरान गिरावट देखी गई है। बर्नार्ड अर्नोल्ट जैसे दिग्गजों को भी बड़ा झटका लगा है।
जनचौपाल36 का नजरिया
जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद जिस तरह से अडानी समूह को भारी गिरावट का सामना करना पड़ा था, वहां से वापस लौटकर नंबर वन बनना उनकी कारोबारी रणनीति की वापसी को दर्शाता है। हालांकि, यह खबर देश की आम जनता के लिए एक सोचने वाला विषय भी है। जिस रफ़्तार से इन अरबपतियों की संपत्ति में अरबों डॉलर का हेर-फेर हो रहा है, उस रफ़्तार और संपन्नता का कितना असर देश के उन गांवों तक पहुँच रहा है, जहाँ आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी है? क्या यह केवल कागजों और इंडेक्स की लड़ाई है, या इसका वास्तविक अर्थव्यवस्था पर कोई ठोस प्रभाव है? यह वो बड़ा सवाल है जिस पर अब हमें गहराई से मंथन करना होगा।
एशियाई अरबपतियों की सूची में बड़ा उलटफेर: गौतम अडानी फिर बने नंबर वन, अंबानी पिछड़े


