न्यूज डेस्क – 13 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ अब सोलर क्रांति की ओर बढ़ रहा है आज बहुत से घरों में सोलर पैनल लगाया गया है, जिससे बिजली की बचत और बिजली की खपत कम की जा रही है ।
बिजली के बढ़ते हुए दर और सरकारी सुविधाओं में कमी के कारण आज आम आदमी के घरों में अब सोलर पैनल सिर्फ़ बिजली बचत का ज़रिया नहीं, बल्कि एक छोटी ‘छत की कमाई’ बनता जा रहा है।
गर्मियों में एसी-पंखे चलते ही बिल आसमान छूने लगता है—ऐसे में 3 किलोवाट (kW) का घरेलू सोलर सिस्टम सबसे ज़्यादा पसंद किया जा रहा है।
2026 में सोलर पैनल की असली कीमत (मॉड्यूल लेवल)सब अनुमानित है।
इसका मतलब, 400–450 Wp का एक पैनल मोटे तौर पर ₹9,000–₹13,000 और 560–600 Wp का प्रीमियम पैनल ₹16,000–₹21,000 के बीच पड़ सकता है—जैसा कि आपने बताया, यह सिर्फ़ पैनल की कीमत है।
मोनो PERC (400–500 Wp): ₹13.8–₹14.2 प्रति वाट (फ़ैक्टरी/मॉड्यूल रेट)
TOPCon / N-Type (540–600 Wp): ₹14.2–₹22.3 प्रति वाट (DCR वाले महंगे)
पॉलीक्रिस्टलाइन: ₹20–₹26 प्रति वाट (कम दक्षता, बजट विकल्प)
3 kW सिस्टम पर एक अनुमानित बजट
3 kW = 3000 वाट। पैनल संख्या सीधे वाटेज पर निर्भर करती है:
| पैनल क्षमता | अनुमानित पैनल संख्या | छत क्षेत्र (लगभग) |
|---|---|---|
| 400 Wp | 8 पैनल | 300–320 वर्ग फुट |
| 450 Wp | 7 पैनल | 280–300 वर्ग फुट |
| 500 Wp | 6 पैनल | 250–280 वर्ग फुट |
| 540–550 Wp | 6 पैनल | 250–280 वर्ग फुट |
| 600 Wp | 5 पैनल | 220–250 वर्ग फुट |
कुल सिस्टम लागत (इन्वर्टर, माउंटिंग, वायरिंग, इंस्टॉलेशन समेत):
बिना सब्सिडी: ₹1.5 लाख – ₹2.4 लाख
PM सूर्य घर सब्सिडी (केंद्रीय ₹78,000) के बाद: ₹72,000 – ₹1.62 लाख ।
कीमत और सब्सिडी इसके लिए आप सोलर पैनल लगाने वाले एजेंसियों से संपर्क कर सकते हैं।
छत चेक करें: धूप सीधी पड़ती हो, छाया (पेड़/पड़ोसी इमारत) कम हो।
DCR पैनल लें: सब्सिडी के लिए DCR (Domestic Content Requirement) पैनल ज़रूरी है—थोड़ा महंगा, पर सब्सिडी मिलती है।
कंपनी/वेंडर: स्थानीय इंस्टॉलर से कम से कम 3 कोटेशन लें; वारंटी (पैनल 25 साल, इन्वर्टर 5–10 साल) और AMC ज़रूर पूछें।
बिल के हिसाब से साइज़: 3 kW आमतौर पर 250–400 यूनिट/महीना खपत वाले घरों के लिए ठीक बैठता है।


