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Friday, March 20, 2026

“रायपुर अस्पताल हादसा: सीवरेज सफाई के दौरान 3 कर्मचारियों की मौत, 24 घंटे बाद FIR दर्ज”

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रायपुर, 20 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सीवरेज सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में तीन सफाई कर्मचारियों की मौत के मामले में पुलिस ने घटना के करीब 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज कर ली है। इस घटना ने एक बार फिर मैन्युअल स्कैवेंजिंग और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के अनुसार, टिकरापारा थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर में सफाई ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (IPC की संबंधित धाराओं) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के कर्मचारियों को सीवरेज टैंक में उतारा गया, जिससे दम घुटने की वजह से उनकी मौत हो गई।

राष्ट्रीय आयोग सख्त, परिजनों से मुलाकात
घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल रायपुर पहुंचे। उन्होंने बीएसयूपी कॉलोनी, संतोषी नगर स्थित पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और पूरे मामले की जानकारी ली।

इसके बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ नगर निगम आयुक्त विश्वदीप भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान आयोग ने सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही पाई और इस पर गहरी नाराजगी जताई।

“शाम के बाद सफाई कराना गैरकानूनी”
हरदीप सिंह गिल ने स्पष्ट रूप से कहा कि सेप्टिक टैंक या सीवरेज की सफाई शाम या रात के समय कराना सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में नियमों की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

उन्होंने कहा कि:
“सफाई कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया गया। यह गंभीर लापरवाही है और इसकी विस्तृत जांच की जाएगी।”
आयोग ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की घोषणा की है।

24 घंटे बाद FIR, उठे सवाल
यह हादसा मंगलवार शाम को हुआ था, लेकिन पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने में लगभग 24 घंटे का समय लगने पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।

मुआवजे की घोषणा
हरदीप सिंह गिल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मृतकों के परिजनों को तत्काल 30-30 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

बड़ा सवाल: कब रुकेगी ऐसी घटनाएं?
यह हादसा देश में अब भी जारी असुरक्षित सीवरेज सफाई व्यवस्था और मैन्युअल स्कैवेंजिंग की समस्या को उजागर करता है। कानूनन प्रतिबंधित होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।

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