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Wednesday, July 15, 2026

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: राम मंदिर चढ़ावा,केंद्र,यूपी सरकार और ट्रस्ट को नोटिस, पहली बार CEO नियुक्ति की भी तैयारी

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डिजिटल डेस्क/14 जुलाई 2026

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही SIT का गठन कर जांच शुरू कर चुकी है, इसलिए राज्य सरकार अब तक की जांच की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करे। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किए जाने का विरोध किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए ट्रस्ट को भी जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने विशेष जांच दल (SIT) से अब तक की जांच का पूरा रिकॉर्ड और विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है।

याचिकाकर्ताओं ने घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने तथा पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार को होगी।

केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जाएगी। इस पर याचिकाकर्ताओं ने रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि वे उसका अध्ययन कर अपना पक्ष रख सकें। इस मांग का भी केंद्र सरकार ने विरोध किया।

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की, “आप कानून जानते हैं, आखिर में वे इस रिपोर्ट को देख ही लेंगे।”
अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दे सकती है।

सीईओ की नियुक्ति
इधर राम मंदिर में पहली बार होगी CEO की नियुक्ति।इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन को अधिक पेशेवर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंदिर के इतिहास में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की तैयारी की जा रही है।

यह पूर्णकालिक कॉर्पोरेट शैली का पद होगा, जिसके तहत CEO पर प्रतिदिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था, सुरक्षा, मंदिर ट्रस्ट के फंड एवं चढ़ावे के वित्तीय प्रबंधन, ऑडिट तथा मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। इस पद के साथ वेतन, सरकारी आवास और आधिकारिक वाहनों सहित विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
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