बेमेतरा, 21 अप्रैल 2026
जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर के आसपास प्रतिबंधात्मक आदेश को पुनः प्रभावशील कर दिया है। यह आदेश 17 अप्रैल से 15 जून 2026 तक लागू रहेगा।
जारी आदेश के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) के अंतर्गत संयुक्त जिला कार्यालय परिसर के 100 मीटर के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में जुलूस, धरना, आमसभा और किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन के अनुसार यह क्षेत्र संवेदनशील है, जहां खाद्य, आदिवासी विकास, कृषि, आबकारी एवं खनिज विभाग सहित कई महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित होते हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, वृद्धजन और महिलाओं का आवागमन होता है, जिससे किसी भी प्रकार के प्रदर्शन से असुविधा और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी सभा, रैली या जुलूस के आयोजन से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग के लिए संबंधित एसडीएम या कार्यपालिक दंडाधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी।
इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को हथियार, विस्फोटक या धारदार वस्तु लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि धार्मिक परंपरा के तहत धारण किए जाने वाले कृपाण को छूट दी गई है।
आदेश के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में एक समय में पांच से अधिक व्यक्तियों के समूह के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।
जिला दंडाधिकारी ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 (पूर्व में धारा 188) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संक्षेप में (हेडलाइन पॉइंट्स):
100 मीटर क्षेत्र में धारा 163 लागू जुलूस, धरना, प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित 5 से अधिक लोगों के समूह पर रोक।बिना अनुमति सभा-रैली नहीं,उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई।
संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में धारा 163 लागू, जुलूस-धरना पर प्रतिबंध


