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Saturday, March 14, 2026

छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का काला सच: खेती की आड़ में नशे का कारोबार, क्या 36 गढ़ बनेगा नशे का गढ़?

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रायपुर_न्यूज डेस्क_13 मार्च 2026

बलरामपुर जिले में कुसमी के बाद कोरंधा के खजूरी गांव में ढाई एकड़ पर अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई। ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासन ने फसल उखाड़ ली और 2 किसानों को गिरफ्तार किया। लेकिन सवाल उठ रहे हैं—खेती की आड़ में किसान क्यों अफीम उगा रहे? नशा कारोबार क्यों फल-फूल रहा, और सरकार कैसे रोकेगी?

क्यों खेती की आड़ में अफीम पैदा कर रहे किसान?
अफीम की खेती आसान और मुनाफे वाली लगती है। जंगली इलाकों में, खासकर झारखंड सीमा से लगे गांवों में, किसान गेहूं-मक्का दिखाकर अफीम छुपाते हैं। बलरामपुर के त्रिपुरी घोषणा डांड में 3.67 एकड़ पर 4344 किलो अफीम (मूल्य 4.75 करोड़) जब्त हुई, 7 आरोपी गिरफ्तार। दुर्ग में भी BJP नेता विनायक ताम्रकार समेत 3 गिरफ्तार, 14 लाख पौधे बरामद।

मुख्य कारण हो सकता है :कानून की अज्ञानता, गरीबी, बाहरी तस्करों का लालच, और कम surveillance। किसान लीज पर जमीन लेकर उगाते हैं, क्योंकि अफीम का बाजार काला है—1 किलो की कीमत लाखों में। लेकिन नशा बढ़ाना कभी उचित नहीं; यह युवाओं को बर्बाद कर रहा।

नशे का कारोबार क्यों बढ़ रहा छत्तीसगढ़ में?
राज्य में नशा मामलों में तेज उछाल—गांजा, चरस, ब्राउन शीगर, अफीम हर गली में। पिछले सालों में अपराध ग्राफ 70% नशे से जुड़े। छत्तीसगढ़ ने पंजाब जैसे राज्यों को पीछे छोड़ा। सीमावर्ती इलाके (झारखंड, ओडिशा) तस्करी का हब बन गए।

क्या 36 गढ़ नशे का गढ़ बनेगा? नहीं, अगर सख्ती बढ़े। लेकिन दवाई दुकानों पर नशीली गोलियां-सीरप बिकना, पुलिस की निष्क्रियता चिंता बढ़ा रही।

सरकार कैसे करेगी जांच, कहां-कहां अफीम उगाई जा रही?
CM विष्णुदेव साय ने जीरो टॉलरेंस दिखाया। सभी कलेक्टरों को निर्देश: 15 दिनों में संभावित क्षेत्रों का सघन सर्वे, रिपोर्ट भेजें। नारकोटिक्स एजेंसी, फॉरेंसिक टीम तैनात।

हॉटस्पॉट्स: बलरामपुर (कुसमी, कोरंधा, तुर्रीपानी खजुरी), दुर्ग (समोदा, झेनझरी), जंगली-सीमावर्ती गांव।
-कार्रवाई: ग्रामीण टिप्स पर छापे, डिजिटल सर्वे, गिरफ्तारियां। कोरंधा में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में फसल नष्ट।
-भविष्य प्लान: जागरूकता कैंप, बॉर्डर चेकिंग, कलेक्टर निरीक्षण।

प्रभाव और चेतावनी
होटल-सड़क हादसे, परिवार बर्बाद। सरकार ने साफ कहा—दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। लेकिन राजनीतिक कनेक्शन (BJP नेता मामले) सवाल उठा रहे।

क्या आपका इलाका प्रभावित? शिकायत करें: स्थानीय पुलिस या टोल-फ्री नंबर। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें!


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