40 भेड़-बकरियों की मौत: अलर्ट पर पशुधन विभाग धमतरी में आकाशीय बिजली का कहर
धमतरी/रायपुर, 22 जून 2026
जिले के विकासखंड मगरलोड के अंतर्गत आने वाले ग्राम डुमरपाली में विगत 17 जून की रात कुदरत का कहर टूटा, जहां गाज गिरने से लगभग 40 भेड़-बकरियों की असमय जान चली गई।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से आकाशीय बिजली गिरने के कारण भारी संख्या में मवेशियों की मौत की एक दुखद खबर सामने आई है।
इस बड़ी प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही पशुधन विकास विभाग का अमला तुरंत हरकत में आया और तत्परता दिखाते हुए प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए विभागीय अमले ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों से सघन चर्चा कर जमीनी वस्तुस्थिति की विस्तृत जानकारी ली। जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आकाशीय बिजली के शिकार हुए ये सभी मवेशी अन्य राज्यों से आए घुमंतू चरवाहों के थे।
इस दर्दनाक हादसे के तुरंत बाद, चरवाहों ने नियमानुसार गहरा गड्ढा खोदकर मृत पशुओं के शवों को सुरक्षित रूप से दफना दिया और इसके बाद वे अपने बचे हुए रेवड़ के साथ आगे के सफर पर निकल गए।
इधर, पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने दफन स्थल का बारीकी से वैज्ञानिक निरीक्षण किया है।
ग्रामीणों और प्रशासन के लिए राहत की बात यह है कि वर्तमान में उस स्थल पर किसी भी प्रकार के संक्रमण या पशुजनित बीमारी (Zoonotic Disease) के फैलने की कोई आशंका नहीं है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने जैसी कोई बात नहीं है।
पशुधन विकास विभाग के अनुसार, प्राकृतिक आपदा के कारण हुई इस आकस्मिक घटना से जुड़े सभी आवश्यक तथ्यों और आंकड़ों का संकलन कर लिया गया है, जिसके आधार पर आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने और पशुपालकों को त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए उनकी टीमें 24 घंटे पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं।
वर्तमान में विभाग द्वारा एहतियातन कदम उठाते हुए प्रभावित क्षेत्र और उसके आसपास के सभी सीमावर्ती गांवों में स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है, ताकि मानसून के इस मौसम में पशुओं के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी अप्रिय स्थिति या बीमारी से समय रहते बचा जा सके।
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