प्रदेश की खुशहाली के लिए भोरमदेव धाम में मुख्यमंत्री का भव्य पूजा‑अर्चना
रायपुर- 29 जुलाई 2026 —
मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी 30 जुलाई से पावन श्रावण मास आरंभ हो रहा है और कांवड़ यात्रा जैसी जीवंत परंपराएँ समाज में सकारात्मक ऊर्जा व सद्भाव बनाये रखने में सहायक हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं श्रीमती कौशल्या साय ने भोरमदेव धाम पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन कर विधिवत पूजा‑अर्चना की। उन्होंने मंदिर की परिक्रमा कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का गौरवशाली प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने पंच दिवसीय महा चतुर शुद्धि सहस्र कलशम् महाअनुष्ठान में भी भाग लेकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित अनुष्ठानों में सहभागिता की और प्रदेश की उन्नति, सामाजिक सद्भाव तथा लोकमंगल की प्रार्थना की।
फाउंडेशन के अनुसार यह अनुष्ठान प्राचीन वैदिक परंपरा पर आधारित है और प्राण‑प्रतिष्ठित मंदिरों के शुद्धिकरण एवं दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार का उद्देश्य रखता है।
पिछले दो वर्षों से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ भोरमदेव धाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक भी है।
अनुष्ठान श्री महादिव्य देशम फाउंडेशन द्वारा 25 जुलाई से कबीरधाम सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ के कल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक पंडरिया श्रीमती भावना बोहरा, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वैदिक आचार्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। फाउंडेशन के प्रमुख राजीव राकुल स्वामी ने अनुष्ठान की पद्धति और वैदिक स्रोतों के संदर्भ में जानकारी दी।
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